यमुना, रफ़्तार टूडे। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के कामकाज को और अधिक तेज़, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) राकेश कुमार सिंह ने तीनों अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (ACEO) के बीच स्पष्ट और विस्तृत कार्य विभाजन कर दिया है। इस फैसले को यमुना प्राधिकरण के इतिहास में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक पुनर्गठन माना जा रहा है, जिसका सीधा असर आने वाले समय में जेवर एयरपोर्ट, इंटरनेशनल फिल्म सिटी, औद्योगिक विकास, किसान योजनाओं और शहरी आधारभूत ढांचे पर दिखेगा।

17 दिसंबर को जारी हुआ अहम कार्यालय आदेश

प्राधिकरण की ओर से 17 दिसंबर को जारी कार्यालय आदेश के तहत अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारियों—
नागेंद्र प्रताप
शैलेन्द्र कुमार भाटिया
राजेश कुमार सिंह

के बीच विभागीय जिम्मेदारियों का औपचारिक बंटवारा किया गया। इस आदेश का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यीडा के विशाल कार्यक्षेत्र में किसी भी परियोजना में देरी न हो, जवाबदेही तय रहे और बड़े विकास प्रोजेक्ट्स तय समयसीमा में पूरे किए जा सकें।

सबसे वरिष्ठ एसीईओ नागेंद्र प्रताप को मिली ‘हेवीवेट’ जिम्मेदारी

प्राधिकरण के सबसे वरिष्ठ अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी नागेंद्र प्रताप को सबसे अधिक और व्यापक दायित्व सौंपे गए हैं। उन्हें कुल 17 प्रमुख श्रेणियों के कार्यों की जिम्मेदारी दी गई है, जिनमें यीडा का आधारभूत ढांचा शामिल है।

उनकी जिम्मेदारियों में प्रमुख रूप से शामिल हैं—

एलएफडी फेज-2 परियोजना के सभी सिविल कार्य

सभी सेक्टरों के सिविल विकास कार्य

यीडा क्षेत्र के सभी गांवों के विकास कार्य

यमुना एक्सप्रेस-वे परियोजना

अर्बन डेवलपमेंट और उद्यान विभाग

फेज-2 (आगरा, मथुरा, हाथरस) का भूमि अधिग्रहण

आवासीय टाउनशिप और एसडीजेड (Special Development Zone)

इन जिम्मेदारियों से साफ है कि नागेंद्र प्रताप को ग्राउंड लेवल इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रामीण-शहरी संतुलन की कमान सौंपी गई है। यमुना क्षेत्र में सड़क, पार्क, गांवों का विकास और आवासीय विस्तार जैसे काम अब सीधे उनके नेतृत्व में होंगे।

जेवर एयरपोर्ट से लेकर फिल्म सिटी तक: शैलेन्द्र भाटिया के कंधों पर मेगा प्रोजेक्ट्स

शैलेन्द्र कुमार भाटिया, जो पहले विशेष कार्याधिकारी के रूप में कार्यरत थे और अब आईएएस संवर्ग में प्रोन्नति के बाद एसीईओ बनाए गए हैं, को भी बेहद रणनीतिक और हाई-प्रोफाइल जिम्मेदारियां दी गई हैं। उन्हें कुल 16 प्रकार के कार्यों का प्रभार सौंपा गया है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) से जुड़े सभी कार्य पूर्व की भांति उन्हीं के पास रहेंगे।

इसके अलावा उनकी जिम्मेदारियों में शामिल हैं—

वाणिज्यिक योजनाएं (Commercial Schemes)

आवासीय भूखंड योजनाएं (सेक्टर 16, 17, 18 और 20)

टाउन प्लानिंग विभाग

इंटरनेशनल फिल्म सिटी परियोजना

आईटी और आईटीईएस सेक्टर का विकास

उद्योग विकास से जुड़े सभी प्रमुख कार्य

विशेषज्ञों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट और फिल्म सिटी जैसे ड्रीम प्रोजेक्ट्स को एक ही अधिकारी के अधीन रखना बेहतर समन्वय और तेज निर्णय प्रक्रिया को सुनिश्चित करेगा।

किसानों, कोर्ट केस और अवैध निर्माण पर राजेश कुमार सिंह की नजर

तीसरे अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी राजेश कुमार सिंह को कुल 9 महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, लेकिन ये जिम्मेदारियां बेहद संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण मानी जा रही हैं।

उनके कार्यक्षेत्र में शामिल हैं—फेज-1 भूमि (गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़)

किसान आबादी के लिए 7% आवासीय भूखंड योजना

किसानों से जुड़े लीज बैक और शिफ्टिंग के मामले

न्यायालयों में लंबित प्रकरण

ग्रुप हाउसिंग परियोजनाएं

प्राधिकरण का कंप्यूटरीकरण

यीडा क्षेत्र में अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर रोक

राजेश कुमार सिंह को प्रशासनिक अनुभव का लाभ मिलेगा क्योंकि वे हाल तक गौतमबुद्धनगर में अपर जिलाधिकारी (भूमि अध्याप्ति) के पद पर कार्यरत थे। उन्हें हाल ही में चित्रकूट का सीडीओ नियुक्त किया गया था, लेकिन शासन ने कुछ ही समय में उन्हें यीडा में एसीईओ के रूप में स्थानांतरित कर दिया।

क्यों अहम है यह कार्य विभाजन?

यमुना प्राधिकरण का क्षेत्र तेजी से एनसीआर का नया ग्रोथ इंजन बनता जा रहा है।

जेवर एयरपोर्ट

लॉजिस्टिक्स हब

फिल्म सिटी

इंडस्ट्रियल कॉरिडोर

नई टाउनशिप

इन सभी परियोजनाओं के चलते प्रशासन पर अत्यधिक दबाव है। ऐसे में कार्यों का स्पष्ट बंटवारा न केवल निर्णय प्रक्रिया को तेज करेगा, बल्कि जवाबदेही भी तय करेगा।

प्रशासनिक हलकों में सकारात्मक प्रतिक्रिया

प्रशासनिक और औद्योगिक हलकों में इस फैसले को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। अधिकारियों का मानना है कि “स्पष्ट कार्य विभाजन से अब हर एसीईओ अपने-अपने क्षेत्र में फोकस्ड होकर काम कर सकेगा और बड़े प्रोजेक्ट्स की मॉनिटरिंग बेहतर होगी।”

आगे क्या?

सूत्रों के अनुसार आने वाले महीनों में— जेवर एयरपोर्ट से जुड़ी सहायक परियोजनाओं में तेजी

किसानों की समस्याओं के समाधान में सुधार

अवैध निर्माण पर सख्त कार्रवाई

डिजिटल गवर्नेंस और ई-ऑफिस सिस्टम को बढ़ावा जैसे कदम देखने को मिल सकते हैं।

यमुना प्राधिकरण में किया गया यह कार्य विभाजन केवल एक प्रशासनिक आदेश नहीं, बल्कि भविष्य के विकास रोडमैप की नींव है। तीनों अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारियों को उनकी विशेषज्ञता और अनुभव के अनुसार जिम्मेदारियां सौंपकर सीईओ राकेश कुमार सिंह ने यह संकेत दे दिया है कि यीडा अब मिशन मोड में काम करेगा।