नोएडा, रफ्तार टुडे।
भूमाफिया के चंगुल में फंसी नोएडा प्राधिकरण की अधिगृहीत क्षेत्र की जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए जिला प्रशासन नोएडा प्राधिकरण की संयुक्त टीम कार्य करेगी। यह निर्णय सोमवार की देर शाम डीएम मनीष वर्मा और नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी की अध्यक्षता में लैंड बैंक को लेकर आयोजित बैठक में लिया गया। सरकारी जमीन पर हो रखे अतिक्रमण भी दोनों विभाग मिलकर सख्ती से कार्रवाई करेंगे। यह बैठक नोएडा प्राधिकरण कार्यालय में हुई।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी और जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की मौजूदगी में दोनों विभाग के अधिकारियों के बीच बैठक हुई। प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि लैंड बैंक बढ़ाने के लिए सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने को प्राधिकरण और जिला प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा तहसील के लेखपाल और नायब तहसीलदार की ओर से भी सहयोग दिया जाएगा। जिन प्रकरणों में नोएडा और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा पैमाइश की जानी है, उन मामलों में जल्द तिथियां लगाकर पैमाइश की कार्रवाई कराई जाएगी।
बैठक में मुद्दा उठा कि प्राधिकरण द्वारा आपसी समझौते से जमीन लिए जाने से पहले तहसीलों से स्वामित्व का प्रमाण पत्र और अन्य अभिलेख चाहिए होते हैं। इन मामलों में तहसील से आख्या प्राप्त होने में काफी समय लगता है। इसके अलावा भूमि क्रय किए जाने के बाद नामान्तरण के काफी प्रकरण तहसीलों में लंबित हैं। बैठक में ये सूची जिला प्रशासन को उपलब्ध करा दी गई। बैठक में सहमति बनी कि इस मामले में जल्द प्रक्रिया पूरी की जाए।

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