ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 139वीं बोर्ड बैठक ने शनिवार को ऐसे कई ऐतिहासिक निर्णय लिए जिनका सीधा लाभ आमजन, विशेषकर किसान, उद्योगकर्मी और सुरक्षा बलों को मिलेगा। यह बैठक सिर्फ एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि इसे एक बड़े बदलाव के आरंभ के रूप में देखा जा रहा है। बैठक के दौरान जहां किसानों के लंबे समय से लंबित बैकलीज मामलों पर राहत दी गई, वहीं स्वास्थ्य और सुरक्षा के क्षेत्र में भी दो बड़े फैसले लिए गए। ESIC अस्पताल की स्थापना और CISF के लिए आवास की व्यवस्था – इन दोनों कदमों को क्षेत्रीय विकास के साथ सामाजिक सशक्तिकरण से जोड़कर देखा जा रहा है।
बैठक में शामिल हुए प्रदेश के प्रमुख अधिकारी
139वीं बोर्ड बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव व नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यीडा के चेयरमैन मनोज कुमार सिंह ने की, जो वर्चुअली इस अहम मीटिंग से जुड़े। उनके मार्गदर्शन में प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी जैसे सीईओ एन. जी. रवि कुमार, एसीईओ सौम्या श्रीवास्तव, सुनील कुमार सिंह, श्रीलक्ष्मी वी.एस., प्रेरणा सिंह, यीडा के एसीईओ कपिल सिंह, एडीएम बच्चू सिंह व अन्य अधिकारी बैठक में मौजूद रहे। बैठक में लिए गए निर्णयों का दायरा केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह किसानों से लेकर सुरक्षाबलों और औद्योगिक कर्मियों तक फैला हुआ है।
किसानों के लिए लीजबैक मामलों में बड़ी राहत – अब नहीं करनी पड़ेगी बार-बार बोर्ड की दौड़
कई वर्षों से किसान समुदाय जिन समस्याओं से जूझ रहा था, उसमें लीजबैक से जुड़ी लिपिकीय त्रुटियाँ एक बड़ी बाधा बनी हुई थीं। भूमि के क्षेत्रफल या नाम में हुई मामूली गलतियों के चलते किसानों को हर बार बोर्ड बैठक का इंतजार करना पड़ता था। इस बैठक में एक बड़ा निर्णय लेते हुए यह व्यवस्था लागू की गई कि अब ऐसी त्रुटियाँ सीईओ द्वारा गठित समिति की संस्तुति पर ही संशोधित की जा सकेंगी। इससे न केवल किसानों की परेशानी कम होगी, बल्कि लीज बैक की प्रक्रिया भी सरल और तेज़ हो सकेगी।
ESIC अस्पताल की स्थापना – औद्योगिक क्षेत्र में कामगारों के लिए वरदान
ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-5 क्षेत्र में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) को 29,300 वर्ग मीटर भूमि आवंटित की गई है, जिस पर 550 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं से युक्त अस्पताल बनाया जाएगा। यह अस्पताल मुख्यतः औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों और कर्मचारियों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा। वर्तमान में इन कर्मचारियों को नोएडा सेक्टर-24 स्थित एकमात्र ESIC अस्पताल पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे दबाव भी अधिक होता है और दूरी के कारण इलाज में देरी भी होती है।

CISF जवानों को मिलेगा सुरक्षित और समुचित आवास – नोएडा एयरपोर्ट की सुरक्षा में सहयोग
जैसे-जैसे जेवर में निर्माणाधीन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अपनी पूरी रफ्तार पकड़ रहा है, उसकी सुरक्षा को लेकर भी रणनीतिक तैयारी की जा रही है। CISF जवानों को ग्रेटर नोएडा के ओमिक्रॉन-1ए सेक्टर में स्थित 812 आवासीय फ्लैट दिए जाएंगे। ये फ्लैट MIG और LIG श्रेणी के होंगे और उनकी कीमतें भी निर्धारित कर प्राधिकरण द्वारा CISF को प्रस्ताव भेजा गया है। जवानों के लिए रहने की यह व्यवस्था न केवल उनकी कार्यक्षमता को बेहतर बनाएगी, बल्कि एयरपोर्ट की सुरक्षा को भी मजबूती देगी।
पुलिस, न्यायपालिका और प्रशासन को भी मिलेगा आवासीय लाभ
CISF के अलावा, 192 फ्लैट पुलिसकर्मियों, न्यायपालिका, जिला प्रशासन व अन्य सरकारी विभागों के कर्मचारियों को भी दिए जाएंगे। इससे न केवल सरकारी तंत्र को कार्यस्थल के निकट निवास की सुविधा मिलेगी, बल्कि आवासीय असुविधाओं के चलते कार्यक्षमता पर जो प्रभाव पड़ता है, उसे भी समाप्त किया जा सकेगा।
निष्कर्ष – समावेशी विकास और सुशासन की दिशा में ठोस कदम
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की यह बैठक वास्तव में ‘जन के साथ, जन के लिए’ की अवधारणा को मूर्त रूप देने वाली रही। किसानों की वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान, स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार, सुरक्षाबलों के लिए आवास – ये सभी निर्णय विकास को मात्र इन्फ्रास्ट्रक्चर की परिभाषा से आगे ले जाकर सामाजिक कल्याण से जोड़ते हैं। इससे प्राधिकरण की छवि भी एक पारदर्शी, संवेदनशील और दूरदर्शी संस्था के रूप में उभर कर सामने आती है।
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