नोएडा, रफ़्तार टूडे। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर नोएडा विधानसभा सीट पर सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस सीट पर अपना प्रत्याशी तय किए जाने के संकेत दिए हैं। पार्टी के भीतर पं. कृपाराम शर्मा के नाम की चर्चा सबसे ज्यादा है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर कांग्रेस की ओर से टिकट की घोषणा किए जाने की पुष्टि होना अभी बाकी है। बुधवार, 2 सितंबर 2026 को नोएडा की राजनीति में उस समय नया मोड़ आया, जब लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता और नेता पं. कृपाराम शर्मा ने बहुजन समाज पार्टी (BSP) छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया। शर्मा पहले लंबे समय तक कांग्रेस से जुड़े रहे हैं और 2022 के विधानसभा चुनाव में बसपा के टिकट पर नोएडा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं।
राजनीतिक गलियारों में उनके कांग्रेस में लौटने के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि पार्टी उन्हें 2027 के विधानसभा चुनाव में नोएडा से अपना उम्मीदवार बना सकती है। यदि ऐसा होता है तो नोएडा विधानसभा सीट पर मौजूदा विधायक पंकज सिंह के सामने कांग्रेस की ओर से कृपाराम शर्मा चुनावी मैदान में नजर आ सकते हैं।
कांग्रेस में लंबे समय तक सक्रिय रहे हैं कृपाराम शर्मा
कृपाराम शर्मा का कांग्रेस से पुराना राजनीतिक जुड़ाव रहा है। बताया जाता है कि उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की और 2022 के विधानसभा चुनाव तक कांग्रेस में सक्रिय रहे। विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी के दौरान उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बसपा का रुख किया और बसपा के टिकट पर नोएडा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा। अब करीब चार साल बाद उनका फिर कांग्रेस में लौटना नोएडा की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
हालांकि, कांग्रेस की ओर से अभी तक सार्वजनिक रूप से यह घोषणा नहीं की गई है कि 2027 में नोएडा विधानसभा सीट से पं. कृपाराम शर्मा ही पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशी होंगे। ऐसे में टिकट को लेकर चल रही चर्चाओं को फिलहाल राजनीतिक सूत्रों और संभावित उम्मीदवार के तौर पर देखा जाना चाहिए।
2022 में BSP के टिकट पर लड़े थे चुनाव
पं. कृपाराम शर्मा ने 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर नोएडा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। चुनाव परिणाम में वह तीसरे स्थान पर रहे थे। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, उन्हें 16,292 वोट मिले थे। वहीं कांग्रेस ने 2022 में नोएडा सीट से पंखुड़ी पाठक को प्रत्याशी बनाया था, जिन्हें 13,494 वोट मिले।
2022 के चुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा के पंकज सिंह और समाजवादी पार्टी के सुनील चौधरी के बीच रहा था। पंकज सिंह को 2,44,319 वोट, जबकि सुनील चौधरी को 62,806 वोट मिले थे। इस तरह पंकज सिंह ने 1,81,513 वोटों के अंतर से बड़ी जीत दर्ज की थी।

नोएडा में फिर आमने-सामने हो सकती है भाजपा और कांग्रेस
अगर कांग्रेस पं. कृपाराम शर्मा को आधिकारिक तौर पर प्रत्याशी बनाती है तो नोएडा विधानसभा सीट का मुकाबला दिलचस्प हो सकता है। भाजपा की ओर से मौजूदा विधायक पंकज सिंह के मैदान में रहने की स्थिति में कांग्रेस उनके सामने एक ऐसे नेता को उतार सकती है, जो पहले भी नोएडा विधानसभा का चुनाव लड़ चुका है और क्षेत्र की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहा है। हालांकि, 2027 के चुनाव में राजनीतिक समीकरण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं। समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी की ओर से संभावित प्रत्याशियों को लेकर भी चर्चाएं जारी हैं। ऐसे में आने वाले महीनों में नोएडा सीट पर कई नए राजनीतिक समीकरण बन सकते हैं।
2022 में करीब 7.83 लाख मतदाता थे
2022 के विधानसभा चुनाव के आंकड़ों पर नजर डालें तो नोएडा विधानसभा क्षेत्र में कुल 7,82,872 मतदाता थे। इनमें 4,37,796 पुरुष, 3,45,064 महिला और 12 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल थे। नोएडा की आबादी, तेजी से बढ़ता शहरी क्षेत्र और बड़ी संख्या में मतदाताओं के कारण यह सीट पश्चिमी उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों में गिनी जाती है। यहां अलग-अलग सामाजिक और आर्थिक वर्गों का बड़ा मतदाता आधार है, जिसके कारण हर चुनाव में राजनीतिक दल रणनीतिक तरीके से उम्मीदवारों का चयन करते हैं।
सपा और बसपा में भी टिकट को लेकर बढ़ी हलचल
कांग्रेस में पं. कृपाराम शर्मा की वापसी के बाद नोएडा विधानसभा सीट पर अन्य विपक्षी दलों में भी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। समाजवादी पार्टी और बसपा में संभावित उम्मीदवारों को लेकर पहले से ही चर्चाएं चल रही हैं। ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव से काफी पहले नोएडा सीट पर प्रत्याशियों को लेकर शुरू हुई यह कवायद आने वाले समय में और तेज हो सकती है। फिलहाल कांग्रेस में कृपाराम शर्मा की वापसी ने नोएडा की सियासत में एक नया अध्याय जरूर खोल दिया है।

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