विधायक धीरेन्द्र सिंह ने पौधरोपण कर अभियान की शुरुआत की, स्कूली बच्चों और ग्रामीणों ने भी लिया हिस्सा

जेवर, रफ़्तार टूडे। पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र के विस्तार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुक्रवार को यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में वृहद पौधरोपण अभियान चलाया गया। यमुना प्राधिकरण के 60 मीटर रोड के साथ विकसित 50 मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट में आयोजित कार्यक्रम में विधायक धीरेन्द्र सिंह ने पौधरोपण कर अभियान की शुरुआत की। कार्यक्रम में प्राधिकरण के अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ स्कूली छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।

यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के निरंतर सेवाकाल की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने और नागरिकों को ‘विकसित भारत 2047’ के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ने के उद्देश्य से 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किए जा रहे 12 प्रमुख कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत आयोजित किया गया।

50 मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट में पौधरोपण

यमुना प्राधिकरण के 60 मीटर रोड के किनारे स्थित 50 मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट में विभिन्न देशी प्रजातियों के पौधे लगाए गए। अभियान के दौरान नीम, पीपल, बरगद, अर्जुन और पिलखन जैसी प्रजातियों को प्राथमिकता दी गई।

आयोजकों के अनुसार, देशी प्रजातियों के पौधों के रोपण से क्षेत्र के हरित आवरण को बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही स्थानीय पर्यावरणीय परिस्थितियों के अनुरूप पौधों के विकास और जैव विविधता को बढ़ावा देने की दिशा में भी यह पहल उपयोगी हो सकती है।

बच्चों और ग्रामीणों ने भी निभाई भागीदारी

पौधरोपण अभियान में स्कूली छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। बच्चों ने स्वयं पौधे लगाए और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान उन्हें पेड़ों के महत्व, हरित क्षेत्र की उपयोगिता तथा पौधों की नियमित देखभाल के बारे में जानकारी दी गई।

बच्चों को यह भी बताया गया कि केवल पौधा लगा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके जीवित रहने और विकसित होने तक उसकी देखभाल करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों को भी लगाए गए पौधों के संरक्षण में सहयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में विधायक धीरेन्द्र सिंह ने पौधरोपण कर अभियान की शुरुआत की

अधिकारियों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम के दौरान यमुना प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी राजेश कुमार, महाप्रबंधक (परियोजना) राजेंद्र भाटी, वरिष्ठ प्रबंधक (उद्यान) डॉ. आरती सिंह समेत प्राधिकरण के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

अधिकारियों ने ग्रीन बेल्ट में पौधों के रखरखाव और उनके संरक्षण की आवश्यकता पर भी जोर दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने के साथ लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना रहा।

पौधरोपण के साथ संरक्षण पर भी जोर

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि पौधरोपण को केवल एक दिन की गतिविधि तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। लगाए गए पौधों की नियमित सिंचाई, सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित होने पर ही पौधरोपण अभियान का वास्तविक लाभ सामने आएगा।

‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प के साथ पर्यावरण संरक्षण को जोड़ते हुए क्षेत्र में हरित विकास को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों और आयोजकों ने कहा कि आने वाले समय में भी पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र के विस्तार से जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जाएगा।

यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में तेजी से हो रहे औद्योगिक, आवासीय और बुनियादी ढांचे के विकास के बीच ग्रीन बेल्ट का विस्तार पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में पौधों का संरक्षण और ग्रीन बेल्ट का प्रभावी रखरखाव आने वाले समय में इस पहल की अहम कड़ी रहेगा।