अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: प्रशांत कुमार Updated Wed, 01 Dec 2021 07:55 PM IST

सार

फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन का कहना है कि समय पर काउंसलिंग नहीं हो रही है। जिसकी वजह से पीजी छात्रों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 

प्रदर्शन करते डॉक्टर, फाइल फोटो

प्रदर्शन करते डॉक्टर, फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

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विस्तार

एक ओर कोरोना वायरस के नए वैरिएंट को लेकर पूरे देश में हड़कंप मचा हुआ है। दूसरी ओर दिल्ली सहित देश भर के अस्पतालों में रेजिडेंट डॉक्टर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अब करीब 45 हजार डॉक्टरों ने आगामी शुक्रवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। दिल्ली के सभी सरकारी अस्पतालों में कार्यरत रेजिडेंट डॉक्टरों ने तीन दिसंबर से ओपीडी सेवाएं बंद रखने के साथ साथ आपातकालीन सेवाओं में भी शामिल नहीं होने का फैसला लिया है।

बुधवार को फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया को पत्र लिख तत्काल नीट पीजी काउंसलिंग कराने के लिए कहा है। अगर समय रहते उनकी मांग पर विचार नहीं किया गया तो आगामी तीन दिसंबर से अस्पतालों में चिकित्सीय सेवाएं बाधित रह सकती हैं। फोर्डा के अनुसार देश भर के करीब 45 हजार डॉक्टर सरकार के इस रवैये से परेशान हैं। कोरोना महामारी की वजह से पहले ही उनका शैक्षणिक सत्र देरी से चल रहा है। इसके बाद परीक्षाओं में देरी हुई और अब काउंसलिंग भी समय पर नहीं हो रही है। जिसकी वजह से पीजी छात्रों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 



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