ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (जेवर एयरपोर्ट) को बेहतर और तेज कनेक्टिविटी देने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। लंबे समय से अटकी हुई ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) और यमुना एक्सप्रेसवे (YE) की सीधी कनेक्टिविटी का रास्ता आखिरकार साफ हो गया है। शनिवार से इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के लिए रोटरी निर्माण कार्य आधिकारिक रूप से शुरू कर दिया गया। इससे लाखों यात्रियों और वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें अब तक परी चौक से लंबा चक्कर लगाकर गुजरना पड़ता था।
लंबे इंतजार के बाद आखिरकार ईस्टर्न पेरिफेरल और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाली रोटरी का निर्माण शुरू होना, जेवर एयरपोर्ट और पूरे क्षेत्र के लिए गेमचेंजर साबित होगा। यह न केवल यात्रियों का समय और पैसा बचाएगा बल्कि पश्चिमी यूपी और हरियाणा की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा।
एक साल में तैयार होगी रोटरी, मिलेगा सुगम सफर
यह रोटरी निर्माण जगनपुर और अफजलपुर गांवों की भूमि पर किया जा रहा है। यह रोटरी सीधे ईस्टर्न पेरिफेरल को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ेगी। काम को दोनों ओर से एक साथ शुरू किया गया है—एक तरफ एनआईयू (Noida International University) के पीछे और दूसरी ओर एनआरआई सिटी के समीप।
निर्माण एजेंसियों को इसे 12 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य सौंपा गया है।
जैसे ही यह कार्य पूरा होगा, जेवर एयरपोर्ट की ओर यात्रा करने वाले लोगों को सीधा और समय बचाने वाला मार्ग उपलब्ध हो जाएगा।
2018 से लंबित मांग, यात्रियों को झेलनी पड़ी भारी दिक्कत
27 मई 2018 को जब तत्कालीन केंद्रीय मंत्री ने ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था, तभी से इसकी सीधी कनेक्टिविटी यमुना एक्सप्रेसवे से करने की मांग उठी थी।
अभी तक आगरा और जेवर की ओर से आने वाले वाहनों को परी चौक तक जाकर लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। इस कारण यात्रियों को कम से कम 20–25 मिनट का अतिरिक्त समय देना पड़ता था।साथ ही अनावश्यक ईंधन की खपत से जेब और पर्यावरण दोनों पर बोझ बढ़ता था। अब जब यह रोटरी बनेगी तो यह समस्या स्थायी रूप से खत्म हो जाएगी।
भूमि विवाद था सबसे बड़ी अड़चन, किसानों की सहमति से सुलझा मामला
इस परियोजना को कई वर्षों तक जमीन अधिग्रहण और मुआवजे को लेकर अड़चनों का सामना करना पड़ा। जगनपुर और अफजलपुर गांव के किसानों ने लंबे समय तक उचित मुआवजे की मांग की। प्रशासन और किसानों के बीच कई दौर की वार्ताएं हुईं।
अंततः सहमति बनने के बाद ही इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिल सकी। यह पहल इस बात का उदाहरण है कि किसानों और प्रशासन के बीच संवाद और समझौते से बड़े-बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाया जा सकता है।
हरियाणा और पश्चिमी यूपी के शहरों को होगा सबसे बड़ा फायदा
इस नई कनेक्टिविटी का लाभ न सिर्फ ग्रेटर नोएडा बल्कि हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के यात्रियों को भी मिलेगा।
हरियाणा के पलवल, फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत, पानीपत से आने वाले यात्री बिना किसी चक्कर के सीधे यमुना एक्सप्रेसवे और फिर जेवर एयरपोर्ट पहुंच पाएंगे। यूपी के गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, बुलंदशहर और आसपास के जिलों से आने वाले लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
मालवाहक वाहनों के लिए भी यह रूट बेहद अहम होगा क्योंकि इससे लॉजिस्टिक्स कॉस्ट कम होगी और समय पर डिलीवरी आसान होगी।
जेवर एयरपोर्ट के संचालन से पहले तैयार होगी अहम कड़ी
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (Jewar Airport) अपने अंतिम चरण में है और नवंबर 2025 से यहां अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने की संभावना है।एयरपोर्ट शुरू होने से पहले यह सीधी कनेक्टिविटी यात्रियों के लिए बड़ी सहूलियत साबित होगी। यह न केवल यात्रियों बल्कि पर्यटन, व्यापार और निवेश की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कनेक्टिविटी के चलते आसपास के क्षेत्रों में रियल एस्टेट की कीमतों में वृद्धि और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की गति और तेज हो जाएगी।
ग्रेटर नोएडा और जेवर क्षेत्र की तस्वीर बदलेगा यह प्रोजेक्ट
इस परियोजना के पूरा होते ही ग्रेटर नोएडा और जेवर का भूगोल और ट्रैफिक सिस्टम दोनों बदल जाएंगे। अब तक परी चौक को भारी ट्रैफिक का सामना करना पड़ता था, लेकिन रोटरी निर्माण के बाद ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
निवेशकों और उद्योगपतियों के लिए यह क्षेत्र नए अवसरों का केंद्र बनेगा। साथ ही स्थानीय निवासियों को भी बेहतर कनेक्टिविटी और नए रोजगार अवसर मिलेंगे।

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