ग्रेटर नोएडा में चौथे UPITS का आगाज, 2,400 से अधिक प्रदर्शक और 550 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के पहुंचने की उम्मीद; यूपी के 79 उत्पादों को GI टैग, 75 नए उत्पादों के आवेदन
ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में शुक्रवार को यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 (UPITS 2026) के चौथे संस्करण का शुभारंभ हुआ। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्रेड शो का उद्घाटन किया। 25 से 29 सितंबर तक चलने वाले इस आयोजन में उत्तर प्रदेश के उत्पादों, हस्तशिल्प, MSME, कृषि, टेक्नोलॉजी और अन्य क्षेत्रों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
आयोजकों के अनुसार इस संस्करण में 2,400 से अधिक प्रदर्शक हिस्सा ले रहे हैं, जबकि 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के पहुंचने की उम्मीद है। ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, पारंपरिक उत्पादों और आधुनिक तकनीक से जुड़े उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित किया जा रहा है।
अमित शाह ने कानून-व्यवस्था और निवेश का मुद्दा उठाया
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश ग्रेटर नोएडा में कानून-व्यवस्था और निवेश के मुद्दे पर अपनी बात रखी। उन्होंने पिछली सरकारों के दौर और मौजूदा योगी सरकार के कार्यकाल की तुलना करते हुए कहा कि एक समय राज्य में माफिया का प्रभाव था और कानून-व्यवस्था निवेश के रास्ते में बड़ी बाधा मानी जाती थी।
अमित शाह ने कहा कि 2017 में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद माफिया के खिलाफ कार्रवाई की गई और निवेश के लिए माहौल तैयार हुआ। उनके अनुसार किसी भी राज्य में निवेश आकर्षित करने के लिए कानून-व्यवस्था एक महत्वपूर्ण आधार है और उत्तर प्रदेश में इसमें सुधार से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
गृह मंत्री ने 2013 के एक निवेश सम्मेलन का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय उत्तर प्रदेश का निवेश सम्मेलन लखनऊ के बजाय दिल्ली में आयोजित करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि आज परिस्थितियां बदल चुकी हैं और उत्तर प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए ग्रेटर नोएडा में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो आयोजित हो रहा है।
‘मेक इन इंडिया’ से यूपी के उत्पादों तक बढ़ा फोकस
अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने विनिर्माण और निर्यात के क्षेत्र में अपनी क्षमता मजबूत की है। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्पादन और निर्यात बढ़ने की बात कही।
उन्होंने उत्तर प्रदेश में विकसित किए जा रहे डिफेंस कॉरिडोर का भी जिक्र किया और कहा कि राज्य में रक्षा उत्पादन से जुड़ी क्षमताओं को विकसित किया जा रहा है। उनके अनुसार उत्तर प्रदेश भी देश में बढ़ती विनिर्माण गतिविधियों का हिस्सा बन रहा है।

योगी बोले- यूपी से करीब दो लाख करोड़ रुपये का निर्यात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश से करीब दो लाख करोड़ रुपये के उत्पादों का निर्यात किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यूपी के उत्पादों की गुणवत्ता, सप्लाई चेन और उद्यमियों की विश्वसनीयता को वैश्विक स्तर पर पहचान मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो ने प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण मंच के रूप में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष पहले की तुलना में अधिक देशों के खरीदार और प्रतिनिधि ट्रेड शो में शामिल हो रहे हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वैश्विक बाजार में उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों के साथ आधुनिक उत्पादों और तकनीक की मांग भी बढ़ रही है। राज्य सरकार पारंपरिक हुनर को तकनीक, बेहतर डिजाइन, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग से जोड़ने पर काम कर रही है।
‘जड़ों से जुड़कर दुनिया के साथ चलने की जरूरत’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की पारंपरिक कला, संस्कृति और स्थानीय हुनर को राज्य की बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए आधुनिक बाजार और तकनीक के साथ आगे बढ़ना जरूरी है।
उन्होंने UPITS को परंपरा और तकनीक, विरासत और इनोवेशन तथा हुनर और बाजार को जोड़ने वाला मंच बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार सरकार ने गांवों और जिलों में मौजूद पारंपरिक कौशल की पहचान कर उन्हें आधुनिक बाजार से जोड़ने की दिशा में काम किया है।

यूपी के 79 उत्पादों को GI टैग, 75 नए उत्पादों के आवेदन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि उत्तर प्रदेश के 79 MSME उत्पादों को GI टैग मिल चुका है, जबकि 75 नए उत्पादों के लिए आवेदन किए गए हैं। इनमें भदोही के कालीन, मुरादाबाद का पीतल, कन्नौज का इत्र और वाराणसी की सिल्क जैसे पारंपरिक उत्पाद शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि ODOP, पीएम विश्वकर्मा और विश्वकर्मा श्रम सम्मान जैसी योजनाओं के माध्यम से कारीगरों और छोटे उद्यमियों को प्रशिक्षण, टूलकिट, ऋण, ब्रांडिंग और बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। UPITS 2026 के माध्यम से उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों के साथ-साथ आधुनिक उद्योगों, MSME, कृषि, टेक्नोलॉजी और अन्य क्षेत्रों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। 29 सितंबर तक चलने वाले इस आयोजन में व्यापारिक संपर्क, उत्पाद प्रदर्शन और संभावित कारोबारी साझेदारियों के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

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