नोएडा/ग्रेटर नोएडा, रफ्तार टुडे। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में अवैध विज्ञापनों का धंधा अब ज्यादा दिन नहीं टिकेगा! नोएडा प्राधिकरण और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने मिलकर ऐसे विज्ञापन माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई का ऐलान किया है जो बिना अनुमति के शहरभर में होर्डिंग्स और बैनर लगाकर करोड़ों का मुनाफा कमा रहे हैं, लेकिन सरकार को एक पैसा भी नहीं दे रहे।
CEO रवि कुमार और डॉ. लोकेश एम का सख्त संदेश – अवैध विज्ञापन हटाओ, शहर को सुंदर बनाओ!
नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ NG रवि कुमार और नोएडा प्राधिकरण के CEO डॉ. लोकेश एम ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए विज्ञापन विभाग को सख्त निर्देश दिए हैं कि जल्द से जल्द कार्रवाई शुरू की जाए।
"अब अवैध विज्ञापन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।" – यह साफ संदेश दोनों प्राधिकरणों की ओर से दिया गया है।
? क्या है पूरा मामला?
शहर में कई विज्ञापन एजेंसियां और बिल्डर्स सरकारी अनुमति के बिना गोलचक्करों, चौराहों, फुटपाथों, पुलों और ग्रीन बेल्ट पर अवैध होर्डिंग्स और बैनर लगाकर मुनाफा कमा रहे हैं। ये एजेंसियां लाखों रुपये का रिवेन्यू प्राधिकरण को नहीं देतीं, जिससे सरकार को भारी नुकसान हो रहा है।
विज्ञापन माफियाओं का खेल – ब्लैकलिस्ट होने के बाद भी जारी है ठगी!
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कई ऐसी विज्ञापन कंपनियां हैं जो ब्लैकलिस्ट होने के बावजूद अलग-अलग नामों से नए ठेके लेकर अपना गोरखधंधा चला रही हैं।

? कैसे होता है यह खेल?
✅ किसी एजेंसी पर कानूनी कार्रवाई होती है या उसे ब्लैकलिस्ट किया जाता है।
✅ वही मालिक किसी नए नाम से नई एजेंसी खोलकर दोबारा ठेका ले लेता है।
✅ प्राधिकरण को चूना लगाकर करोड़ों की कमाई करता है।
✅ प्राधिकरण कोर्ट में मुकदमे लड़ता है लेकिन इस खेल का अंत नहीं होता!
अब प्राधिकरण ने कस लिए हैं शिकंजे – होगी कड़ी कार्रवाई!
प्राधिकरण ने इस गोरखधंधे को जड़ से खत्म करने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं।
? 1. बकाया वसूली अभियान:
जो कंपनियां वर्षों से भुगतान नहीं कर रही हैं, उनसे जल्द ही करोड़ों रुपये की वसूली की जाएगी।
? 2. ब्लैकलिस्टिंग और कानूनी कार्रवाई:
जो कंपनियां पैसा नहीं चुका रही हैं या गलत तरीके से विज्ञापन लगा रही हैं, उन पर मुकदमा होगा और उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
? 3. फर्जी कंपनियों पर कड़ी नजर:
बार-बार नाम बदलकर ठेका लेने वालों की सूची तैयार की जा रही है और उन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
? 4. अवैध विज्ञापन हटाने का महाअभियान:
शहरभर में बिना अनुमति लगे सभी होर्डिंग्स और बैनर हटाए जाएंगे और दोषियों पर जुर्माना लगाया जाएगा।
? 5. नियम होंगे सख्त:
अब विज्ञापन ठेके देने के लिए नए नियम बनाए जाएंगे, ताकि फर्जी एजेंसियां प्राधिकरण को चूना न लगा सकें।
क्या कहता है हाल ही में हुआ प्राधिकरण का ऑडिट?
नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा हाल ही में किए गए आंतरिक ऑडिट में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं:
? 100+ कंपनियां विज्ञापन ठेके के लिए रजिस्टर्ड हैं, लेकिन इनमें से आधे से ज्यादा कंपनियां बकाया नहीं चुका रही हैं।
? 50 से अधिक एजेंसियों पर करोड़ों रुपये का बकाया है।
? हर साल अवैध विज्ञापनों की वजह से प्राधिकरण को 25-30 करोड़ रुपये का नुकसान होता है।

अब क्या होगा?
✅ अवैध विज्ञापन करने वाले बिल्डरों और कंपनियों से जवाब मांगा जाएगा।
✅ प्राधिकरण जल्द ही बकाया वसूली और ब्लैकलिस्टिंग की प्रक्रिया शुरू करेगा।
✅ शहरभर में एक विशेष टीम बनाई जाएगी जो लगातार निगरानी रखेगी।
CEO रवि कुमार और डॉ. लोकेश एम का दो टूक – अब कोई नहीं बच पाएगा!
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के CEO NG रवि कुमार ने भी कड़ी चेतावनी देते हुए कहा,
"हमने साफ कर दिया है कि जो एजेंसी एक बार ब्लैकलिस्ट हो चुकी है, वह नए नाम से भी ठेका नहीं ले पाएगी।"
नोएडा प्राधिकरण के एक सीनियर अधिकारी का कहना है,
"शहर की सुंदरता को खराब करने और सरकारी राजस्व को चूना लगाने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा, यह हमें ऑर्डर है।"
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में जल्द दिखेगा बड़ा बदलाव!
? अब अवैध विज्ञापन और होर्डिंग्स हटाने का महाअभियान शुरू होगा।
? जिन कंपनियों ने करोड़ों रुपये का भुगतान नहीं किया है, उन पर कड़ी कार्रवाई होगी।
? शहर की सौंदर्यता को बनाए रखने के लिए नए सख्त नियम लागू होंगे।
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