गौतमबुद्धनगर, रफ़्तार टूडे । ग्रेटर नोएडा में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से “नारी शक्ति वंदनअभियान” के अंतर्गत एक प्रभावशाली प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। यह आयोजन ग्रेटर नोएडा प्राधिकरणपरिसर में हुआ, जहां समाज की प्रतिष्ठित और प्रभावी महिलाओं ने एक मंच पर आकर अपने विचार साझा किएऔर महिला सशक्तिकरण को लेकर ठोस संदेश दिया। यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक प्रेस वार्ता नहीं था, बल्कि यह महिलाओं की भागीदारी, अधिकारों और उनके भविष्य को लेकर गंभीर विमर्श का सशक्त मंच बनकरउभरा।
“जब अनुभव बोले—वरिष्ठ महिलाओं ने साझा किए अपने विचार”
इस प्रेस वार्ता को कई जानी-मानी हस्तियों ने संबोधित किया, जिनमें प्रमुख रूप से निवेदिता पी. हरन, डॉ. खुशबूसिंह, कविता नागर, माला भंडारी और डॉ. सपना शामिल रहीं।।इन सभी वक्ताओं ने अपने अनुभवों के आधार परयह बताया कि कैसे आज की नारी हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही है और समाज में उसकी भूमिका लगातारमजबूत हो रही है।
“नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023—राजनीति में महिलाओं की नई भागीदारी”
कार्यक्रम का मुख्य केंद्र रहा नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023, जिसे महिला सशक्तिकरण की दिशा मेंऐतिहासिक कदम बताया गया। इस अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को33% आरक्षण मिलेगा।
अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग की महिलाओं के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। यह व्यवस्थाजनगणना और परिसीमन प्रक्रिया के बाद लागू होगी। वक्ताओं ने इसे लोकतंत्र को अधिक समावेशी और संतुलितबनाने की दिशा में मील का पत्थर बताया।
“निर्णय प्रक्रिया में बढ़ेगी भागीदारी—लोकतंत्र होगा मजबूत”
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कानून के लागू होने से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की संख्या में वृद्धिहोगी। नीति निर्माण में महिला दृष्टिकोण को स्थान मिलेगा। समाज में लैंगिक संतुलन और अधिक मजबूत होगा। यह पहल महिलाओं को केवल अधिकार ही नहीं देगी, बल्कि उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी सक्रिय भागीदारबनाएगी।
“प्रशासनिक अधिकारियों ने भी रखा स्पष्ट दृष्टिकोण”
इस अवसर पर श्रीलक्ष्मी वी.एस. ने कहा कि यह अधिनियम देश के लोकतांत्रिक ढांचे को और अधिक मजबूतऔर संतुलित बनाएगा। श्रीलक्ष्मी वी.एस. (अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी) ने कहा कि यह पहल महिलाओंको सशक्त बनाकर देश के लोकतांत्रिक ढांचे को और अधिक मजबूत और संतुलित बनाएगी।
वहीं अनुज नेहरा ने इसे नारी सशक्तिकरण को नई गति देने वाला कदम बताया और कहा कि इससे “सशक्तनारी, सशक्त भारत” का सपना साकार होगा। यह अभियान नारी सशक्तिकरण को नई गति देगा और “सशक्तनारी, सशक्त भारत” के लक्ष्य को साकार करने में सहायक होगा।
“अधिकारियों की मौजूदगी ने बढ़ाई आयोजन की गरिमा”
कार्यक्रम में अर्चना द्विवेदी और गुंजा सिंह सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे। उनकी उपस्थिति नेइस कार्यक्रम को और अधिक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली बना दिया।
नारी शक्ति ही है नए भारत की असली ताकत”
यह प्रेस वार्ता इस बात का स्पष्ट संकेत है कि भारत में महिलाओं की भूमिका अब केवल सीमित दायरे तक नहींरही, बल्कि वे हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रही हैं। नारी शक्ति वंदन अभियान और “नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023” मिलकर एक ऐसे भारत की नींव रख रहे हैं, जहां महिलाएं न केवल सशक्त होंगी, बल्कि देश के विकास में बराबरीकी भागीदार भी बनेंगी।

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