प्राधिकरण के DGM विजय रावल के मुताबिक, क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों और वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सड़क को छह लेन में बदलने का निर्णय लिया गया है। सड़क चौड़ी होने से ईकोटेक-3, ग्रेटर नोएडा वेस्ट और सूरजपुर-दादरी मार्ग के बीच आवागमन करने वाले वाहन चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
जलभराव, धूल और जाम से राहत मिलने की उम्मीद
ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा वेस्ट और दादरी के बीच आवागमन को सुगम बनाने की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ईकोटेक-3 औद्योगिक क्षेत्र की मुख्य सड़क को चार लेन से बढ़ाकर छह लेन किया जाएगा। नोएडा-सूरजपुर-दादरी मार्ग से न्यू हॉलैंड गोलचक्कर तक करीब 2 किलोमीटर लंबे मार्ग के चौड़ीकरण पर लगभग 7.37 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। परियोजना में सिर्फ सड़क चौड़ीकरण ही नहीं, बल्कि अधूरी नालियों का निर्माण पूरा करने, सड़क किनारों को व्यवस्थित करने और छिद्रयुक्त ग्रास पेवर ब्लॉक लगाने का काम भी शामिल है। प्राधिकरण का उद्देश्य क्षेत्र में बढ़ते यातायात के दबाव के साथ-साथ जाम, जलभराव और धूल की समस्या को कम करना है।
भारी वाहनों के दबाव से बिगड़ी सड़क की स्थिति
ईकोटेक-3 ग्रेटर नोएडा के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में ट्रक, कंटेनर और अन्य भारी व्यावसायिक वाहन लगातार आवागमन करते हैं। औद्योगिक गतिविधियों में बढ़ोतरी के साथ इस मार्ग पर यातायात का दबाव भी लगातार बढ़ा है। चार लेन की मौजूदा सड़क पर भारी वाहनों की आवाजाही के कारण कई स्थानों पर यातायात बाधित होता है। सड़क पर गड्ढों और खराब सतह के कारण वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। व्यस्त समय में जाम की स्थिति और गंभीर हो जाती है। प्राधिकरण के DGM विजय रावल के मुताबिक, क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों और वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सड़क को छह लेन में बदलने का निर्णय लिया गया है। सड़क चौड़ी होने से ईकोटेक-3, ग्रेटर नोएडा वेस्ट और सूरजपुर-दादरी मार्ग के बीच आवागमन करने वाले वाहन चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
अधूरी नालियां होंगी पूरी, जलभराव पर लगेगी रोक
ईकोटेक-3 क्षेत्र में बरसात के दौरान जलभराव की समस्या भी गंभीर रहती है। बारिश का पानी सड़क पर जमा होने से यातायात प्रभावित होने के साथ सड़क की गुणवत्ता पर भी असर पड़ता है। इसी को देखते हुए सड़क चौड़ीकरण परियोजना के साथ अधूरी नालियों का निर्माण पूरा कराया जाएगा। बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था से बारिश के पानी की निकासी आसान होने की उम्मीद है। इससे सड़क पर पानी जमा होने की समस्या कम होगी और लंबे समय तक सड़क को बेहतर स्थिति में बनाए रखने में मदद मिलेगी।
सड़क किनारे लगाए जाएंगे ग्रास पेवर ब्लॉक
परियोजना में पर्यावरण और सड़क के आसपास की व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए छिद्रयुक्त ग्रास पेवर ब्लॉक लगाने का भी प्रावधान किया गया है। सड़क के दोनों किनारों पर कच्ची मिट्टी होने के कारण भारी वाहनों की आवाजाही से धूल उड़ने की समस्या बनी रहती है। पेवर ब्लॉक लगाए जाने से खुले कच्चे हिस्से को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी और धूल उड़ने की समस्या कम होने की उम्मीद है। छिद्रयुक्त संरचना होने के कारण बारिश का पानी जमीन में जाने में भी सहायता मिल सकती है।
एक परियोजना से कई समस्याओं के समाधान का प्रयास
करीब 7.37 करोड़ रुपये की इस परियोजना में सड़क चौड़ीकरण, सड़क निर्माण/डामरीकरण, अधूरी नालियों को पूरा करना और सड़क किनारों पर पेवर ब्लॉक लगाने जैसे कार्य शामिल हैं। प्राधिकरण की योजना के अनुसार छह लेन सड़क बनने के बाद ईकोटेक-3 औद्योगिक क्षेत्र में यातायात का दबाव बेहतर तरीके से संचालित हो सकेगा। साथ ही ड्रेनेज व्यवस्था में सुधार और सड़क किनारों के विकास से जाम, जलभराव और धूल जैसी मौजूदा समस्याओं को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट से सूरजपुर-दादरी मार्ग की ओर आने-जाने वाले लोगों के लिए यह परियोजना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ईकोटेक-3 में औद्योगिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। सड़क की क्षमता बढ़ने के बाद इस पूरे कॉरिडोर में कनेक्टिविटी और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

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