ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे । उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक ऐसे फर्जी अधिकारी का पर्दाफाश किया है, जिसने खुद को गृह मंत्रालय में तैनात अधिकारी बताकर न केवल लोगों को ठगा, बल्कि एक महिला जज से शादी भी कर ली। आरोपी की पहचान सुनित कुमार के रूप में हुई है, जो लंबे समय से अलग-अलग सरकारी पदों का फर्जी परिचय बनाकर लोगों को धोखा दे रहा था।

फर्जी पहचान, फर्जी दस्तावेज और बड़ा खेल

एसटीएफ के अनुसार आरोपी के पास से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिनमें फर्जी पुलिस वेरिफिकेशन लेटर, फर्जी क्रेडिट/डेबिट कार्ड, 17 अलग-अलग फर्जी पहचान पत्र, कई आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, दो मोबाइल नंबर, बैंक से जुड़े दस्तावेज और अन्य सरकारी प्रमाणपत्र शामिल हैं।

आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए कई नामों का इस्तेमाल किया। दस्तावेजों में उसका नाम अलग मिलता है और मौखिक रूप से वह अलग नाम बताता था।

महिला जज को ऐसे बनाया शिकार

जांच में सामने आया है कि आरोपी बिहार के छपरा जिले का रहने वाला है। उसने खुद को गृह मंत्रालय में तैनात दिखाकर एक महिला जज से संपर्क बनाया और विश्वास जीतकर उससे शादी कर ली। शादी के बाद भी वह अपने आपको उच्च पदस्थ सरकारी अधिकारी बताकर महिला को भ्रमित करता रहा।

महिला जज को जब उसके व्यवहार और जानकारी में गड़बड़ियां नजर आईं, तो उन्होंने एसटीएफ से शिकायत की। जांच में सबूत मिलने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

राजनयिक, रेवेन्यू और इंटेलिजेंस अफसर तक बना बैठा था!

एसटीएफ के एएसपी राजकुमार मिश्र ने बताया कि आरोपी द्वारा बनाए गए दस्तावेजों में वह खुद को कभी

  • राजनयिक अधिकारी,
  • कभी रेवेन्यू अफसर,
  • तो कभी इंटेलिजेंस ब्यूरो का स्टाफ बताता था।

उसके पास से बरामद दर्जनों फर्जी दस्तावेज यह साबित करते हैं कि वह लंबे समय से सरकारी व्यवस्था का गलत फायदा उठाकर लोगों को छल रहा था।

ग्रेटर नोएडा में ऐसे पकड़ा गया आरोपी

एसटीएफ को सूचना मिली थी कि सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र के पैरामाउंट गोल्फ गार्डन सोसायटी में एक व्यक्ति फर्जी पहचान के सहारे रह रहा है। टीम ने छापेमारी कर आरोपी को वहीं से गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में उसने बताया कि वह खुद को बड़े-बड़े अफसर बताकर लोगों के बीच प्रभाव बना लेता था। दस्तावेज़ों के सहारे वह नौकरियों, पोस्टिंग और सरकारी काम कराने के नाम पर करोड़ों रुपये तक ऐंठ चुका है।

कौन है सुनित कुमार?

एसटीएफ अनुसार आरोपी ने खुद को
सुनित कुमार आईएस 7623-ब
बोर्ड ऑफ ज्वाइंट सेक्रेटरी
डिजास्टर मैनेजमेंट ऑफिसर
राजनयिक अधिकारी
सर्विस ऑफिसर
बताते हुए कई फर्जी प्रोफाइल तैयार कर रखे थे।

वास्तविकता यह है कि आरोपी 1988 में जन्मा साधारण परिवार का युवक है, जिसके पिता का नाम मुकेश शाह बताया जा रहा है। उसके खिलाफ पहले भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं।

एसटीएफ ने बताया ‘सीरियल फ्रॉडस्टर’

जांच में पता चला कि आरोपी पिछले कई वर्षों से सरकारी फॉर्मेट में फर्जी स्टाम्प, लेटरहेड, पहचान पत्र, मंत्रालयों के लोगो और कई विभागों के दस्तावेज तैयार कर लोगों को धोखा दे रहा था।

एसटीएफ इसे सीरियल फ्रॉडस्टर मान रही है, जो अपनी पहचान बदल-बदलकर ठगी का जाल बिछाता था।