ग्रेटर नोएडा में हुई बैठक में कपिल शर्मा एडवोकेट को संयोजक चुना गया, गांधी जयंती पर सूरजपुर जिला मुख्यालय पर ज्ञापन देने की तैयारी
ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। आरक्षण व्यवस्था में संशोधन, UGC से जुड़े प्रावधानों को वापस लेने तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम में कानूनी सुधार की मांग को लेकर ग्रेटर नोएडा में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में इन मुद्दों को लेकर संगठित तरीके से अभियान चलाने पर चर्चा हुई। विचार-विमर्श के बाद उपस्थित लोगों ने ‘सवर्ण स्वाभिमान मंच’ के गठन का निर्णय लिया और कपिल शर्मा एडवोकेट को सर्वसम्मति से मंच का संयोजक चुना।
बैठक की अध्यक्षता वैश्य समाज के वरिष्ठ नेता मनोज गोयल ने की, जबकि संचालन प्रमोद शर्मा एडवोकेट ने किया। बैठक में आरक्षण व्यवस्था में संशोधन करते हुए आर्थिक एवं वास्तविक वंचितता को आधार बनाने की मांग पर चर्चा हुई। साथ ही UGC के जिन प्रावधानों को लेकर मंच आपत्ति जता रहा है, उन्हें वापस लेने तथा SC/ST Act के मौजूदा प्रावधानों में आवश्यक कानूनी सुधार की मांग को लेकर जनसंवाद और अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
मंच की ओर से स्पष्ट किया गया कि वह आरक्षण व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करने की मांग नहीं कर रहा है। संगठन का कहना है कि आरक्षण व्यवस्था में बदलाव करते हुए आर्थिक और वास्तविक वंचितता को भी आधार बनाया जाना चाहिए। इसी तरह मंच ने कहा कि SC/ST Act के तहत वास्तविक पीड़ितों को मिलने वाले कानूनी संरक्षण का वह विरोध नहीं करता, बल्कि कथित दुरुपयोग की स्थिति में निर्दोष व्यक्तियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कानूनी प्रक्रिया की मांग करता है।
जिलेभर में संपर्क अभियान चलाने का निर्णय
बैठक में तय किया गया कि मंच पहले गौतमबुद्धनगर में विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिक समूहों से संपर्क करेगा। ब्राह्मण, वैश्य एवं व्यापारी, क्षत्रिय सहित विभिन्न समुदायों के सामाजिक संगठनों और प्रबुद्ध नागरिकों को इन मुद्दों पर साझा संवाद के लिए जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
मंच के अनुसार, अभियान को आगे जिले से बाहर भी विस्तार दिया जाएगा। इस दौरान आरक्षण, विश्वविद्यालयों से संबंधित UGC प्रावधानों और SC/ST Act से जुड़े कानूनी एवं संवैधानिक पहलुओं पर जनसंवाद आयोजित किए जाने की योजना है।

2 अक्टूबर को सूरजपुर जिला मुख्यालय पर आंदोलन
बैठक में संयोजक कपिल शर्मा एडवोकेट ने प्रस्ताव रखा कि 2 अक्टूबर 2026, गांधी जयंती के अवसर पर सूरजपुर स्थित जिला मुख्यालय पर शांतिपूर्ण आंदोलन किया जाए। प्रस्ताव के अनुसार आंदोलन में जिलेभर से लोगों को आमंत्रित किया जाएगा और जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
ज्ञापन में आरक्षण व्यवस्था में संशोधन, UGC से जुड़े प्रावधानों पर पुनर्विचार तथा SC/ST Act में कानूनी सुधार से संबंधित मांगें शामिल होंगी। उपस्थित सदस्यों ने प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए आंदोलन को शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत संचालित करने का निर्णय लिया।
त्यागी समाज के वरिष्ठ नेता एवं वरिष्ठ अधिवक्ता ब्रजेश त्यागी ने कहा कि आंदोलन को व्यापक बनाने के लिए मंच के सदस्य जिलेभर में संपर्क अभियान चलाएंगे। वहीं क्षत्रिय समाज के वरिष्ठ नेता पवन रावल ने मंच के माध्यम से संवाद और संवैधानिक तरीके से अपनी मांगें रखने का संकल्प दिलाया।
बैठक में सुधीर वत्स, जितेंद्र अग्रवाल, संजय शर्मा एडवोकेट, परमानंद कौशिक एडवोकेट, मोहित गर्ग एडवोकेट, विवेक रावल, सचिन शर्मा एडवोकेट, प्रमोद त्यागी, गुलशन शर्मा एडवोकेट और वरनिल त्यागी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
यह अभियान अभी मंच की घोषित मांगों और प्रस्तावित कार्यक्रम के स्तर पर है। आरक्षण और SC/ST Act से जुड़े मौजूदा कानूनी ढांचे में बदलाव के लिए संबंधित संवैधानिक और विधायी प्रक्रिया लागू होगी।

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