गुड़गांवएक घंटा पहले
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गिरीश वानखेड़े
- जय भीम ऐप का टीजर लॉन्च करने वाले गिरीश वानखेड़े बताते हैं कि ऐप्स के जरिए युवाओं को मनोरंजन के साथ कमाई करने के भी अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
पिछले दिनों कई चीनी ऐप पर बैन लगाए जाने के बाद युवाओं में शॉर्ट वीडियो ऐप्स की मांग बढ़ी है। इस क्षेत्र में मौज, जोश, टकाटक और चिंगारी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। इनके अलावा कई शॉर्ट वीडियो ऐप्स के लिए अभी काफी संभावनाएं हैं। हाल ही में दुबई में मिड—डे इंटरनेशनल आइकन अवार्ड में जय भीम ऐप का टीजर लॉन्च करने वाले गिरीश वानखेड़े बताते हैं कि दिल्ली-गुड़गांव के साथ पूरे एनसीआर क्षेत्र में शॉर्ट वीडियो ऐप्स के जरिए युवा अपने हुनर को सबके सामने लाकर अपनी पहचान बना रहे हैं। जय भीम ऐप इसी दिशा में एक और कदम है। यह केवल मनोरंजन के लिए नहीं है बल्कि इसके जरिए कमाई करने के भी अवसर प्राप्त हो रहे हैं। एंटरटेनमेंट से पैसा कमाने और उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस विशेष प्रकार के ऐप को तैयार किया गया है।
गिरीष का कहना है कि भीम ऐप में वे सभी खूबियां हैं, जो अंतरराष्ट्रीय शॉर्ट वीडियो ऐप में होती हैं। उनके ऐप में क्रिएटिविटी और उद्यमिता के साथ सामाजिक शिक्षा का भी ध्यान रखा गया है।
वानखेड़े का कहना है कि आमतौर पर छोटे कस्बों के युवाओं को अपना हुनर दिखाने का मौका नहीं मिलता है। यह शॉट वीडियो ऐप उनको एक मंच प्रदान करेगा। इसके जरिए लोग अपने वीडियो से कमाई भी कर सकते हैं। इससे होने वाली कमाई का एक हिस्सा उन्हें दिया जाएगा. साथ ही यह युवाओं व अन्य उम्र के लोगों को अभिनय या मनोरंजन के अन्य क्षेत्र में अपना करियर बनाने में भी मदद करेगा।
उन्होंने उम्मीद जताई कि जय भीम ऐप का बीटा वर्जन एक हफ्ते में काम करने लगेगा। दिसंबर के अंत तक इसे पूरी तरह से विश्वस्तर पर लॉन्च कर दिया जाएगा। भारतीय संस्कृति और समानता को बढ़ावा देते हुए इस ऐप का मकसद ज्यादा से ज्यादा हुनरमंद लोगों तक पहुंचना, उनको सम्मानित व जागरूक करना और उनकी क्रिएटिविटी को विस्तार देना है। उनका उद्देश्य नई पीढ़ी की रचनात्मक ऊर्जा को एक मंच पर लाना है।
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