ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। ग्रेटर नोएडा के इकोटेक-3 क्षेत्र में भू-माफियाओं द्वारा जमीन दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये ठगने का मामला सामने आया है। यह घटना न केवल प्राधिकरण की संपत्ति के गलत इस्तेमाल का एक उदाहरण है, बल्कि पीड़ित को फर्जी मुकदमों में फंसाने की कोशिशों ने मामले को और गंभीर बना दिया है। हाजी नसीम, जो ग्राम हल्दौनी के निवासी हैं, ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पुलिस कमिश्नर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से इस धोखाधड़ी के खिलाफ न्याय की मांग की है।


93 लाख रुपये लेकर भूमाफिया फरार, प्राधिकरण की जमीन का किया फर्जी सौदा

पीड़ित हाजी नसीम ने बताया कि उन्होंने जलपुरा क्षेत्र में जमीन खरीदने के लिए तीन व्यक्तियों—

  1. राजू , मनोज ग्रेटर नोएडा)—को 93 लाख रुपये दिए ओर दो अन्य के खिलाफ तहरीर दी है।

इन लोगों ने यह वादा किया था कि वे जलपुरा में उन्हें एक अच्छी जमीन उपलब्ध कराएंगे। लेकिन जांच करने पर पता चला कि जो जमीन उन्हें दिखाई गई, वह ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की थी, और इसे बेचा नहीं जा सकता।


पैसे लौटाने की जगह मिली धमकियां, फर्जी मुकदमों में फंसाने की साजिश

जब हाजी नसीम ने इनसे अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपियों ने:

  1. पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया।
  2. जान से मारने की धमकी देकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की।
  3. पीड़ित को बदनाम करने और फर्जी मुकदमों में फंसाने की साजिश रचने लगे।

उन्होंने एक पुराने मस्जिद विवाद को लेकर हाजी नसीम पर झूठे आरोप लगाने शुरू कर दिए। नसीम ने स्पष्ट किया कि जिस मस्जिद को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं, वह उनकी पुश्तैनी जमीन पर बनी है और बीस साल पुरानी है।


सीएम योगी और वरिष्ठ अधिकारियों से न्याय की गुहार

पीड़ित हाजी नसीम ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिखकर इस मामले की गंभीरता को रेखांकित किया। उन्होंने मांग की है कि:

  1. उन्हें 93 लाख रुपये वापस दिलाए जाएं
  2. आरोपियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए
  3. उनके और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

इसके अलावा, उन्होंने पुलिस कमिश्नर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से भी इस धोखाधड़ी के खिलाफ सख्त कदम उठाने की अपील की है।


भू-माफियाओं की सक्रियता पर सवाल, प्रशासन की निष्क्रियता या मिलीभगत?

यह घटना ग्रेटर नोएडा में भू-माफियाओं की बढ़ती सक्रियता को उजागर करती है। प्राधिकरण की संपत्तियों पर फर्जी सौदों और कब्जे के मामले दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे हैं।प्रशासन की लचर निगरानी इन माफियाओं के लिए एक वरदान साबित हो रही है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई और निगरानी तंत्र की कमी के चलते आम नागरिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।


आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने शुरू की जांच

शिकायत मिलने के बाद, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि:

  1. आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
  2. पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
  3. इस तरह के मामलों को रोकने के लिए प्राधिकरण और प्रशासन की ओर से नई निगरानी योजनाएं लागू की जाएंगी

ग्रेटर नोएडा में ऐसे धोखाधड़ी के मामलों से बचने के लिए सुझाव

विशेषज्ञों का कहना है कि:

  1. जमीन खरीदते समय प्राधिकरण से वैधता की पुष्टि जरूर करें।
  2. किसी भी सौदे में दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच करें
  3. जरूरत पड़ने पर कानूनी सलाहकार से परामर्श लें।

इस घटना ने प्राधिकरण की जमीनों पर हो रहे अवैध सौदों और भू-माफियाओं की गतिविधियों को एक बार फिर से उजागर कर दिया है।


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