ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रफ्तार टुडे।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की JKG Palm Court सोसाइटी में रविवार को उस वक्त हंगामे का माहौल बन गया जब 400 से अधिक फ्लैट खरीदारों ने बिल्डर के सेल्स ऑफिस का घेराव कर तीव्र विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि पांच साल से उन्हें सिर्फ आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन रजिस्ट्री और बुनियादी सुविधाओं के नाम पर उन्हें अब तक ठगा जा रहा है।


रजिस्ट्री अधूरी, भरोसा टूटा

JKG Palm Court Society में 800 फ्लैट्स में से सिर्फ 200 की ही रजिस्ट्री हो पाई है, जबकि शेष 600 खरीदार अभी भी इंतजार की कतार में हैं।
2020 से लंबित रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को लेकर खरीदारों में असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है।

एक फ्लैट खरीदार अशोक राठी ने बताया:

"हर साल कहा जाता है कि अगले महीने रजिस्ट्री शुरू होगी, लेकिन न तारीख तय होती है और न प्रक्रिया। अब हमारी सहनशक्ति जवाब दे रही है।"


सुविधाओं का वादा भी अधूरा

सिर्फ रजिस्ट्री ही नहीं, बल्कि सोसाइटी में वादे के अनुसार सुविधाएं भी अधूरी हैं। खरीदारों ने बताया कि:

  • पार्किंग स्थल अभी पूरी तरह से विकसित नहीं हुआ।
  • क्लब हाउस और स्विमिंग पूल सिर्फ नाम के हैं, काम अधूरा पड़ा है।
  • बच्चों के खेलने के लिए पार्क तैयार नहीं हुआ है।
  • कई टावरों में लिफ्ट की स्थिति खराब है और बिजली आपूर्ति में भी दिक्कत आती है।

प्रदर्शन के स्वर – "रजिस्ट्री दो, भरोसा नहीं चाहिए!"

रविवार को करीब डेढ़ से दो घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन में खरीदारों ने बिल्डर के खिलाफ नारे लगाए।
"रजिस्ट्री दो, वादा नहीं!",
"हमारा हक हमें दो!",
"JKG जवाब दो!" – जैसे नारों से सेल्स ऑफिस परिसर गूंज उठा।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर बिल्डर और प्राधिकरण जल्द समाधान नहीं निकालते हैं, तो उनका प्रदर्शन और भी उग्र होगा।


बिल्डर का पल्ला झाड़ना – अब बैंक के पास परियोजना का नियंत्रण

जब मीडिया ने परियोजना निदेशक जय कुमार गोयल से संपर्क किया तो उन्होंने कहा:

"मैं फिलहाल शहर से बाहर हूं और प्रदर्शन की जानकारी नहीं है। वैसे भी अब यह परियोजना मेरी नहीं है। इसका पूरा नियंत्रण बैंक के पास है।"

इस बयान ने खरीदारों को और ज्यादा नाराज कर दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर परियोजना बैंक के अधीन है, तो अब तक प्राधिकरण ने हस्तक्षेप क्यों नहीं किया?


खरीदारों की मांगें –

  1. सभी लंबित रजिस्ट्रियों को तय समयसीमा में पूरा किया जाए।
  2. बैंक और बिल्डर के बीच अधिकार संबंध स्पष्ट किए जाएं।
  3. अधूरी सुविधाओं को जल्द पूरा किया जाए।
  4. प्राधिकरण की तरफ से स्थिति की निगरानी और समाधान की समयबद्ध गारंटी दी जाए।

प्राधिकरण में भी शिकायत – फिर भी निष्क्रियता

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में कई बार शिकायत दर्ज की जा चुकी है, लेकिन न तो निरीक्षण होता है, न कोई निर्णय आता है।
अब खरीदारों की मांग है कि प्राधिकरण सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करे और कार्रवाई की समयसीमा तय करे।


प्रदर्शन से प्रमुख बिंदु:

  • रजिस्ट्री का इंतजार 5 साल से
  • 800 में से सिर्फ 200 फ्लैट्स की रजिस्ट्री
  • क्लब, पार्क, स्विमिंग पूल अधूरे
  • बिल्डर ने कहा: अब प्रोजेक्ट बैंक के अधीन
  • खरीदारों ने चेताया – समाधान नहीं तो होगा बड़ा आंदोलन

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?️ "रफ्तार टुडे" लगातार इस मुद्दे पर नजर बनाए हुए है। यदि बिल्डर या प्राधिकरण की ओर से कोई स्पष्टीकरण या अपडेट आता है, तो आपको सबसे पहले यहां जानकारी दी जाएगी।