ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने, उनकी प्रतिभा को निखारने और उन्हें कौशल के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आर्या फैशन्स ने एक सराहनीय पहल की। आर्या फैशन्स की संस्थापिका एवं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. खुशबू सिंह के नेतृत्व में कंपनी परिसर में विशेष बच्चों के लिए हस्तशिल्प कला प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बच्चों को आभूषण निर्माण, पैकिंग और विभिन्न प्रकार के छोटे-छोटे क्राफ्ट तैयार करने का प्रशिक्षण दिया गया।

इस पहल की खास बात यह रही कि इसे गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट के ‘ऑपरेशन अपराजेय’ के उद्देश्य से जोड़ते हुए विशेष बच्चों के कौशल विकास और आत्मनिर्भरता पर केंद्रित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में गौतमबुद्धनगर की पुलिस कमिश्नर एवं वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी लक्ष्मी सिंह मौजूद रहीं। उनके साथ संयुक्त पुलिस आयुक्त/डीआईजी राजीव नारायण मिश्रा, डीसीपी एवं ऑपरेशन अपराजेय की नोडल अधिकारी सुनीति, एसीपी इकोटेक-3 राजीव, थाना इकोटेक-3 के प्रभारी तथा चौकी इंचार्ज सहित पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

विशेष बच्चों की प्रतिभा को अवसर देना जरूरी : लक्ष्मी सिंह

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कहा कि विशेष बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि समाज और उद्योग जगत मिलकर उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और उसे कौशल में बदलने का अवसर उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन अपराजेय’ का उद्देश्य विशेष बच्चों को सुरक्षा, सम्मान और अवसर उपलब्ध कराने के साथ उनके सर्वांगीण विकास की दिशा में काम करना है। उन्होंने आर्या फैशन्स द्वारा इस उद्देश्य को आगे बढ़ाने के प्रयास की सराहना की।

लक्ष्मी सिंह ने विशेष रूप से आर्या फैशन्स की संस्थापिका डॉ. खुशबू सिंह की पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि एक महिला उद्यमी के रूप में उन्होंने जिस संवेदनशीलता के साथ विशेष बच्चों के लिए कौशल प्रशिक्षण का आयोजन किया है, वह प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि अन्य संस्थाओं और औद्योगिक इकाइयों को भी इससे प्रेरणा लेकर विशेष बच्चों के लिए केवल आर्थिक सहायता तक सीमित न रहते हुए कौशल विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में काम करना चाहिए।

‘ऑपरेशन अपराजेय’ से मिली पहल को प्रेरणा

आर्या फैशन्स की ओर से बताया गया कि इस कार्यक्रम की प्रेरणा गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा 9 जून 2026 को शुरू किए गए ‘ऑपरेशन अपराजेय’ से मिली। इस अभियान का उद्देश्य विशेष बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और उनके कौशल विकास को बढ़ावा देना है। डॉ. खुशबू सिंह ने कहा कि पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के विजन और मार्गदर्शन से प्रेरित होकर आर्या फैशन्स ने यह पहल शुरू की है। उनका उद्देश्य विशेष बच्चों को उनकी क्षमता के अनुरूप प्रशिक्षण देकर उनके कौशल, आत्मविश्वास और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में काम करना है।

उन्होंने कहा कि विशेष बच्चों को समाज की सहानुभूति के साथ-साथ अवसर की भी जरूरत है। यदि उन्हें सही प्रशिक्षण और संसाधन मिलें तो वे अपनी क्षमता के अनुरूप बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

30 विशेष बच्चों ने लिया प्रशिक्षण

कार्यक्रम में अभय रेनबो किड्स फाउंडेशन की प्रिंसिपल दिशा कपूर और उनकी पूरी टीम ने सहभागिता की। फाउंडेशन के करीब 30 विशेष बच्चे कार्यक्रम में शामिल हुए। इनमें ऑटिज्म, डाउन सिंड्रोम और अन्य विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चे शामिल थे। आर्या फैशन्स की टीम ने बच्चों के साथ बेहद सहज और आत्मीय वातावरण में प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया। कंपनी के वरिष्ठ कर्मचारियों और अनुभवी कारीगरों ने बच्चों को अलग-अलग गतिविधियों के बारे में जानकारी दी और उन्हें स्वयं अपने हाथों से क्राफ्ट तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया।

प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को गहने बनाने, छोटे हस्तशिल्प उत्पाद तैयार करने और उनकी पैकिंग की प्रक्रिया समझाई गई। प्रशिक्षकों ने बच्चों की क्षमता और रुचि के अनुसार उन्हें गतिविधियों में शामिल किया।

