लखनऊ, रफ़्तार टूडे। उत्तर प्रदेश सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों और प्रदेश में हो रहे बदलावों को नई पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग अपनी मासिक पत्रिका ‘उत्तर प्रदेश संदेश’ को नए कलेवर में प्रस्तुत करने की तैयारी कर रहा है। पत्रिका को युवाओं की रुचि और बदलते सूचना माध्यमों के अनुरूप विकसित करने के साथ ही हिंदी के अलावा अंग्रेजी में भी सामग्री प्रकाशित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसके साथ पत्रिका की सामग्री को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी अधिक प्रभावी तरीके से उपलब्ध कराने की तैयारी है।

यह जानकारी सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के निदेशक विशाल सिंह ने शुक्रवार को सूचना निदेशालय में आयोजित ‘उत्तर प्रदेश संदेश’ के उत्कृष्ट लेखकों के सम्मान समारोह में दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं और जेन जी की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में प्रदेश में हो रहे विकास, बदलाव और उपलब्धियों को युवा दृष्टिकोण से प्रस्तुत करना समय की आवश्यकता है।

बदलते दौर के साथ बदलेगा संवाद का माध्यम

सूचना निदेशक विशाल सिंह ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। सरकार की योजनाओं और उनके प्रभावों की जानकारी आम जनता तक पहुंचाने में लेखकों, साहित्यकारों और बुद्धिजीवियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। तथ्यपरक और सकारात्मक लेखन न केवल लोगों को सरकारी योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी देता है, बल्कि समाज को सकारात्मक दिशा में सोचने के लिए भी प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को प्रदेश की वर्तमान उपलब्धियों के साथ-साथ यह जानना भी जरूरी है कि इन उपलब्धियों के पीछे किस प्रकार के प्रयास, योजनाएं और लंबे समय का संघर्ष रहा है। इसी उद्देश्य से ‘उत्तर प्रदेश संदेश’ को अधिक प्रभावी और व्यापक पाठक वर्ग से जोड़ने की दिशा में बदलाव किए जा रहे हैं।

युवा नजरिए से पेश होगा प्रदेश का विकास: सूचना निदेशक विशाल सिंह

सूचना निदेशक विशाल सिंह ने कहा कि समाज में सूचना प्राप्त करने और संवाद के तरीके तेजी से बदल रहे हैं। जेन जी और जेन अल्फा डिजिटल माध्यमों को प्राथमिकता देते हैं। इसलिए सरकार की योजनाओं और प्रदेश के विकास की जानकारी को भी नए माध्यमों और नई प्रस्तुति शैली के साथ युवाओं तक पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि ‘उत्तर प्रदेश संदेश’ को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर युवा पाठकों की जरूरत और रुचि के अनुरूप प्रस्तुत करने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके अलावा वर्तमान में हिंदी में प्रकाशित हो रही पत्रिका में भविष्य में अंग्रेजी भाषा के लेखों को भी शामिल किया जाएगा, जिससे पत्रिका की पहुंच प्रदेश के साथ देश के व्यापक पाठक वर्ग तक बढ़ाई जा सके।

उत्कृष्ट लेखकों को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान ‘उत्तर प्रदेश संदेश’ के अप्रैल-मई और जून-जुलाई अंकों में विभिन्न विषयों पर उत्कृष्ट लेखन करने वाले लेखकों को सम्मानित किया गया। सभी चयनित लेखकों को पुष्पगुच्छ, प्रमाणपत्र और अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। अप्रैल-मई अंक में सुरक्षा एवं सुशासन के लिए लखनऊ के प्रद्युम्न तिवारी, समाज कल्याण के लिए लखनऊ की पायल लक्ष्मी सोनी और हाथरस की डॉ. शिवानी कटारा, शिक्षा के लिए गोरखपुर की ऋचा सिंह, कृषि के लिए सिद्धार्थनगर की यशोदा श्रीवास्तव तथा अवस्थापना एवं संबद्ध क्षेत्र में लखनऊ के सियाराम पांडेय ‘शांत’ को सम्मानित किया गया।

वहीं जून-जुलाई अंक में संतुलित विकास के लिए देवरिया के डॉ. सौरभ मालवीय, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र के लिए प्रयागराज के वीरेंद्र पाठक, नगर एवं ग्राम्य विकास के लिए लखनऊ के रुद्रेश घिल्डियाल, पर्यटन के लिए महाराजगंज के रवि प्रकाश और शिक्षा के लिए आगरा की डॉ. सोनाली शुभम् को सम्मान मिला।

लेखकों से पत्रिका से जुड़ने का आह्वान

विशाल सिंह ने कहा कि उत्कृष्ट लेखकों को सम्मानित करने की यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने प्रदेश के विद्वानों, साहित्यकारों और लेखकों से ‘उत्तर प्रदेश संदेश’ से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विकास यात्रा, उपलब्धियों और सामाजिक बदलावों को तथ्यपरक एवं प्रभावी ढंग से सामने लाने में लेखकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। कार्यक्रम को सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के अपर निदेशक अरविंद कुमार मिश्र ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर वरिष्ठ वित्त एवं लेखाधिकारी संजय कुमार सिंह, सहायक निदेशक सतीश चंद्र भारती, चंद्र मोहन, डॉ. जितेंद्र प्रताप सिंह, चंद्र विजय वर्मा, अमित कुमार यादव, सहयुक्त संपादक अजय कुमार द्विवेदी, उप संपादक दिनेश कुमार गुप्ता सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।