ग्रेटर नोएडा | रफ्तार टुडे

ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा विश्वविद्यालय में स्पोर्ट्स सोसाइटी और डीएसडब्ल्यू (डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर) के संयुक्त तत्वावधान में तीसरे अंतरराष्ट्रीय क्वान की डो प्रशिक्षण सेमिनार का भव्य आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में क्वान की डो फेडरेशन ऑफ इंडिया का विशेष सहयोग रहा, जिसमें भारत समेत दुनिया के कई देशों से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

इस अंतरराष्ट्रीय सेमिनार की सबसे खास बात यह रही कि इसमें रोमानिया से विशेष रूप से आमंत्रित दो प्रशिक्षकों ने अपने अद्भुत कौशल का प्रदर्शन कर प्रतिभागियों को क्वान की डो की बारीकियों से अवगत कराया। इस दौरान उन्होंने छात्रों को आत्मरक्षा की नई तकनीकों, खेल कौशल और मार्शल आर्ट्स के उन्नत दांव-पेच सिखाए।

विदेशी प्रशिक्षकों से मिली नई सीख, प्रतिभागियों में दिखा उत्साह

सेमिनार के दौरान रोमानियाई मास्टर्स ने क्वान की डो की तकनीकों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाते हुए बताया कि यह सिर्फ़ एक मार्शल आर्ट नहीं, बल्कि आत्म-अनुशासन और आत्म-रक्षा का प्रभावी साधन भी है।

विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों ने पूरे उत्साह के साथ इस सेमिनार में भाग लिया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्वान की डो के महत्व को जाना।

"क्वान की डो सिर्फ़ एक खेल नहीं, यह जीने का तरीका है" - खेल निदेशक

शारदा विश्वविद्यालय के खेल निदेशक डॉ. कपिल दवे ने सेमिनार के दौरान कहा कि -
"क्वान की डो को परिभाषित करना आसान नहीं है। यह सिर्फ़ एक शारीरिक गतिविधि नहीं, बल्कि एक जीवनशैली है। कुछ लोगों के लिए यह आत्म-अनुशासन का साधन है, तो कुछ के लिए प्रतिस्पर्धात्मक खेल। लेकिन गहराई से देखा जाए तो यह आत्म-ज्ञान, मानसिक दृढ़ता और शरीर की श्रेष्ठता हासिल करने का माध्यम है।"

उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय सेमिनार से छात्रों को वैश्विक खेल संस्कृति से जुड़ने और अपनी क्षमताओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाने का अवसर मिलता है।

इन प्रमुख हस्तियों ने बढ़ाया कार्यक्रम का गौरव

इस विशेष सेमिनार में विश्वविद्यालय के कई गणमान्य अधिकारी और शिक्षक भी मौजूद रहे, जिन्होंने छात्रों का हौसला बढ़ाया। इनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे -

प्रो-चांसलर वाई.के. गुप्ता
रजिस्ट्रार विवेक गुप्ता
डीन डॉ. प्रमोद कुमार
अक्षित, रिशांक अग्रवाल और अमित कुमार

इन सभी ने सेमिनार में प्रतिभागियों से संवाद किया और इस तरह के आयोजनों के महत्व पर प्रकाश डाला।

विदेशी प्रशिक्षकों की विशेष ट्रेनिंग से छात्रों को क्या लाभ मिलेगा?

आत्मरक्षा के उन्नत कौशल सीखने का अवसर
अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोच से प्रशिक्षण
शारीरिक और मानसिक संतुलन को बेहतर करने की तकनीक
क्वान की डो की बारीकियों को गहराई से समझने का मौका
प्रतियोगी खेलों के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने की दिशा में मार्गदर्शन

शारदा विश्वविद्यालय बना खेलों का अंतरराष्ट्रीय केंद्र

शारदा विश्वविद्यालय न केवल शिक्षा के क्षेत्र में बल्कि खेलों में भी अपनी पहचान लगातार मजबूत कर रहा है। यह सेमिनार विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल प्रशिक्षण कार्यक्रमों का हिस्सा है, जिससे छात्रों को वैश्विक खेल मंच पर खुद को साबित करने का अवसर मिलता है।

अब देखना यह होगा कि भविष्य में क्वान की डो में प्रशिक्षित ये छात्र कैसे अपनी प्रतिभा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकाते हैं।


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