ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। जैसे-जैसे दिसंबर की ठंड अपने तेवर दिखा रही है, वैसे-वैसे सुबह और शाम के समय ग्रेटर नोएडा की सड़कों, चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर ठिठुरन बढ़ती जा रही है। सर्द हवाओं और गिरते तापमान के बीच आमजन, मजदूर, रिक्शा चालक, ठेला-पटरी वाले और देर रात तक ड्यूटी करने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने एक अहम और मानवीय फैसला लिया है।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एन.जी. रवि कुमार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने शहर के 19 प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था शुरू कर दी है। यह कदम खासतौर पर विंटर रिलीफ, कोल्ड वेव प्रोटेक्शन और पब्लिक सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, ताकि सर्दी के इस मौसम में किसी भी नागरिक को अनावश्यक परेशानी न झेलनी पड़े।

सुबह-शाम की ठिठुरन में मिलेगा सुकून

ग्रेटर नोएडा में सुबह तड़के और शाम ढलते ही ठंड अपने चरम पर पहुंच जाती है। ऐसे में दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, निर्माण स्थलों पर काम करने वाले मजदूर, रिक्शा-ऑटो चालक, सुरक्षाकर्मी और राहगीर लंबे समय तक खुले में रहते हैं। अलाव की यह व्यवस्था खास तौर पर इन्हीं लोगों के लिए राहत लेकर आई है। प्राधिकरण का मानना है कि यह कदम न सिर्फ ठंड से बचाव करेगा, बल्कि बीमारियों के खतरे को भी कम करेगा।

शहर के इन 19 स्थानों पर जल रहे हैं अलाव

प्राधिकरण द्वारा जिन स्थानों को अलाव के लिए चिन्हित किया गया है, वे शहर के सबसे व्यस्त और अधिक आवाजाही वाले इलाके हैं। इनमें शामिल हैं, जगत फार्म, परी चौक के पास सूरजपुर–कसना रोड, परी चौक पुलिस चौकी, सूरजपुर एंट्री पॉइंट, एच्छर, सेक्टर-36 गेट नंबर-4, अल्फा कमर्शियल बेल्ट (डोमिनोज और HDFC बैंक के पास), कुलेसरा, कासना, सेक्टर बीटा-1 स्थित सीएम मार्केट, शारदा अस्पताल परिसर, ओमेगा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स (यमुना प्राधिकरण के पास), दुर्गा टॉकीज रोटरी, दो रैन बसेरा क्षेत्र, हनुमान मंदिर, बिसरख, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, चार मूर्ति चौक, तुगलपुर मेट्रो स्टेशन, पी-3 गोलचक्कर इन स्थानों पर दिनभर और खासकर सुबह-शाम अलाव जलाए जा रहे हैं, ताकि अधिकतम लोगों को इसका लाभ मिल सके।

राहगीरों और मजदूरों ने ली राहत की सांस

अलाव की व्यवस्था शुरू होते ही इन स्थानों पर मौजूद लोगों ने राहत महसूस की है। जगत फार्म और परी चौक जैसे इलाकों में सुबह-सुबह लोग अलाव के पास हाथ सेंकते नजर आ रहे हैं। निर्माण मजदूरों का कहना है कि ठंड में काम करना बेहद मुश्किल हो जाता है, ऐसे में अलाव उन्हें थोड़ी गर्माहट और राहत देता है। वहीं रिक्शा और ऑटो चालक भी इस पहल की सराहना कर रहे हैं।

एसीईओ लक्ष्मी वीएस का बयान

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ लक्ष्मी वीएस ने बताया कि प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा “यदि ठंड और बढ़ती है या जरूरत महसूस होती है, तो अतिरिक्त स्थानों पर भी अलाव की व्यवस्था की जाएगी। हमारा उद्देश्य है कि सर्दी के मौसम में किसी भी नागरिक को असुविधा न हो।”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रैन बसेरों और सार्वजनिक स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

कोल्ड वेव अलर्ट के बीच प्रशासन सतर्क

मौसम विभाग द्वारा समय-समय पर जारी किए जा रहे कोल्ड वेव अलर्ट को देखते हुए ग्रेटर नोएडा प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। अलाव जलाने के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाएं। प्राधिकरण का यह कदम सिविक फैसिलिटी, अर्बन डेवलपमेंट और पब्लिक वेलफेयर की दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।

सर्दी में मानवीय पहल की मिसाल

शहरों में अक्सर विकास की बात होती है, लेकिन ठंड जैसे मौसम में आम आदमी की जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया यह फैसला प्रशासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है। अलाव की व्यवस्था से न सिर्फ शारीरिक राहत मिलती है, बल्कि लोगों में यह भरोसा भी पैदा होता है कि प्रशासन उनके साथ खड़ा है।

आगे भी जारी रहेगी राहत व्यवस्था

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का कहना है कि सर्दी के पूरे सीजन में हालात के अनुसार व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाती रहेगी। जरूरत पड़ने पर अलाव की संख्या और स्थानों में इजाफा किया जाएगा। प्राधिकरण का स्पष्ट संदेश है कि जनकल्याण सर्वोपरि है और ठंड के मौसम में किसी भी नागरिक को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।

बढ़ती ठंड के बीच ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा उठाया गया यह कदम न केवल राहत देने वाला है, बल्कि यह बताता है कि शहर का प्रशासन मौसम की मार झेल रहे लोगों की चिंता कर रहा है। 19 सार्वजनिक स्थानों पर जलते अलाव ठिठुरते शहर को गर्माहट देने के साथ-साथ प्रशासनिक संवेदनशीलता की भी पहचान बन गए हैं।