नोएडा, रफ्तार टुडे।। राजधानी दिल्ली के इर्द-गिर्द बढ़ती आबादी की वजह से अब नए शहरों की जरूरत महसूस हो रही है। इसी को देखते हुए नोएडा और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने न्यू नोएडा और न्यू ग्रेटर नोएडा बसाने की पेशकश की है। अथॉरिटी का कहना है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में जमीन अब केवल नाम मात्र की ही रह गई है और अगले विकास परियोजनाओं को अंजाम देने के लिए खाली जमीन की ज्यादा जरूरत पड़ेगी। इसलिए न्यू नोएडा और न्यू ग्रेटर नोएडा को बसाने की तैयारी की जा रही है।

न्यू नोएडा बरसाने की जिम्मेदारी नोएडा विकास प्राधिकरण के पास है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार तेजी से इस शहर को बसाने के लिए काम कर रही है। आपको बता दें कि न्यू नोएडा दादरी और बुलंदशहर के जमीन पर आकार लेगा। इसके लिए 5 हजार हेक्टेयर जमीन प्राधिकरण किसानों से खरीदेगा। प्रदेश सरकार की तरफ से प्राधिकरण को जमीन खरीदने की मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही जमीन खरीदने के लिए 1000 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया गया है।

20 हजार हेक्टेयर जमीन पर न्यू नोएडा को बसाने की तैयारी है। इसके डेवलपमेंट को कई भागों में बांटा गया है, जहां एक ओर करीब 41% हिस्सा औद्योगिक विकास के लिए दिया गया है, 17% हिस्सा हरियाली और रिएक्शनल के लिए, 15.5 प्रतिशत संस्थागत और 4.5 प्रतिशत व्यावसायिक तौर पर डिवेलप किया जाएगा जबकि 11.5 प्रतिशत आवासीय होगा।

नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी (CEO Ritu Maheshwari) ने न्यू नोएडा के आर्किटेक्ट को लेकर कहा है कि इसे बसाने की रूपरेखा का मास्टर प्लान 'स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर' (School of Planning & Architecture) दिल्ली द्वारा तैयार किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो न्यू नोएडा को बेहद हाईटेक और डेवलप्ड सिटी के तौर पर बनाया जा रहा है। न्यू नोएडा अधुनिक सुविधाओं से लैस असर होगा जो शिकागो-सिंगापुर को टक्कर देगा

बढ़ सकते हैं जमीनों के दाम

वर्ल्ड क्लास सुविधाओं से लैस न्यू नोएडा शहर के लिए दादरी और बुलंदशहर के 87 गावों की जमीन का चयन हुआ है। यहां के किसानों से जमीन खरीदने के लिए प्राधिकरण को सरकार से अनुमति मिल चुकी है। इस प्रोजेक्ट के शुरू होने के साथ ही अनुमान लगाया जा रहा है कि इन गांवों के जमीनों के दाम काफी बढ़ सकते हैं।