यीडा की इस प्रस्तावित योजना में आवेदन करने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण शर्त पर भी विचार किया जा रहा है। मौजूदा नियमों के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को एक विकास प्राधिकरण में आवासीय भूखंड आवंटित हो चुका है तो उसे उसी प्राधिकरण की दूसरी आवासीय भूखंड योजना में दोबारा भूखंड नहीं दिया जा सकता।नअब यीडा इस व्यवस्था को और व्यापक बनाने पर विचार कर रहा है। प्रस्तावित नियम के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को यीडा के अलावा नोएडा या ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की किसी आवासीय योजना में पहले से भूखंड या आवासीय संपत्ति आवंटित हो चुकी है, तो उसे यीडा की 40 वर्गमीटर वाली योजना में आवेदन करने से वंचित किया जा सकता है
जेवर, रफ़्तार टूडे। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) में छोटे आकार के आवासीय भूखंड का सपना देखने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है। प्राधिकरण पहली बार 40 वर्गमीटर आकार के आवासीय भूखंडों की योजना लाने की तैयारी कर रहा है। प्रस्तावित योजना में करीब 4,000 भूखंड शामिल किए जाने हैं। योजना को नवरात्र के दौरान लॉन्च करने की तैयारी है, लेकिन इसके लिए सबसे पहले जमीन की उपलब्धता का आकलन किया जा रहा है। योजना को अंतिम रूप देने के लिए यीडा के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने भूमि विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में आवासीय सेक्टरों में उपलब्ध जमीन, प्रस्तावित योजना के लिए आवश्यक अतिरिक्त भूमि और भूखंडों की संख्या को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को जल्द जमीन की स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
पहली बार 40 वर्गमीटर के भूखंड
यीडा अब तक न्यूनतम 60 वर्गमीटर आकार के आवासीय भूखंडों की योजनाएं लाता रहा है। पहली बार प्राधिकरण 40 वर्गमीटर के छोटे भूखंड उपलब्ध कराने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि इस योजना से फैक्ट्रियों में काम करने वाले कर्मचारियों, छोटे कारोबारियों और सीमित आय वर्ग के ऐसे लोगों को फायदा मिल सकता है, जो छोटे आकार का अपना आवासीय प्लॉट खरीदना चाहते हैं। प्राधिकरण की ओर से 4,000 भूखंडों की योजना को पहले ही बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है। अब योजना के लिए जमीन की उपलब्धता और स्थान को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। जमीन की स्थिति स्पष्ट होने के बाद भूखंडों की अंतिम संख्या और योजना की अन्य शर्तों को तय किया जाएगा।
नवरात्र में लॉन्च करने की तैयारी
यीडा अधिकारियों के मुताबिक योजना को नवरात्र में लॉन्च किए जाने की संभावना है। हालांकि, इसके लिए भूमि संबंधी प्रक्रिया को समय से पूरा करना जरूरी है। सीईओ राकेश कुमार सिंह ने समीक्षा बैठक में भूमि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवासीय योजना के लिए उपलब्ध जमीन का आकलन जल्द पूरा किया जाए। अधिकारियों के मुताबिक जमीन की उपलब्धता का आंकलन होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि प्रस्तावित 4,000 भूखंडों के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध है या अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता होगी। इसके बाद योजना का अंतिम खाका तैयार किया जाएगा।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा के आवंटियों को भी रोकने की तैयारी
यीडा की इस प्रस्तावित योजना में आवेदन करने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण शर्त पर भी विचार किया जा रहा है। मौजूदा नियमों के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को एक विकास प्राधिकरण में आवासीय भूखंड आवंटित हो चुका है तो उसे उसी प्राधिकरण की दूसरी आवासीय भूखंड योजना में दोबारा भूखंड नहीं दिया जा सकता।नअब यीडा इस व्यवस्था को और व्यापक बनाने पर विचार कर रहा है। प्रस्तावित नियम के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को यीडा के अलावा नोएडा या ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की किसी आवासीय योजना में पहले से भूखंड या आवासीय संपत्ति आवंटित हो चुकी है, तो उसे यीडा की 40 वर्गमीटर वाली योजना में आवेदन करने से वंचित किया जा सकता है।
हालांकि, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के आवंटियों को योजना से बाहर रखने संबंधी यह व्यवस्था अभी अंतिम रूप से तय नहीं हुई है। इस पर प्राधिकरण स्तर पर विचार-विमर्श जारी है। अंतिम निर्णय के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन आवेदकों को योजना में शामिल होने का अवसर मिलेगा।
छोटे भूखंड की मांग को मिलेगा विकल्प
यीडा क्षेत्र में जेवर एयरपोर्ट, फिल्म सिटी, औद्योगिक परियोजनाओं और अन्य विकास योजनाओं के कारण रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में छोटे भूखंडों की मांग भी बढ़ने की संभावना है। 40 वर्गमीटर की प्रस्तावित योजना के जरिए प्राधिकरण कम क्षेत्रफल में आवासीय संपत्ति चाहने वाले लोगों को एक नया विकल्प देने की तैयारी कर रहा है।नयदि जमीन की उपलब्धता और अन्य औपचारिकताएं समय पर पूरी होती हैं, तो नवरात्र में योजना की घोषणा यीडा क्षेत्र में आवासीय भूखंड खरीदने की इच्छा रखने वाले हजारों लोगों के लिए महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकती है।

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