ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। "शुद्धता ही असली पूंजी है" – इस विचार को आत्मसात करते हुए धनश्री फूड एंड ब्रेवरीज प्राइवेट लिमिटेड ने डेयरी सेक्टर से लेकर मिठाई और रेस्टोरेंट तक अपनी अनूठी पहचान बनाई है। कासना से शुरू हुआ यह सफर अब सूरजपुर जिला न्यायालय परिसर तक पहुंच चुका है, जहां 4 सितंबर 2025 को कंपनी का नया स्वीट एंड रेस्टोरेंट कियोस्क उद्घाटित हुआ। इस अवसर पर क्षेत्र के वरिष्ठ अधिवक्ता, बार एसोसिएशन के पदाधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे और इस उपलब्धि को समाज के लिए गौरव का क्षण बताया।

धनश्री फूड एंड ब्रेवरीज प्राइवेट लिमिटेड ने जिस समर्पण, मेहनत और शुद्धता के बल पर अपने उत्पादों को आमजन तक पहुँचाया है, वह एक अनुकरणीय उदाहरण है। सूरजपुर जिला न्यायालय परिसर में कियोस्क की शुरुआत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि ग्राहकों का विश्वास ही कंपनी की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

2017 से शुरू हुआ सफर, गांव से शहर तक बनी पहचान

धनश्री फूड एंड ब्रेवरीज की नींव 2017 में अमरपुर जागीर गांव (ग्रेटर नोएडा) में रखी गई थी। संस्थापक चौधरी हरिश्चंद्र भाटी के विज़न और उनके परिवार—निदेशक श्रीमती सरोज भाटी तथा प्रबंध निदेशक दुष्यंत भाटी के अथक परिश्रम ने इस सपने को हकीकत में बदला।
आज कंपनी की अपनी गौशाला में 180 से अधिक गायें और 50 बछड़े सुरक्षित हैं। यहां न केवल शुद्ध दूध का उत्पादन होता है बल्कि उच्च नस्लों के संरक्षण और संवर्धन का कार्य भी किया जा रहा है। यही दूध, घी और पनीर धनश्री की सबसे बड़ी पहचान बनकर ग्राहकों के बीच भरोसे का प्रतीक बना।

गांव से वैश्विक मिठास तक का सफर, धनश्री फूड एंड ब्रेवरीज ने सूरजपुर कचहरी तक पहुंचाई शुद्धता और स्वाद की सौगात

मिठाइयों से रेस्टोरेंट तक – बढ़ती लोकप्रियता

शुद्ध गाय के दूध और घी से बनी मिठाइयों ने सबसे पहले कासना मेन रोड पर खुले धनश्री स्वीट एंड रेस्टोरेंट को चर्चित बना दिया। इसके बाद कंपनी ने दूसरा कदम नोएडा सेक्टर-39 बरौला मोड़ पर रखा, जहां 1 सितंबर 2025 को हनुमान मूर्ति रोड पर नए रेस्टोरेंट की शुरुआत हुई। ग्राहकों ने यहां भी शुद्धता और स्वाद पर पूरा भरोसा जताया।
तीसरा और ताज़ा पड़ाव रहा सूरजपुर जिला न्यायालय परिसर, जहां अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और आम लोगों के लिए शुद्धता और परंपरा से जुड़ा कियोस्क 4 सितंबर 2025 को शुरू किया गया।

उद्घाटन समारोह में गणमान्य उपस्थित

कियोस्क का उद्घाटन वरिष्ठ अधिवक्ता संतराम भाटी, बार एसोसिएशन अध्यक्ष प्रमेन्द्र भाटी, सचिव अजीत नागर, पूर्व अध्यक्ष योगेंद्र भाटी और वरिष्ठ अधिवक्ता चौधरी हिब्रंद भाटी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। इस अवसर पर सभी ने धनश्री फूड एंड ब्रेवरीज के प्रयासों की सराहना की।

प्रमुख वक्तव्य

वरिष्ठ अधिवक्ता संतराम भाटी ने कहा "धनश्री ने जिस तरह शुद्धता और गुणवत्ता को आधार बनाकर विश्वास कायम किया है, वह सराहनीय है। न्यायालय परिसर में इस तरह का रेस्टोरेंट अधिवक्ताओं और कर्मचारियों के लिए बड़ी सौगात है।"

बार अध्यक्ष प्रमेन्द्र भाटी ने अपने संबोधन में कहा "आज के दौर में जब मिलावट का बोलबाला है, ऐसे समय में शुद्धता पर आधारित ब्रांड का विस्तार बेहद संतोषजनक है। धनश्री की मिठाइयाँ स्वादिष्ट होने के साथ स्वास्थ्य की दृष्टि से भी सुरक्षित हैं।"

गांव से वैश्विक मिठास तक का सफर, धनश्री फूड एंड ब्रेवरीज ने सूरजपुर कचहरी तक पहुंचाई शुद्धता और स्वाद की सौगात

श्रीमती सरोज भाटी निदेशक और प्रबंध निदेशक

निदेशक श्रीमती सरोज भाटी ने कहा "यह प्रगति हमारे ग्राहकों और क्षेत्र के लोगों के विश्वास का परिणाम है। हम हर ग्राहक को परिवार की तरह मानते हैं और आगे भी शुद्धता को बरकरार रखते हुए समाज की सेवा करते रहेंगे।"

कंपनी के प्रबंध निदेशक दुष्यंत भाटी ने अपने आभार संबोधन में

प्रबंध निदेशक दुष्यंत भाटी ने भावुकता से कहा—
"हमारे पिता जी का सपना था कि गांव से लेकर शहर तक शुद्ध दूध और मिठाइयाँ पहुंचें। आज यह मुकाम हमारे ग्राहकों और शुभचिंतकों के सहयोग के बिना संभव नहीं था। धनश्री का हर उत्पाद आगे भी शुद्धता की पहचान बना रहेगा।"

वैश्विक पहचान – भारत से विदेशों तक मिठास का सफर

धनश्री फूड एंड ब्रेवरीज केवल गौतमबुद्ध नगर तक सीमित नहीं है। कंपनी की मिठाइयाँ और डेयरी उत्पाद विदेशों तक लोकप्रिय हैं। यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, इंग्लैंड और सऊदी अरब में रहने वाले भारतीय अक्सर अपने साथ धनश्री की मिठाइयाँ ले जाते हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि कंपनी ने स्वाद और गुणवत्ता दोनों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।

शुद्धता ही सबसे बड़ा निवेश पूर्व मंत्री भाजपा हरिचंद्र भाटी

धनश्री के चेयरमैन चौधरी हरिश्चंद्र भाटी का मानना है—
"हम कभी भी गुणवत्ता और शुद्धता से समझौता नहीं करते। यही हमारी सबसे बड़ी पूंजी और सफलता का आधार है।"
आज धनश्री फूड एंड ब्रेवरीज सिर्फ एक कंपनी नहीं, बल्कि परंपरा और स्वाद का प्रतीक बन चुकी है, जिसने गांव से शहर और अब विदेशों तक अपनी मिठास फैलाई है।