जिला अध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला के नेतृत्व में निकला मार्च, व्यापारियों पर संभावित आर्थिक प्रभाव और नीति की पारदर्शिता को लेकर उठाए सवाल

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। यूपीआई के चुनिंदा ₹2,000 से अधिक के व्यापारी लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू किए जाने के फैसले के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी गौतमबुद्ध नगर ने जनजागरण मार्च निकाला। जिला अध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति के नाम मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

केंद्र सरकार द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक 0.4 प्रतिशत MDR निर्दिष्ट पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) लेन-देन में ₹2,000 से अधिक की राशि पर लागू होगा। सरकार का कहना है कि P2P लेन-देन पूरी तरह निःशुल्क रहेंगे तथा ₹2,000 तक के पात्र व्यापारी भुगतान और छोटे व्यापारियों की निर्धारित श्रेणी के लेन-देन भी शून्य MDR के दायरे में रहेंगे।

कांग्रेस ने व्यापारियों पर संभावित असर का मुद्दा उठाया

प्रदर्शन के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला ने कहा कि यूपीआई ने गौतमबुद्ध नगर में व्यापार और रोजमर्रा के भुगतान के तरीके को बदल दिया है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दादरी, जेवर के साथ ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में व्यापारी डिजिटल भुगतान स्वीकार करते हैं।

उन्होंने कहा कि मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, फर्नीचर, ऑटोमोबाइल, मेडिकल स्टोर, रेस्टोरेंट, होटल और सर्विस सेंटर समेत विभिन्न कारोबारों में बड़े मूल्य के भुगतान भी डिजिटल माध्यम से किए जाते हैं। ऐसे में MDR का विषय छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए भी महत्वपूर्ण है।

चोटीवाला ने कहा कि सरकार के अनुसार MDR ग्राहक से सीधे नहीं लिया जाएगा, लेकिन कांग्रेस का सवाल है कि व्यापारी पर आने वाली अतिरिक्त लागत का व्यावहारिक आर्थिक प्रभाव क्या होगा। उन्होंने कहा कि सीमित मार्जिन पर कारोबार करने वाले व्यापारियों के लिए भुगतान संबंधी लागत में बदलाव महत्वपूर्ण हो सकता है।

राहुल गांधी के दावे का भी किया जिक्र

दीपक भाटी चोटीवाला ने कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा इस मुद्दे पर उठाए गए सवालों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने ₹2,000 से अधिक के लेन-देन की संख्या और उनके कुल मूल्य के संदर्भ में चिंता जताई है। इन आंकड़ों के आधार पर कांग्रेस का कहना है कि बड़े मूल्य के डिजिटल लेन-देन पर MDR के प्रभाव को केवल लेन-देन की संख्या के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए।

हालांकि, सरकार का पक्ष है कि नया ढांचा UPI की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता के लिए तैयार किया गया है और MDR का भुगतान ग्राहक द्वारा नहीं किया जाएगा। सरकार के अनुसार MDR भुगतान इकोसिस्टम के संबंधित हिस्सेदारों के बीच वितरित होगा।

नीति प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग

जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने यूपीआई शुल्क व्यवस्था को लेकर सरकार से नीति निर्माण की प्रक्रिया और उसके आधार को सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान को व्यापक रूप से अपनाने वाले व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार को इस व्यवस्था के आर्थिक प्रभाव को स्पष्ट करना चाहिए।

चोटीवाला ने राहुल गांधी की ओर से विदेशी भुगतान कंपनियों के कथित दबाव से जुड़े सवालों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार इन आरोपों को खारिज कर चुकी है, इसलिए नीति के आधार और निर्णय प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।

बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद

प्रदर्शन और ज्ञापन कार्यक्रम में गौतम अवाना, मुकेश शर्मा, महाराज सिंह नागर, अशोक पंडित, मोहम्मद तकी, धर्मबीर प्रधान, निशा शर्मा, किशन शर्मा, के.के. भाटी एडवोकेट, रमेश यादव, रघुराज शर्मा, रूबी चौहान, नरेश शर्मा, आर.के. प्रथम, सुरेंद्र प्रताप सिंह, अरुण गुर्जर, मोहित भाटी एडवोकेट, नितीश चौधरी, अरविंद रेक्सवाल, सुबोध भट्ट, सचिन शर्मा, विपिन त्यागी, तनवीर अहमद, नीरज शर्मा, सचिन जीनवाल, गजन प्रधान, ओमकार राणा, मेहरचंद वाल्मीकि, जातां सिन्हा, दुर्गेश एडवोकेट, अनीस, उपेंद्र, सुनील भाटी, ऋतिक सिंह, मनोज चौधरी, मुन्ना, योगेश मिश्रा, गिरीश शर्मा, रवि भाटी, अरविंद कुमार, अनुज भाटी और नितिन कुमार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।