? ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। गलगोटिया विश्वविद्यालय में आयोजित ‘फोरेंसिस अगोरा: तीसरा अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन’ (7वीं श्रृंखला) का भव्य समापन हुआ। यह सम्मेलन फोरेंसिक विज्ञान, डिजिटल सुरक्षा, और न्याय प्रणाली में नवाचारों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
इस तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और छात्रों ने भाग लिया। प्रतिभागियों को तकनीकी सत्रों, पैनल चर्चाओं, शोध प्रस्तुतियों और पोस्टर प्रतियोगिताओं के माध्यम से नवीनतम जानकारी और विशेषज्ञों से संवाद करने का अवसर प्राप्त हुआ।
? सम्मेलन के मुख्य आकर्षण और वक्ता
? फोरेंसिक विज्ञान, साइबर सुरक्षा और न्याय प्रणाली में नवाचारों पर चर्चा
? डिजिटल अपराधों की जांच में AI और मशीन लर्निंग का महत्व
? भारतीय न्याय संहिता 2023 और डिजिटल सुरक्षा अधिनियमों की समीक्षा
? फोरेंसिक उत्कृष्टता पुरस्कार से डॉ. रक्षित टंडन सम्मानित
? फोरेंसिक विज्ञान और न्याय प्रणाली पर वैश्विक विशेषज्ञों के विचार
?️ डॉ. लैला मैनलॉक्स (अर्जेंटीना)
? संगठित अपराध और आर्थिक अपराध कानून पर शोध
? अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन अपराधों की रोकथाम के उपायों पर प्रकाश डाला

? डॉ. सुमीत भाटी (कनाडा)
? कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मशीन लर्निंग (ML) के फोरेंसिक विज्ञान में अनुप्रयोग
? इन तकनीकों द्वारा अपराध जांच और न्याय प्रक्रिया को कैसे प्रभावी बनाया जा सकता है
? डॉ. रक्षित टंडन (भारत)
? साइबर सुरक्षा, डिजिटल अपराध और साइबर हमलों से बचाव पर जानकारी
? फोरेंसिक एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित
? डॉ. आशीष बडिये (भारत, नागपुर)
? अपराध स्थल जांच, फिंगरप्रिंट विश्लेषण और फोरेंसिक जीवविज्ञान पर विचार
? डॉ. फनींद्र बी.एन. (भारत)
? डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट और फॉरेंसिक्स की भूमिका
⚖️ डॉ. विपिन विजय नायर (भारत)
? विक्टिमोलॉजी और क्रिमिनोलॉजी पर व्याख्यान
? न्याय प्रणाली में पुनर्स्थापनात्मक न्याय की खोज पर चर्चा
⚖️ विशेष पैनल चर्चा – भारतीय न्याय संहिता 2023 और डिजिटल सुरक्षा अधिनियम
मुख्य विषय:
? भारतीय न्याय संहिता 2023
? भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023
? भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023
इस पैनल चर्चा का संचालन डॉ. रणजीत सिंह (CEO, SIFS, नई दिल्ली) ने किया।
?⚖️ प्रमुख पैनलिस्ट:
✅ प्रो. मेहराज उद्दीन मीर – आपराधिक कानून विशेषज्ञ एवं कश्मीर केंद्रीय विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति
✅ प्रो. एन. पी. खान – कानून विशेषज्ञ, जामिया मिलिया इस्लामिया और बेनेट विश्वविद्यालय के पूर्व डीन
इस चर्चा में नए कानूनों के प्रभाव, चुनौतियों और न्याय प्रणाली में उनके योगदान पर विचार-विमर्श किया गया।
? विशेष सत्र में डिप्टी एसपी अंकुश मिश्रा (साइबर क्राइम, देहरादून) ने IPDR और CDR विश्लेषण पर जानकारी दी।

? सांस्कृतिक संध्या और पुरस्कार वितरण
सम्मेलन के अंत में गलगोटिया विश्वविद्यालय के छात्रों ने सांस्कृतिक संध्या में अद्भुत प्रस्तुतियां दीं।
? सम्मेलन के दौरान उत्कृष्ट शोध प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
? विश्वविद्यालय नेतृत्व की प्रतिक्रिया
? गलगोटियास विश्वविद्यालय के चांसलर श्री सुनील गलगोटिया:
"इस सम्मेलन ने फोरेंसिक विज्ञान में वैश्विक सहयोग और अनुसंधान को एक नया मंच प्रदान किया है। हमें गर्व है कि हमने दुनिया भर के विशेषज्ञों को एक साथ लाने का अवसर प्राप्त किया।"
? गलगोटियास विश्वविद्यालय के CEO डॉ. ध्रुव गलगोटिया:
"हम अपने विश्वविद्यालय को नवाचार और अनुसंधान का केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह सम्मेलन न्याय प्रणाली और फोरेंसिक विज्ञान के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।"
? फ़ोरेंसिक विज्ञान, स्कूल ऑफ बायोसाइंसेस एंड टेक्नोलॉजी के डीन डॉ. अभिमन्यु झा, डॉ. राजीव कुमार, और डॉ. विन्नी शर्मा ने शोधकर्ताओं और आयोजकों के प्रयासों की सराहना की।
? निष्कर्ष
? तीसरा अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन "फोरेंसिस अगोरा" एक बड़ी सफलता रही।
? देश-विदेश के फोरेंसिक विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और छात्रों को सीखने और साझा करने का मंच मिला।
? नए कानूनों, साइबर सुरक्षा और न्याय प्रणाली पर गहन चर्चा हुई।
? छात्रों को नवीनतम अनुसंधान और प्रौद्योगिकियों के बारे में जानने का अवसर मिला।
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