फरीदाबादएक घंटा पहले

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तमाम प्रयासों के बाद भी प्रदेश की सबसे पुरानी औद्योगिक नगरी फरीदाबाद बुधवार को देश के सबसे प्रदूषित शहरों में गिना गया। शाम छह बजे शहर का एयर क्लालिटी इंडेक्स 381 दर्ज किया गया। जबकि बल्लभगढ़ का 305 रहा। प्रदूषण कम न होने से शहरवासियों का दम घुटने लगा है। हैरानी की बात ये है कि सुप्रीम कोर्ट की तमाम हिदायतों के बाद भी न तो सड़कों की सफाई हो रही है और न ही कूड़े के जलाने पर रोक लग पा रही है। वहीं दूसरी ओर निगम प्रशासन ने बुधवार को 31 लोगों के चालान कर 1.14 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।

शहर की अधिकांश सड़कों की नहीं हाे पा रही सफाई

नगर निगम प्रशासन शहर की सड़कांे की सफाई का दावा कर रहा है लेकिन हकीकत ये है कि रोड स्वीपिंग मशीन कहीं नजर नहीं आ रही है। कोई एेसी सड़क नहीं है जहां किनारे धूल न जमीं हो। खास बात ये कि वीआईपी सड़क सेक्टर 11-12 डिवाइडिंग रोड पर डीसी आफिस के पास में ही सड़कों के किनारे धूल की परत जमीं पड़ी है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह सड़कों की सफाई हो रही है। एनएचएआई का भी यही हाल है।

एक दिन में 31 का किया चालान

नगर निगम द्वारा सभी 40 वार्डों में लगाई गई 120 लोगों की टीम ने बुधवार को कुल 31 चालान किए हैं। इनमें कूड़ा डालने के नौ, गोबर के एक, कूड़ा जलाने के 11, पालिथीन के नौ और पानी बर्बाद करने का एक चालान काटा गया है। कुल 1.14 लाख रुपए का चालान हुआ है।

शहरों का ये रहा एक्यूआई

शहर एक्यूआई स्तर (शाम छह बजे)

फरीदाबाद 381

जींद 380

दिल्ली 371

भिवाड़ी 365

ग्रेटर नोएडा 360

नोएडा 352

गुड़गांव 342

मानेसर 338

हिसार 323

नारनौल 326

रोहतक 355

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