एपीजे इंटरनेशनल स्कूल में ‘बाल रामायण’ का भव्य मंचन, नन्हे कलाकारों ने अभिनय से मोहा मन; श्रीराम के आदर्शों और भारतीय संस्कृति का दिया संदेश
ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। एपीजे इंटरनेशनल स्कूल, ग्रेटर नोएडा में भारतीय संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों को समर्पित ‘बाल रामायण’ का भव्य मंचन किया गया। विद्यालय के नन्हे विद्यार्थियों ने अपने शानदार अभिनय, प्रभावशाली संवाद और मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और मर्यादाओं को मंच पर साकार कर दिया। बच्चों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और उत्साह ने कार्यक्रम में मौजूद अभिभावकों और अतिथियों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम में एपीजे एजुकेशन सोसाइटी की शिक्षा अधिकारी सुश्री अनीता पॉल और एपीजे रिदम्स किंडरवर्ल्ड की हेडमिस्ट्रेस सुश्री कोमल नथानी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। समारोह का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत, दीप प्रज्वलन और श्लोक वाचन के साथ हुआ। शुरुआत से ही पूरे वातावरण में भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा की झलक दिखाई दी।
नन्हे कलाकारों ने जीवंत की रामायण की कथा
‘बाल रामायण’ के मंचन में विद्यार्थियों ने आकर्षक वेशभूषा, सधे हुए संवाद और प्रभावशाली अभिनय के जरिए रामायण की कथा को प्रस्तुत किया। भक्ति गीतों और मनमोहक नृत्य ने कार्यक्रम को भावपूर्ण बना दिया। मंच पर बच्चों की सहज अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास ने दर्शकों को प्रभावित किया। उनकी प्रस्तुतियों को उपस्थित लोगों ने सराहा। इस आयोजन ने यह भी दिखाया कि सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ भारतीय परंपराओं और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को समझने का अवसर देते हैं।

सत्य, त्याग और मर्यादा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या ने अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति, संस्कारों और नैतिक मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा सत्य, कर्तव्यनिष्ठा और मर्यादा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।।उन्होंने रामायण की शिक्षाओं को जीवन में उतारने और परिवार, समाज तथा अपने कर्तव्यों के प्रति जिम्मेदारी निभाने के महत्व पर भी जोर दिया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि जीवन में सफलता के साथ अच्छे संस्कार, अनुशासन और नैतिक आचरण भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
रामायण की शिक्षाओं से जुड़े विद्यार्थी
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन से प्रेरित करना और सत्य, आज्ञाकारिता, त्याग, प्रेम, करुणा तथा मर्यादा जैसे मूल्यों से परिचित कराना रहा। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि रामायण केवल धार्मिक कथा नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली सांस्कृतिक और नैतिक धरोहर भी है।।एपीजे इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित ‘बाल रामायण’ विद्यार्थियों के लिए प्रतिभा प्रदर्शन के साथ भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और आदर्श जीवनशैली को समझने का यादगार अवसर बना। कार्यक्रम ने बच्चों के भीतर सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान और नैतिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा जगाई।

Comments (0)
Leave a Comment