ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। किसानों के अधिकारों और मांगों को लेकर पिछले कई महीनों से चल रहा आंदोलन आखिरकार खत्म हो गया। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर धरना दे रहे किसानों और अधिकारियों के बीच गुरुवार को सहमति बन गई। इस ऐतिहासिक बैठक में निर्णय लिया गया कि अब हर बृहस्पतिवार को किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए प्राधिकरण में विशेष बैठक आयोजित की जाएगी।

जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव और सुनील कुमार सिंह की मौजूदगी में यह बैठक भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के जिलाध्यक्ष महेंद्र मुखिया के नेतृत्व में हुई। इस निर्णय के बाद किसानों ने धरना समाप्त करने का ऐलान किया।


धरने के पीछे की वजह: किसान अपने अधिकारों की लड़ाई में मजबूती से डटे थे

ग्रेटर नोएडा के किसान लंबे समय से अपनी कई समस्याओं और अधिकारों की मांग को लेकर प्राधिकरण के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। प्रमुख मांगें थीं:

  1. औद्योगिक इकाइयों, शिक्षण संस्थानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में किसानों के बच्चों के लिए रोजगार और शिक्षा में आरक्षण।
  2. आबादी भूखंडों के विभाजन के लिए स्पष्ट नीति का निर्माण।
  3. बैक लीज की समस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण।

किसानों का कहना था कि उनकी मांगों को बार-बार नजरअंदाज किया जा रहा था, जिसके कारण उन्हें धरना देने पर मजबूर होना पड़ा।


बैठक का निर्णय: समाधान की दिशा में ठोस पहल

बैठक में किसानों और प्राधिकरण के बीच कई महत्वपूर्ण सहमतियां बनीं। अब से हर गुरुवार को प्राधिकरण में किसान प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित होगी। तत्काल समाधान योग्य समस्याओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

बड़े और नीतिगत मामलों को प्राधिकरण के बोर्ड के समक्ष रखा जाएगा। रोजगार और शिक्षा में आरक्षण की मांग पर विस्तृत नीति तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।आबादी भूखंडों के विभाजन और बैक लीज की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के साथ किया जाएगा।


किसानों की एकजुटता ने प्रशासन को झुकने पर मजबूर किया

इस आंदोलन में किसानों की एकजुटता और नेतृत्व की तारीफ की जा रही है। प्राधिकरण अधिकारियों ने भी माना कि किसानों की मांगें जायज थीं और उन्हें हल करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

बैठक में डीएम मनीष कुमार वर्मा, एडीएम अतुल कुमार, पुलिस अधिकारी हृदेश कुमार, और प्राधिकरण के एसडीएम जितेंद्र गौतम सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


ग्रेटर नोएडा के किसानों के लिए ऐतिहासिक दिन

इस बैठक और समझौते को किसानों की एक बड़ी जीत माना जा रहा है। यह कदम न केवल किसानों के भविष्य को सुरक्षित करेगा, बल्कि प्रशासन और किसानों के बीच विश्वास का पुल भी बनाएगा।


क्या बोले किसान नेता?

भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के जिलाध्यक्ष महेंद्र मुखिया ने बैठक के बाद कहा, "यह आंदोलन किसानों की एकजुटता और दृढ़ संकल्प का नतीजा है। प्रशासन ने हमारी बात सुनी और हमारी समस्याओं के समाधान का वादा किया है। अब हम हर गुरुवार को अपने मुद्दे प्राधिकरण के सामने रखेंगे।"


किसानों को मिलेगी राहत, अब समाधान की उम्मीद

प्राधिकरण की नई पहल से हजारों किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। रोजगार, शिक्षा, और भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कार्रवाई की जाएगी। किसानों का धरना समाप्त होना ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है।


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