नोएडा, रफ्तार टुडे। भारत की शिक्षा प्रणाली अब बदल रही है। परंपरागत रटंत प्रणाली की जगह अब कौशल-आधारित शिक्षा (Skill-Based Learning) को प्राथमिकता दी जा रही है। इसका उद्देश्य सिर्फ किताबों तक सीमित ज्ञान देने के बजाय छात्रों को भविष्य की नौकरियों और इंडस्ट्री की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है। इसी दिशा में गलगोटियास यूनिवर्सिटी ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है, जिसने उच्च शिक्षा की परिभाषा को ही बदलने का संकल्प लिया है।

एजुकेशन 4.0 की ओर बढ़ते कदम

शिक्षा जगत में इस बदलाव को गति देने के लिए एसोचैम (ASSOCHAM) द्वारा इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में 17वें राष्ट्रीय शिक्षा नेतृत्व और कौशल विकास सम्मेलन 2025 का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में देश की नामी शख्सियतों ने हिस्सा लिया, जिनमें प्रमुख रूप से नागालैंड सरकार के उच्च शिक्षा एवं पर्यटन मंत्री श्री तेम्जेन इम्ना अलोंग, चितकारा यूनिवर्सिटी की प्रो-चांसलर डॉ. मधु चितकारा, क्यूएस आई-गेज के प्रबंध निदेशक रविन नायर, और एसोचैम राष्ट्रीय शिक्षा परिषद के अध्यक्ष कुंवर शेखर विजेंद्र शामिल थे।

गलगोटियास यूनिवर्सिटी ने रखी नई शिक्षा प्रणाली की नींव

गलगोटियास यूनिवर्सिटी के सीईओ डॉ. ध्रुव गलगोटिया को इस सम्मेलन में बतौर विशिष्ट वक्ता आमंत्रित किया गया। अपने उद्घाटन भाषण में उन्होंने कहा,

"आज का दौर इंडस्ट्री 4.0 का है। हमें शिक्षा को इस दिशा में ढालना होगा, ताकि हमारे छात्र सिर्फ डिग्रीधारी न बनें, बल्कि भविष्य की नौकरियों के लिए पूरी तरह तैयार हों। भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए हमें स्किल-बेस्ड एजुकेशन को अपनाना होगा।"

उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि अब पारंपरिक शिक्षा को पूरी तरह बदलने की जरूरत है। विश्वविद्यालयों को इंडस्ट्री पार्टनरशिप, एडवांस रिसर्च प्रोग्राम्स और डिजिटल अपस्किलिंग कोर्सेज़ को अपने कोर करिकुलम में शामिल करना चाहिए। इससे न केवल छात्रों को अधिक रोजगार के अवसर मिलेंगे, बल्कि वे खुद भी इनोवेटर्स और एंटरप्रेन्योर बन सकेंगे।

गलगोटियास यूनिवर्सिटी का 'जी-स्केल' मॉडल: शिक्षा की नई क्रांति

गलगोटियास यूनिवर्सिटी ने शिक्षा प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए 'G-SCALE' (Galgotias Student-Centered Active Learning Ecosystem) नामक मॉडल पेश किया है। यह एक ऐसा एजुकेशनल इकोसिस्टम है जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), इंडस्ट्री प्रोजेक्ट्स, और डिजिटल अपस्किलिंग को मिलाकर छात्रों को प्रैक्टिकल नॉलेज देता है।

इस मॉडल की कुछ प्रमुख विशेषताएँ इस प्रकार हैं:

  • प्रैक्टिकल स्किल्स पर ज़ोर: केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि वास्तविक समस्याओं को हल करने पर ध्यान।
  • इंडस्ट्री एक्सपोजर: छात्रों को मल्टीनेशनल कंपनियों के साथ लाइव प्रोजेक्ट्स पर काम करने का मौका।
  • डिजिटल अपस्किलिंग: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, मशीन लर्निंग जैसे भविष्य के टॉप स्किल्स का प्रशिक्षण।
  • रिसर्च और इनोवेशन: छात्रों को नए इनोवेशन और स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया जाता है।

2030 तक जॉब मार्केट में बड़ा बदलाव, स्किल्ड वर्कफोर्स की होगी मांग

एक रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक भारत में 50% से अधिक नौकरियों में डिजिटल साक्षरता, प्रॉब्लम-सॉल्विंग और टेक्निकल अपस्किलिंग की आवश्यकता होगी। ऐसे में पारंपरिक शिक्षा मॉडल छात्रों को इन चुनौतियों के लिए तैयार नहीं कर सकता।

डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने इस मुद्दे पर कहा,

"आज शिक्षा का अर्थ केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं रह गया है। अब हमें छात्रों को इंडस्ट्री रेडी बनाना होगा ताकि वे 21वीं सदी के कौशलों से लैस हो सकें। गलगोटियास यूनिवर्सिटी इसी दिशा में काम कर रही है और हमारा उद्देश्य छात्रों को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करना है।"

भारतीय शिक्षा प्रणाली में ऐतिहासिक बदलाव की शुरुआत

गलगोटियास यूनिवर्सिटी जैसी संस्थाएँ शिक्षा प्रणाली में बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। पारंपरिक रटंत विद्या को छोड़कर अब 'लर्न बाय डूइंग' यानी प्रैक्टिकल लर्निंग को प्राथमिकता दी जा रही है। इस नई प्रणाली से छात्रों को प्रॉब्लम-सॉल्विंग, क्रिटिकल थिंकिंग, और एनालिटिकल स्किल्स विकसित करने का अवसर मिल रहा है।

डॉ. गलगोटिया ने कहा,

"विश्वविद्यालयों और इंडस्ट्री को मिलकर काम करना होगा ताकि छात्रों को टेक्नोलॉजी और बिज़नेस स्किल्स में दक्ष बनाया जा सके। आने वाले समय में वही देश प्रगति करेगा, जो अपनी शिक्षा प्रणाली को इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से बदलेगा।"

निष्कर्ष

गलगोटियास यूनिवर्सिटी द्वारा पेश किया गया 'जी-स्केल' मॉडल और इंडस्ट्री 4.0 आधारित शिक्षा प्रणाली भविष्य की जरूरतों के अनुसार छात्रों को तैयार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यदि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाना है, तो इस तरह की स्किल-बेस्ड लर्निंग को पूरे देश में अपनाना होगा।

हैशटैग्स:

#SkillBasedLearning #EducationRevolution #GalgotiasUniversity #DigitalIndia #Innovation #Industry4.0 #HigherEducation #DevelopedIndia2047 #RaftarToday #Noida #GreaterNoida #Jobs2030 #SkillDevelopment #ArtificialIntelligence #FutureOfEducation #NewEducationPolicy #PracticalLearning #IndianEducationSystem #GScaleModel #StartupIndia #Entrepreneurship


? Raftar Today व्हाट्सएप चैनल से जुड़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक को टच करें।
Follow the Raftar Today channel on WhatsApp

**Twitter (X): Raftar Today (@raftartoday)