लखनऊ/नोएडा, रफ़्तार टूडे। उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए प्रशिक्षु IPS अधिकारियों को फील्ड में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। 2023 और 2024 बैच के अधिकारियों की पहली तैनाती को लेकर जारी सूची में 23 IPS अधिकारियों को अलग-अलग जिलों और पुलिस कमिश्नरेट में जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि, उपलब्ध पूर्व रिपोर्टों के अनुसार इन अधिकारियों को इससे पहले भी जनपदीय व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए अलग-अलग स्थान आवंटित किए गए थे।
नोएडा पुलिस कमिश्नरेट के लिए संचित शर्मा की तैनाती इस सूची में खास तौर पर महत्वपूर्ण है। संचित शर्मा ने सिविल सेवा परीक्षा 2022 में ऑल इंडिया रैंक 92 हासिल कर IPS में स्थान बनाया था। वे मध्य प्रदेश के बड़वानी से बताए जाते हैं। नोएडा में उनकी तैनाती से कमिश्नरेट की युवा नेतृत्व क्षमता को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
संचित शर्मा की नोएडा में तैनाती
IPS अधिकारी संचित शर्मा को पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) के पद पर जिम्मेदारी दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे पहले वे उन्नाव के सफीपुर थाने में व्यावहारिक प्रशिक्षण से जुड़े रहे। उनका कार्यकाल पूरा होने पर पुलिस स्टाफ की ओर से विदाई भी दी गई थी। संचित शर्मा की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी उन्हें खास बनाती है। उन्होंने B.Tech और M.Tech की पढ़ाई की है और इसके बाद सिविल सेवा में सफलता हासिल की। अब उनकी तकनीकी पृष्ठभूमि और पुलिस प्रशिक्षण का इस्तेमाल साइबर अपराध, तकनीक आधारित पुलिसिंग, अपराध विश्लेषण और आधुनिक जांच जैसे क्षेत्रों में उपयोगी साबित हो सकता है।

दिनेश गोदारा की कहानी भी प्रेरणादायक
युवा IPS अधिकारियों में दिनेश गोदारा भी चर्चा में हैं। आधिकारिक IPS नियुक्ति दस्तावेज में उनका नाम सिविल सेवा परीक्षा-2022 के चयनित अधिकारियों में रैंक 150 के साथ दर्ज है। दिनेश गोदारा मूल रूप से राजस्थान के बीकानेर जिले के नगरासर गांव से बताए जाते हैं। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और इसके बाद प्रशासनिक सेवा की राह चुनी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उन्होंने JIT गुवाहाटी से केमिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी में B.Tech किया। इंजीनियरिंग के बाद निजी क्षेत्र में नौकरी का अवसर मिलने के बावजूद उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी को प्राथमिकता दी।
हालांकि एक महत्वपूर्ण तथ्य-सुधार जरूरी है: उपलब्ध विश्वसनीय स्रोतों में 2025 की पहली जिला-आवंटन सूची में दिनेश गोदारा को गोरखपुर भेजे जाने का उल्लेख है, जबकि शुभम जैन को अयोध्या भेजा गया था।

23 अधिकारियों को अलग-अलग जिलों में जिम्मेदारी
पहली तैनाती में अधिकारियों को प्रदेश के विभिन्न जिलों और पुलिस कमिश्नरेट में भेजा गया। पूर्व में प्रकाशित सूची के मुताबिक अभय राजेंद्र दागा को आगरा कमिश्नरेट, दिनेश गोदारा को गोरखपुर, अंजना दहिया को बरेली, ईश्वर लाल गुर्जर को प्रयागराज कमिश्नरेट, अंकित बंसल को बिजनौर, मोहम्मद आफताब आलम को प्रतापगढ़ और बजरंग प्रसाद को मेरठ भेजा गया था।
दिनेश गोदरा के अयोध्या जिले में भेजा गया है। दिल्ली के शुभम जैन पुलिस कमिश्नेट वाराणसी, सष्टि जैन को अलीगढ़, मानसी को बस्ती, बजरंग प्रसाद को पुलिस कमिश्नरेट आगरा, प्रेमसुख दरिया को बुलंदशहर, विनय कुमार यादव को सीतापुर, संचित शर्मा को पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर (नोएडा) का ASP बनाकर भेजा गया है।
वहीं एस० दीप्थी चाह्माण पुलिस कमिश्नरेट प्रयागराज, श्लोक गौतम को हरदोई जिला ओर दीक्षाभोरिया को मेरठ, सुमेध मिलिंद जाधव को बदाय जिले का ASP बनाया गया है।


प्रशिक्षण के बाद अब वास्तविक पुलिसिंग की चुनौती
इन युवा अधिकारियों के लिए फील्ड पोस्टिंग उनके प्रशिक्षण का सबसे महत्वपूर्ण चरण है। IPS अधिकारियों को कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, जनसुनवाई, बीट पुलिसिंग, साइबर अपराध, जांच प्रक्रिया और पुलिस-जन संवाद जैसे क्षेत्रों में व्यवहारिक अनुभव प्राप्त करना होता है। प्रशिक्षण के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने भी प्रशिक्षु IPS अधिकारियों को जनसुनवाई में आने वाले फरियादियों के साथ संवेदनशील और विनम्र व्यवहार करने तथा पुलिस कार्यालयों में समयबद्ध तरीके से उपलब्ध रहने की सलाह दी थी।
नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे कमिश्नरेट में संचित शर्मा की तैनाती इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि यहां साइबर अपराध, यातायात प्रबंधन, औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा, हाईराइज सोसाइटी से जुड़े विवाद और शहरी अपराध पुलिसिंग की बड़ी चुनौतियां हैं। युवा अधिकारियों से उम्मीद की जा रही है कि वे तकनीक और आधुनिक पुलिसिंग के जरिए इन चुनौतियों से निपटने में योगदान देंगे।

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