बच्चों के सामने दिया गया लाइव डेमो

कार्यक्रम के दौरान आर्या फैशन्स की टीम और प्रशिक्षित कारीगरों ने बच्चों के सामने आभूषण निर्माण का लाइव डेमो प्रस्तुत किया। इसके बाद बच्चों को भी स्वयं इन गतिविधियों में हाथ आजमाने का अवसर दिया गया। बच्चों ने उत्साहपूर्वक सवाल पूछे और प्रशिक्षकों से अलग-अलग चीजें बनाने की प्रक्रिया समझी। कई बच्चों ने स्वयं अपने हाथों से क्राफ्ट और आभूषण तैयार किए। इस दौरान बच्चों के चेहरे पर उत्साह और खुशी साफ दिखाई दी। कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने बच्चों के उत्साह को देखकर उनकी प्रतिभा की सराहना की और कहा कि सही वातावरण एवं निरंतर प्रोत्साहन मिलने पर विशेष बच्चे भी अपनी रचनात्मक क्षमताओं को बेहतर तरीके से सामने ला सकते हैं।

ग्रामीण महिलाओं के कौशल विकास से विशेष बच्चों तक पहुंची पहल

संयुक्त पुलिस आयुक्त एवं डीआईजी राजीव नारायण मिश्रा ने आर्या फैशन्स की पहल की सराहना करते हुए कहा कि कंपनी पहले से ही ग्रामीण महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है। उसी सोच को अब विशेष बच्चों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को केवल आर्थिक सहायता देना एक सीमित समाधान हो सकता है, लेकिन यदि उसे कोई हुनर सिखाया जाए और उस हुनर को उपयोगी बनाने का अवसर मिले तो वह आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकता है।

इसी सोच के तहत विशेष बच्चों को हस्तशिल्प से जुड़े कार्यों का प्रशिक्षण दिया गया। इसका उद्देश्य बच्चों को उनकी क्षमता के अनुसार गतिविधियों से जोड़ना और उनमें आत्मविश्वास पैदा करना है।

आगे भी जारी रहेगा प्रशिक्षण अभियान

आर्या फैशन्स की संस्थापिका डॉ. खुशबू सिंह ने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि कंपनी आगे भी विशेष बच्चों के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि आर्या फैशन्स की टीम समय-समय पर स्कूल जाकर बच्चों को प्रशिक्षण देगी। इसके लिए उन्हें निःशुल्क सामग्री और तैयार उत्पादों से जुड़ा सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा। कंपनी का प्रयास रहेगा कि बच्चों को लगातार नई गतिविधियों और हस्तशिल्प तकनीकों से परिचित कराया जाए।

डॉ. खुशबू सिंह ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल बच्चों को कोई उत्पाद बनाना सिखाना नहीं है, बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास, रचनात्मकता और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करना है।

पुलिस प्रशासन और उद्योग जगत के बीच सहयोग की मिसाल

श्रीमती सुनीति जी, डीसीपी एवं ऑपरेशन अपराजेय की नोडल अधिकारी ने कहा कि इस आयोजन ने सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में पुलिस प्रशासन और उद्योग जगत के बीच सहयोग की एक मिसाल भी प्रस्तुत की। ‘ऑपरेशन अपराजेय’ के माध्यम से विशेष बच्चों की सुरक्षा और विकास पर जोर दिया जा रहा है, वहीं आर्या फैशन्स ने इसी विजन को कौशल विकास के माध्यम से आगे बढ़ाने का प्रयास किया। कार्यक्रम में उपस्थित पुलिस अधिकारियों ने कहा कि विशेष बच्चों के लिए सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण तैयार करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए परिवार, स्कूल, पुलिस, सामाजिक संस्थाओं और उद्योग जगत सभी को मिलकर काम करना होगा।

बच्चों के साथ बना आत्मीय रिश्ता

कार्यक्रम के दौरान आर्या फैशन्स की टीम और विशेष बच्चों के बीच केवल प्रशिक्षण तक सीमित संबंध नहीं रहा, बल्कि एक आत्मीय रिश्ता भी देखने को मिला। कंपनी के कर्मचारियों और कारीगरों ने बच्चों के साथ धैर्यपूर्वक समय बिताया और उन्हें बार-बार अभ्यास करने के लिए प्रोत्साहित किया। अतिथियों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम विशेष बच्चों को यह एहसास कराते हैं कि समाज उन्हें केवल सहायता पाने वाले व्यक्ति के रूप में नहीं, बल्कि प्रतिभा और क्षमता रखने वाले व्यक्तित्व के रूप में देखता है।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी अतिथियों ने आर्या फैशन्स की पहल की सराहना की। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि इस पहल से प्रेरणा लेकर अन्य औद्योगिक संस्थान और सामाजिक संगठन भी विशेष बच्चों के कौशल विकास के लिए आगे आएंगे। आर्या फैशन्स की यह पहल ‘ऑपरेशन अपराजेय’ के विजन को जमीनी स्तर पर आगे बढ़ाने के साथ-साथ विशेष बच्चों को कौशल, सम्मान और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की दिशा में एक सकारात्मक कदम के रूप में सामने आई।