NIAL के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया के अनुसार, इसी वर्ष के अंत तक नोएडा एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल का काम तेजी से पूरा किया जा रहा है और फिलहाल फिनिशिंग का कार्य चल रहा है। उन्होंने बताया कि अगले माह से BCAS की टीम निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुसार टर्मिनल और संबंधित व्यवस्थाओं की जांच शुरू कर सकती है।
जेवर, रफ़्तार टूडे। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का इंतजार कर रहे यात्रियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। एयरपोर्ट के अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और फिलहाल अंदरूनी फिनिशिंग का काम अंतिम चरण में चल रहा है। अब अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन से पहले सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच की तैयारी की जा रही है। संभावना है कि अक्टूबर से नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) की टीम एयरपोर्ट के अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल और उससे जुड़ी सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण शुरू कर सकती है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NIAL) के अधिकारियों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन के लिए टर्मिनल की सुरक्षा व्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण चरणों में से एक है। BCAS की जांच और अंतिम मंजूरी के बाद ही अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन का रास्ता साफ होगा।
अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल में फिनिशिंग का काम जारी
नोएडा एयरपोर्ट के अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। वर्तमान में टर्मिनल के अंदर फिनिशिंग, इंस्टॉलेशन और अन्य अंतिम तैयारियों का काम किया जा रहा है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की आवाजाही, सुरक्षा जांच और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं को सुचारु बनाने के लिए व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक BCAS की टीम टर्मिनल से जुड़े विभिन्न सुरक्षा क्षेत्रों का बारीकी से निरीक्षण करेगी। इसमें यात्रियों की आवाजाही, बैगेज स्क्रीनिंग, एयरलाइन ऑपरेशन, ग्राउंड हैंडलिंग और एयरपोर्ट सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच शामिल होगी।
BCAS की मंजूरी होगी निर्णायक
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत के लिए BCAS की सुरक्षा मंजूरी को अहम माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसी यह देखेगी कि एयरपोर्ट की नई सुरक्षा व्यवस्था निर्धारित प्रोटोकॉल और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है या नहीं। निरीक्षण के दौरान यदि किसी व्यवस्था में सुधार या अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम की जरूरत सामने आती है तो उसे पूरा किया जाएगा। इसके बाद सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्था पाए जाने पर आवश्यक मंजूरी दी जाएगी। BCAS की अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ही अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को नोएडा एयरपोर्ट से शुरू करने की अनुमति मिल सकेगी।
1334 हेक्टेयर में विकसित हुआ पहला चरण
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को प्रथम चरण में करीब 1334 हेक्टेयर क्षेत्रफल में विकसित किया गया है। एयरपोर्ट पर 3900 मीटर लंबा रनवे, करीब एक लाख वर्गमीटर क्षेत्रफल में पैसेंजर टर्मिनल भवन, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) टावर और कार्गो हब जैसी प्रमुख सुविधाएं विकसित की गई हैं। एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद घरेलू कनेक्टिविटी को लगातार विस्तार दिया जा रहा है। 15 जून से नोएडा एयरपोर्ट से 15 शहरों के लिए घरेलू उड़ानों का संचालन किया जा रहा है। अब यात्रियों और क्षेत्र के लोगों की नजर अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी शुरू होने पर है।
साल के अंत तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की तैयारी
NIAL के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया के अनुसार, इसी वर्ष के अंत तक नोएडा एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल का काम तेजी से पूरा किया जा रहा है और फिलहाल फिनिशिंग का कार्य चल रहा है। उन्होंने बताया कि अगले माह से BCAS की टीम निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुसार टर्मिनल और संबंधित व्यवस्थाओं की जांच शुरू कर सकती है। सुरक्षा जांच और आवश्यक मंजूरियां पूरी होने के बाद अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन की दिशा में आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी का अगला बड़ा चरण
नोएडा एयरपोर्ट से घरेलू उड़ानों के बाद अंतरराष्ट्रीय सेवाओं की शुरुआत क्षेत्र की कनेक्टिविटी के लिहाज से बड़ा कदम होगी। इससे दिल्ली-एनसीआर के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के यात्रियों को भी अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा के लिए एक नया विकल्प मिलेगा। हालांकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की वास्तविक शुरुआत की तारीख BCAS की सुरक्षा मंजूरी और अन्य आवश्यक नियामकीय प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

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