नोएडा, रफ्तार टुडे। दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का चौथा चरण लागू कर दिया है। इस फैसले के तहत, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में BS-3 और BS-4 डीजल वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
सोमवार सुबह 9 बजे से यह प्रतिबंध प्रभावी हो गया है, जिसका पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और पुलिस को सख्त निर्देश दिए गए हैं।

प्रदूषण के गंभीर स्तर पर प्रशासन सख्त

नोएडा और ग्रेटर नोएडा का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 380 के पार पहुंच गया है, जबकि दिल्ली का AQI 480 के ऊपर है। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए पहले से ही निर्माण कार्यों पर GRAP-3 के तहत रोक लगी हुई है। अब GRAP-4 के अंतर्गत:

  1. डीजल वाहनों पर प्रतिबंध:

BS-3 और BS-4 डीजल वाहन पूरी तरह से बैन।

डीजल से चलने वाले ट्रकों को भी सीमा पर रोकने के निर्देश

  1. :सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा

डीजल के बजाय सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को प्राथमिकता दी जा रही है।

  1. निर्माण कार्यों पर रोक:

निर्माणाधीन साइटों पर वाहनों की आवाजाही भी बंद।

क्या बंद होंगे स्कूल?

GRAP-4 लागू होने के बाद स्कूलों को बंद करने की भी सलाह दी गई है। हालांकि, फिलहाल नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ऐसा कोई आदेश नहीं जारी किया गया है।प्रशासन के अनुसार, सोमवार को AQI 350 से कम रहने के कारण स्कूलों को बंद नहीं किया गया।

स्थिति का पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा, जिसके बाद इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

दफ्तरों में वर्क फ्रॉम हो सकता है लागू

सरकारी और निजी कार्यालयों में 50% कर्मचारियों को घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) करने के निर्देश फिलहाल लागू नहीं किए गए हैं। हालांकि, सरकार जल्द ही इस पर विचार कर सकती है।

नोएडा और ग्रेटर नोएडा के हालात

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण लोग स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, प्रदूषण के चलते सांस की बीमारियों, गले में जलन, और आंखों में खुजली जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।

सरकार का कदम:

प्रशासन ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए और सख्त उपायों पर विचार करना शुरू कर दिया है।

जनता को सुझाव:
नागरिकों से अपील की जा रही है कि वे बाहर निकलने पर मास्क का उपयोग करें और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों का उपयोग न करें।

प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए अगले कदम

  1. प्रदूषणकारी गतिविधियों पर रोक:

औद्योगिक इकाइयों पर नजर।

गैर-अनुमोदित ईंधन के इस्तेमाल पर सख्ती

  1. जनता का सहयोग:

लोगों से कारपूलिंग, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, और इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ाने की अपील।

  1. स्वास्थ्य सुविधाएं:

अस्पतालों और क्लीनिकों में प्रदूषण से जुड़ी बीमारियों के इलाज के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।

GRAP 4 का असर

GRAP-4 लागू होने के बाद:

वाहनों की आवाजाही: डीजल वाहनों की कमी के कारण सड़कों पर ट्रैफिक में कमी देखने को मिल रही है।

निर्माण क्षेत्र: निर्माण कार्य ठप होने से प्रदूषण में थोड़ी गिरावट दर्ज की जा रही है।

स्वास्थ्य पर प्रभाव: प्रदूषण के कारण अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन मास्क और एहतियात अपनाने से राहत मिलने की उम्मीद है।


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