ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।।
विकास की चकाचौंध और आधुनिकता की अंधी दौड़ में जहां समाज अपनी जड़ों से कटता जा रहा है, वहीं वनवासी रक्षा परिवार फाउंडेशन जैसे संगठन भारतीय जीवन मूल्यों और परंपराओं को संजीवनी देने का कार्य कर रहे हैं। रविवार, 8 जून को डेल्टा 3 स्थित एम-20 आवास पर संगठन की गौतमबुद्ध नगर जिला योजना बैठक आयोजित हुई, जिसमें भारतीय संस्कृति के संरक्षण, धर्मांतरण पर नियंत्रण और संस्कार आधारित शिक्षा को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए।


“भौतिक उन्नति के साथ हमने पराभव स्वीकार लिया”: वीरेंद्र शर्मा का भावुक उद्बोधन

बैठक की अध्यक्षता कर रहे विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय मंत्री व संगठन प्रभारी श्री वीरेंद्र शर्मा ने अपने प्रेरणादायक वक्तव्य में कहा,

“हम भले ही भौतिक रूप से आगे बढ़े हैं, लेकिन हमने अपनी पहचान, अपनी आत्मा को खो दिया है। भारतीय परंपराएं वैज्ञानिक हैं, हमारे पूर्वज वैज्ञानिक थे, परंतु पिछले 75 वर्षों में हम विकृति और पाश्चात्य अंधानुकरण के शिकार हो गए हैं।”

उन्होंने कहा कि भारतीय जीवनशैली का मूल ‘परिवार’ है और परिवार में रोज़ाना आधा घंटा प्राणायाम, भजन और सत्संग जैसी गतिविधियां करनी चाहिए।


“संस्कार आधारित भारत ही भविष्य है”: धर्मांतरण को रोकने का लिया गया संकल्प

वीरेंद्र शर्मा ने अपने उद्बोधन में धर्मांतरण के बढ़ते खतरे की ओर भी ध्यान दिलाया और कहा कि

“हम सुविधाओं के लालच में, छोटे लाभ के लिए अपनी पहचान खोते जा रहे हैं। रोहिंग्याओं और मिशनरीज का अप्रत्यक्ष पोषण हमारे अपने समाज से ही हो रहा है। हमें इस चक्रव्यूह से बाहर निकलना होगा।”

वनवासी रक्षा परिवार फाउंडेशन का उद्देश्य केवल ग्रामीण या वनवासी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि शहरी समाज में भी संस्कार और जागरूकता फैलाना उनका प्रमुख मिशन है।


ग्रेटर नोएडा में खुलेंगे 10 ‘प्रतिभा विकास केंद्र’

कार्यक्रम में राजेश दत्ता ने घोषणा करते हुए बताया कि

“इस वर्ष ग्रेटर नोएडा नगर क्षेत्र में 10 प्रतिभा विकास केंद्र खोले जाएंगे, जिनमें वंचित, उपेक्षित और गरीब परिवारों के बच्चों को संस्कार, शिक्षा और व्यक्तित्व विकास का प्रशिक्षण दिया जाएगा।”

इन केंद्रों में नियमित रूप से बाल संस्कार शिविर, योग अभ्यास, नैतिक शिक्षा, देशभक्ति गीत और भारतीय इतिहास से जुड़ी जानकारी दी जाएगी।


संस्कार, सेवा और साधना पर हुआ मंथन

बैठक में उपस्थित जिला संघचालक नौरंग सिंह, प्रोफेसर विवेक कुमार, वीरेंद्र प्रताप सिंह, राजेश बिहारी, शिव नारायण पांडे सहित कई कार्यकर्ताओं ने सुझाव दिए कि

  • आधुनिक शिक्षा में नैतिकता की कमी दूर करनी होगी।
  • शहरी युवाओं को सेवा और श्रम के प्रति प्रेरित करना आवश्यक है।
  • सोशल मीडिया से जुड़कर युवाओं को विचारशील और जागरूक बनाना होगा।
  • संस्कार और सेवा केंद्रों को सिर्फ बच्चों तक सीमित न रखते हुए अभिभावकों को भी जोड़ा जाए।

भागीदारी ने दिखाई एकता और उद्देश्य के प्रति समर्पण

इस महत्वपूर्ण बैठक में जिले भर से जुड़े संघ कार्यकर्ता और विचारक शामिल हुए, जिनमें प्रमुख नाम थे:
राजेंद्र सोनी, आनंद कुमार, अधिवक्ता संजय अग्रवाल, सुशील गुप्ता, डॉ. नीरज कौशिक, डॉ. दिव्या अग्रवाल, संगीता वर्मा, नीरज जिंदल, यतेन्द्र सिंघल, पवन अग्रवाल, अनिल भटनागर, दिलीप गेही और अन्य सैकड़ों कार्यकर्ता।


निष्कर्ष: जब तक संस्कार नहीं, तब तक भारत नहीं

वनवासी रक्षा परिवार फाउंडेशन का यह आयोजन उस आवाज़ का प्रतीक है जो भीड़ में दब चुकी है – “संस्कार ही संस्कृति हैं, संस्कृति ही राष्ट्र है।” जब समाज, विशेषकर युवा वर्ग, भटक रहा है तब ऐसे संगठन ही संस्कार और सेवा की लौ जलाकर आने वाली पीढ़ियों को दिशा दे रहे हैं।


अगला कदम – जनजागरण और ग्राम स्तर तक पहुंच

अब फाउंडेशन ने आगामी महीनों में हर गांव और सेक्टर स्तर पर जनजागरण अभियान चलाने की योजना बनाई है, जिसमें

  • परिवार शास्त्र कार्यशालाएं
  • बाल संस्कार शिविर
  • धर्मांतरण विरोधी जन संवाद
  • नैतिक शिक्षा आधारित प्रतियोगिताएं
    जैसे अनेक कार्यक्रम आयोजित होंगे।

? याद रखें, संस्कृति केवल पूजाघरों तक सीमित नहीं –

हर घर में संस्कार, हर बच्चे में चरित्र, हर नागरिक में कर्तव्य – यही भारत का असली सपना है।


? जुड़ें "Raftar Today" चैनल से और पाएं ऐसी ही समाजोपयोगी ख़बरें

? Raftar Today व्हाट्सएप चैनल से जुड़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक को टच करें।
? Follow the Raftar Today channel on WhatsApp

Twitter (X): Follow Raftar Today (@raftartoday)


? हैशटैग बुलेट:

#वनवासीरक्षापरिवार #संस्कार_ही_संस्कृति #धर्मांतरण_रोकें #ग्रेटरनोएडासमाचार #संस्कारशक्ति #विकास_के_साथ_संस्कार #भारतीयपरंपरा #राष्ट्रवादी_शिक्षा #प्रणायाम_भजन_से_संस्कार #राष्ट्रीय_चेतना #RaftarToday