ग्रेटर नोएडा, रफ्तार टुडे।
कहते हैं—“जब शिक्षा पुस्तकों से बाहर निकलती है, तब कल्पना को पंख मिलते हैं।”
इसी सोच को साकार करते हुए रोटरैक्ट क्लब ऑफ जी.एल. बजाज, ग्रेटर नोएडा ने एक अत्यंत प्रेरणादायी पहल – ‘पाठशाला एक्सप्रेस’ का आयोजन किया। इस पहल के तहत, वंचित तबके के 70 बच्चों को राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय (National Gallery of Modern Art), नई दिल्ली की रचनात्मक शैक्षिक यात्रा पर ले जाया गया।

यह केवल एक भ्रमण नहीं था, बल्कि बच्चों के लिए कल्पनाओं को छूने, रंगों से संवाद करने और इतिहास से जुड़ने का एक अविस्मरणीय अनुभव था।


शिक्षा के साथ संवेदना की साझेदारी

‘पाठशाला एक्सप्रेस’ का संचालन क्लब अध्यक्ष रोट्रैक्टर सिद्धार्थ सिंह के नेतृत्व में हुआ, जिसमें फैकल्टी कोऑर्डिनेटर प्रियांका दत्ता और छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. महावीर सिंह नरुका ने मार्गदर्शन प्रदान किया। आयोजन में क्लब के 6 स्वयंसेवकों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई और बच्चों की देखभाल से लेकर हर गतिविधि को सुव्यवस्थित रूप में संपन्न किया।


राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय: बच्चों की आंखों से देखा गया नया भारत

संग्रहालय भ्रमण के दौरान बच्चों ने—

  • भारतीय चित्रकला की विविध शैलियों
  • ऐतिहासिक पेंटिंग्स और मूर्तिकला कृतियाँ
  • समकालीन कलाकारों की सोच और प्रस्तुतिकरण

को न केवल देखा, बल्कि उसे आत्मसात भी किया। संग्रहालय के कला विशेषज्ञों ने बच्चों को सरल भाषा में प्रत्येक चित्र की कहानी और उसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से जोड़ा, जिससे भारतीय संस्कृति और कला के प्रति उनकी समझ और जिज्ञासा दोनों में वृद्धि हुई।


“कल्पना की उड़ान” चित्रकला सत्र: जब बच्चों ने अपने सपनों को रंगों में ढाला

भ्रमण के बाद आयोजित ‘कल्पना की उड़ान’ सत्र में बच्चों ने—

  • अपने भविष्य के सपने
  • संग्रहालय से प्रेरित दृश्य
  • कला के प्रति अपनी संवेदना

को कागज़ पर रंगों और रेखाओं के माध्यम से अभिव्यक्त किया। यह सत्र न केवल उनकी रचनात्मकता को मंच देने का माध्यम बना, बल्कि आत्मविश्वास और संवाद कौशल को भी मजबूती प्रदान करने वाला रहा।


ज्ञान गिफ्टिंग और स्माइल डायरी: एक पंक्ति में जीवन का सपना

कार्यक्रम के अंतिम चरण में—

  • बच्चों को ड्राइंग किट्स और चित्र पुस्तकों का उपहार दिया गया
  • स्माइल डायरी’ नामक सत्र में बच्चों से अपने जीवन के सपने एक पंक्ति में लिखवाए गए

यह भाग विशेष रूप से भावनात्मक जुड़ाव और आत्म-अभिव्यक्ति का सुंदर प्रयास रहा, जहां बच्चों ने पहली बार अपने भीतर की भावनाओं को शब्दों में बाँधना सीखा।


बच्चों की आंखों में चमक और मुस्कान में उम्मीद

इस परियोजना का सबसे बड़ा संदेश था कि —

“बच्चे केवल दर्शक नहीं रहे, उन्होंने कला को अपनाया, समझा और अपनी पहचान बनाई।”

उनके रेखाचित्रों में सपने थे, सोच थी, और विश्वास था कि वे भी समाज का सजग और रचनात्मक हिस्सा बन सकते हैं।


क्लब की प्रतिबद्धता: शिक्षा और सेवा का संगम

‘पाठशाला एक्सप्रेस’ रोटरैक्ट क्लब जी.एल. बजाज के उस दृष्टिकोण का हिस्सा है, जो केवल शैक्षणिक संस्थान की दीवारों तक सीमित नहीं बल्कि समाज के हर कोने में प्रकाश फैलाने की भावना से प्रेरित है।

क्लब अध्यक्ष सिद्धार्थ सिंह ने कहा —
“हम मानते हैं कि हर बच्चे में अनंत संभावना है। उन्हें बस एक सही मंच, एक प्रेरणा और एक संवेदनशील हाथ की जरूरत होती है।”


कुछ अनमोल पल

  • बच्चों की तस्वीरों के साथ उनकी बनाई चित्रकृतियाँ
  • संग्रहालय भ्रमण की झलकियाँ
  • ‘स्माइल डायरी’ में लिखे गए सपनों की झलकियां
  • रोटरैक्ट टीम के साथ मिलकर बच्चों की सामूहिक मुस्कान

निष्कर्ष

‘पाठशाला एक्सप्रेस’ केवल एक भ्रमण नहीं था, यह था एक सोच, एक प्रयास और एक उज्ज्वल भविष्य की ओर पहला कदम। यह कार्यक्रम यह सिद्ध करता है कि जब शिक्षा और सेवा का हाथ मिलता है, तो समाज में बदलाव की नींव मजबूती से रखी जाती है।


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✍️ रिपोर्ट: रफ्तार टुडे संवाददाता, ग्रेटर नोएडा