लखनऊ, रफ्तार टूडे। उत्तर प्रदेश नगर निकाय चुनाव जनवरी- 2023 में होने जा रहे हैं। नगर निकायों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक नियुक्त किए जाएंगे। ऐसी स्थिति में नगर आयुक्त और अधिशासी अधिकारी को विशेष अधिकार होंगे। शासन की ओर से यह फरमान जारी किया जा रहा है। नगर निकाय चुनाव की तैयारियों के सिलसिले में जारी किए गए आरक्षण पर एक बड़ा सवाल पैदा हो जाने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। अध्यक्ष पदों के लिए जारी की गई आरक्षण की सूची का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। फिलहाल उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट की और से चुनाव की अधिसूचना पर रोक लगी हुई है। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की ओर से सरकार को आरक्षण प्रक्रिया मे मानकों का पालन किए जाने के बाबत उचित दिशा निर्देश दिए जा सकते हैं। ऐसी स्थिति में सरकार ने माना है की दिसंबर माह में चुनाव कराए जाने संभव नहीं है। चूंकि नगर निकायों का कार्यकाल 08 जनवरी 2023 को समाप्त होने जा रहा है। इस तिथि से पहले चुनाव संपन्न कराया जाना टेढ़ी खीर है। माना जा रहा है कि नगर निकाय चुनाव अब जनवरी-2023 माह के दूसरे सप्ताह में ही होंगे। शासन सूत्रों के मुताबिक फरमान जारी किया जा रहा है की नगर आयुक्त और नगर पंचायत व नगर पालिका अधिशासी अधिकारी कार्यकाल समाप्त होने पर निकायों का संचालन करेंगे। शासन की ओर से यह फरमान सभी जिलाधिकारियों को जारी किया जा रहा है। निकाय कार्यकारिणी नगर आयुक्त और अधिशासी अधिकारियों को परामर्श दे सकेगी। पालिका परिषद, नगर पंचायतों में खातों का संचालन भी अधिशासी अधिकारी और लेखाकार के हस्ताक्षर से होगा। उत्तर प्रदेश में 17 नगर निगम, 200 नगर पालिका परिषद, 545 नगर पंचायतों में यह व्यवस्था लागू होगी।
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बड़ी खबर: उत्तर प्रदेश नगर निकाय चुनाव जनवरी-2023 में होंगे
बड़ी खबर: उत्तर प्रदेश नगर निकाय चुनाव जनवरी-2023 में होंगे

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