ग्रेटर नोएडा कोर्ट, रफ़्तार टुडे। गाजियाबाद में वकीलों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में गौतमबुद्ध नगर के वकीलों ने गुरुवार को पूर्ण हड़ताल का आह्वान किया, जिसके चलते जिले के सभी न्यायालयों में कामकाज पूरी तरह से ठप रहा। यह निर्णय जिला दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता अध्यक्ष उमेश भाटी देवटा एडवोकेट ने की और संचालन सचिव धीरेन्द्र भाटी साकीपुर एडवोकेट ने किया।


गाजियाबाद घटना का विरोध

सचिव धीरेन्द्र भाटी ने कहा:
"गाजियाबाद में अधिवक्ताओं पर हुए अत्याचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह हड़ताल वकील समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुटता का प्रतीक है। हमारी लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक न्याय नहीं मिलता।"

बैठक में यह भी तय हुआ कि गाजियाबाद बार एसोसिएशन द्वारा प्रस्तुत मांग पत्र का पूर्ण समर्थन किया जाएगा। वकीलों ने कहा कि इस संघर्ष में उत्तर प्रदेश और देशभर की अन्य बार एसोसिएशन के साथ मिलकर आंदोलन तेज किया जाएगा।


प्रदर्शन और न्यायिक कार्य पर असर

हड़ताल के दौरान वकीलों ने न्यायालय परिसर में प्रदर्शन कर गाजियाबाद पुलिस के इस कृत्य की घोर निंदा की। वकीलों ने एक सुर में कहा कि यह आंदोलन केवल एक घटना के खिलाफ नहीं, बल्कि अधिवक्ता समुदाय के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए है।

इस हड़ताल के कारण न्यायिक कार्य पूरी तरह से ठप रहा, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में देरी हुई। न्यायालय में आने वाले वादकारी भी असुविधा का सामना करते नजर आए।


भविष्य की रणनीति

बैठक में वकीलों ने निर्णय लिया कि यदि मांगें जल्द पूरी नहीं की जाती हैं, तो आंदोलन को राज्यव्यापी और राष्ट्रीय स्तर तक ले जाया जाएगा। वकीलों का कहना है कि न्यायपालिका में उनके अधिकारों की रक्षा के लिए यह आंदोलन ऐतिहासिक साबित होगा।

वकीलों की मुख्य मांगें:

  1. गाजियाबाद लाठीचार्ज की उच्चस्तरीय जांच
  2. दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
  3. वकीलों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए ठोस नीतियां

सचिव धीरेंद्र भाटी साकीपुर का संदेश

सचिव धीरेन्द्र भाटी ने वकीलों से अपील की कि वे इस संघर्ष में एकजुटता बनाए रखें। उन्होंने कहा: "हम अपने अधिकारों के लिए हर स्तर पर लड़ाई जारी रखेंगे। यह आंदोलन केवल शुरुआत है।"


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