जेवर। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने आज ऐसे ऐतिहासिक कदम की शुरुआत की है जो पूरे जेवर, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी के औद्योगिक भविष्य को तेज़ रफ्तार देगा।

आज सेक्टर-10 में 23 एकड़ के बड़े भूखंड का आवंटन मेसर्स मिंडा कॉरपोरेशन लिमिटेड को सौंप दिया गया। यह आवंटन सिर्फ एक जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि उद्योग विकास की एक नई यात्रा की शुरुआत है।

मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री राकेश कुमार सिंह ने यह आवंटन पत्र कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री आकाश मिंडा को सौंपा। समारोह में YEIDA के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री नागेंद्र प्रताप सिंह, विशेष कार्याधिकारी श्री शैलेन्द्र भाटिया, और मिंडा ग्रुप के हेड कॉर्पोरेट अफेयर्स श्री अमित जालान उपस्थित रहे।

भूखंड सौंपते ही साफ हो गया कि— यमुना सिटी अब ऑटोमोबाइल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का नया ग्लोबल केंद्र बनने की राह पर है।

23 एकड़ में खड़े होंगे हाई-टेक प्लांट के टावर – बनेगी 48 लाख यूनिट वायरिंग हार्नेस!

मिंडा कॉरपोरेशन लिमिटेड अपने नए प्लांट में 48,00,000 यूनिट वायरिंग हार्नेस और उससे जुड़े कनेक्शन सिस्टम बनाएगी।

ये वही तकनीकी पार्ट्स हैं जो—

कारों

इलेक्ट्रिक वाहनों

कमर्शियल व्हीकल्स

टू-व्हीलर्स

और हाई-एंड मशीनरी

में लगाए जाते हैं।

इससे यह साफ है कि यह प्लांट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास बनने वाली इंडस्ट्रियल सिटी को भारत का नया ऑटो-कॉम्पोनेंट हब बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

कंपनी का निवेश आंकड़ा भी किसी मेगा प्रोजेक्ट से कम नहीं—
₹522.279 करोड़ का विशाल निवेश!
जो इस क्षेत्र में बड़े स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने वाला है।

प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार की आएगी बाढ़

इस मेगा प्रोजेक्ट से— हजारों लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा
स्थानीय युवाओं को हाई-टेक स्किल डेवलपमेंट का मौका
आस-पास सप्लाई चेन, लॉजिस्टिक्स, पैकिंग, ट्रांसपोर्ट और छोटे उद्योगों में अप्रत्यक्ष रोजगार

यही वजह है कि YEIDA सेक्टर-10 धीरे-धीरे अगला इंडस्ट्रियल टाउनशिप पावरहाउस बनता जा रहा है।

स्पार्क मिंडा ग्रुप: 27 वैश्विक यूनिट्स और दुनिया भर में चमकती पहचान

मिंडा कॉरपोरेशन लिमिटेड, प्रसिद्ध स्पार्क मिंडा ग्रुप का हिस्सा है।

यह कंपनी पहले से ही दुनिया भर में अपना परचम लहरा रही है: भारत
वियतनाम
इटली
जापान
इंडोनेशिया

इन देशों में 27 प्रोडक्शन यूनिट्स पहले से कार्यरत हैं।

कंपनी का व्यवसाय बहुत विस्तृत है: Mechatronics

Information & Connected Systems

Plastic & Interior Components

Aftermarket Solutions

Electric Vehicles & Electronics

यह दिखाता है कि कंपनियों का झुकाव अब तेजी से यमुना सिटी की ओर बढ़ रहा है।

तकनीक का हब: R&D सेंटर भी बना चुके हैं ग्लोबल स्तर पर

मिंडा कॉरपोरेशन सिर्फ प्रोडक्शन ही नहीं करती, बल्कि रिसर्च और इनोवेशन में भी अग्रणी है।
देश के दो प्रमुख R&D सेंटर—

पुणे
बेंगलुरु

में स्थापित किए गए हैं, जहां से कंपनी अपनी हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग के लिए रिसर्च करती है।

यानी अब ऐसी तकनीक—जो सीधे फॉर्च्यून-500 कंपनियां अपने वाहन और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम में उपयोग करती हैं—वह अब जेवर क्षेत्र में भी बनेगी।

क्यों मिंडा ने चुना YEIDA? उत्तर है – इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली यूपी!

उत्तर प्रदेश सरकार की Investment Promotion Policy के तहत मिंडा कॉरपोरेशन को फॉर्च्यून 500 कंपनी होने का लाभ मिला है।

इस नीति के अंतर्गत—भारी सब्सिडी
आसान प्रक्रियाएं
तेज़ क्लीयरेंस
इंफ्रास्ट्रक्चर में बेहतरीन सपोर्ट
एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी

ने कंपनी को जेवर क्षेत्र में निवेश करने के लिए प्रेरित किया।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, फिल्म सिटी, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग हब और लॉजिस्टिक्स पार्कों के बीच यह इंडस्ट्रियल बेल्ट अब देश का सबसे आकर्षक निवेश क्षेत्र बनता जा रहा है।

यमुना सिटी: यूपी का नया इंडस्ट्रियल पावरहाउस

YEIDA क्षेत्र में आने वाले वर्षों में—

ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स हब

EV मैन्युफैक्चरिंग

सप्लाई चेन इंडस्ट्री

वेयरहाउसिंग

एयरोस्पेस पार्ट्स

और ऑटो कंपोनेंट सेक्टर

सब एक नई ऊँचाई पर पहुंचने वाले हैं।

मिंडा का यह मेगा निवेश इस परिवर्तन का एक बड़ा संकेत है।

23 एकड़ की यह चाबी खोलेगी विकास के हज़ार दरवाजे

आज सौंपा गया यह भूखंड केवल भूमि का टुकड़ा नहीं, बल्कि—हजारों युवाओं के रोजगार की उम्मीद
निवेश का विशाल द्वार
यूपी के औद्योगिक भविष्य का मजबूत पिलर
और जेवर की धरती का वैश्विक स्तर पर उदय

बन चुका है।

YEIDA क्षेत्र में निवेश का यह सिलसिला यूपी की नई औद्योगिक क्रांति का आधार बनने जा रहा है।
जेवर—अब सिर्फ एयरपोर्ट का शहर नहीं, बल्कि भविष्य का ग्लोबल इंडस्ट्रियल हब बनने जा रहा है!