नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा प्राधिकरण ने शहर में विकास कार्यों, अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई, जल निकासी व्यवस्था, ऑनलाइन सेवाओं और जनशिकायतों के निस्तारण को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। बुधवार, 12 अगस्त 2026 को नोएडा प्राधिकरण के मुख्य प्रशासनिक भवन, सेक्टर-96 स्थित कॉन्फ्रेंस रूम में मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) श्री कृष्ण करुणेश की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक में शहर की व्यवस्थाओं को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए। बैठक में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी, विशेष कार्याधिकारी क्रांतिशेखर सिंह, इन्दु प्रकाश सिंह, एनके सिंह, महाप्रबंधक-सिविल एसपी सिंह, महाप्रबंधक एके अरोड़ा एवं आरपी सिंह, महाप्रबंधक (जल/वित्त/यांत्रिकी), वर्क सर्किल-1 से 10 के वरिष्ठ प्रबंधक, जल खंड-1 से 4 के वरिष्ठ प्रबंधक तथा उद्यान विभाग के निदेशक आनंद मोहन सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
30 अक्टूबर तक पूरे होंगे विकास और मरम्मत के काम
बैठक में सीईओ कृष्ण करुणेश ने सभी वरिष्ठ प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गांवों और सेक्टरों में अनुरक्षण, विकास एवं रिसर्फेसिंग से जुड़े सभी कार्य 30 अक्टूबर 2026 तक हर हाल में पूरे किए जाएं। प्राधिकरण का फोकस अब लंबित विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर रहेगा। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की नियमित निगरानी करने और गुणवत्ता के साथ उन्हें निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही सभी वर्क सर्किलों को अपने कार्यक्षेत्र में आने वाले गांवों और सेक्टरों का लगातार निरीक्षण करने तथा वहां होने वाले अवैध एवं अनधिकृत निर्माण को ध्वस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। यानी आने वाले दिनों में नोएडा के अलग-अलग इलाकों में अवैध निर्माण के खिलाफ प्राधिकरण की कार्रवाई तेज हो सकती है।
अवैध निर्माण तोड़ने के लिए खरीदी जाएंगी 5 जेसीबी और 5 हाइड्रा
शहर में अवैध एवं अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई को प्रभावी बनाने के लिए प्राधिकरण ने संसाधन बढ़ाने का भी निर्णय लिया है। बैठक में संबंधित विभाग को 5 जेसीबी मशीन और 5 हाइड्रा क्रेन खरीदने के निर्देश दिए गए। इन मशीनों का इस्तेमाल मुख्य रूप से अवैध निर्माण और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में किया जाएगा। प्राधिकरण का मानना है कि पर्याप्त मशीनरी उपलब्ध होने से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में तेजी आएगी और विभिन्न वर्क सर्किलों में अभियान को एक साथ आगे बढ़ाया जा सकेगा।
मुख्य नालों और नालियों को ढकने के निर्देश
बारिश के दौरान जलभराव और खुले नालों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को देखते हुए सीईओ ने शहर के मुख्य नालों और नालियों को कवर करने के निर्देश भी दिए हैं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि ऐसे स्थानों को चिन्हित किया जाए जहां खुले नाले या नालियां दुर्घटना का कारण बन सकती हैं। इसके बाद प्राथमिकता के आधार पर उन्हें ढकने की कार्रवाई की जाए, ताकि आम नागरिकों को किसी तरह की परेशानी या दुर्घटना का सामना न करना पड़े।
‘प्रहरी ऐप’ और ई-ऑफिस की भी हुई समीक्षा
बैठक में नोएडा प्राधिकरण की विभिन्न प्रक्रियाओं को डिजिटल और ऑनलाइन किए जाने के संबंध में भी समीक्षा की गई। इस दौरान ‘प्रहरी ऐप’ और ‘ई-ऑफिस’ की कार्यप्रणाली पर अधिकारियों से जानकारी ली गई। सीईओ कृष्णा करुणेश ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि डिजिटल व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए और अधिक से अधिक विभागीय कार्य ऑनलाइन माध्यम से किए जाएं। उन्होंने सभी विभागों को यह भी निर्देश दिया कि 16 अगस्त से पहले ई-ऑफिस पर संविदाकारों (कॉन्ट्रैक्टर्स) का पंजीकरण सुनिश्चित कराया जाए। इससे प्राधिकरण की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और विभिन्न प्रक्रियाओं को ऑनलाइन करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
धारा-10 के तहत अतिक्रमण पर नोटिस होंगे जारी
नोएडा क्षेत्र में निर्मित भवनों में मौजूद अतिक्रमण को लेकर भी बैठक में सख्त रुख अपनाया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि धारा-10 के नियमों एवं शर्तों के अनुरूप संबंधित आवंटियों को नोटिस जारी किए जाएं।, प्राधिकरण की ओर से यह कार्रवाई उन मामलों में की जाएगी जहां स्वीकृत नियमों और शर्तों के विपरीत निर्माण अथवा अतिक्रमण पाया जाएगा। अधिकारियों को ऐसे मामलों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया है।
IGRS शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर वेतन रोकने का आदेश
जनता से मिलने वाली शिकायतों के निस्तारण को लेकर भी सीईओ ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी। बैठक में आईजीआरएस (Integrated Grievance Redressal System) के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की समीक्षा की गई। सीईओ ने स्पष्ट निर्देश दिया कि आईजीआरएस से प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से निस्तारण होना चाहिए। यदि किसी संबंधित अधिकारी की लापरवाही के कारण शिकायतों का उचित निस्तारण नहीं किया जाता है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारी का एक माह का वेतन रोकने के निर्देश भी दिए गए। इससे स्पष्ट है कि प्राधिकरण अब जनशिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लेने की तैयारी में है।
15 अगस्त को हर तिरंगा कार्यक्रम को भव्य बनाने की तैयारी
बैठक में आगामी स्वतंत्रता दिवस, 15 अगस्त को लेकर भी चर्चा हुई। नोएडा प्राधिकरण द्वारा प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हर तिरंगा कार्यक्रम आयोजित किए जाने के निर्देश दिए गए। इस वर्ष कार्यक्रम को अधिक भव्य और समावेशी तरीके से आयोजित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां करने को कहा गया। अधिकारियों को कार्यक्रम में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा आयोजन को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के निर्देश दिए गए।
विकास कार्यों के साथ अवैध निर्माण पर भी नजर
नोएडा प्राधिकरण की इस बैठक से साफ है कि आने वाले महीनों में शहर में एक ओर जहां विकास, अनुरक्षण और सड़कों की रिसर्फेसिंग के कामों को गति दी जाएगी, वहीं दूसरी ओर अवैध और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ भी कार्रवाई तेज होगी। सीईओ कृष्ण करुणेश ने अधिकारियों को समयसीमा के भीतर काम पूरा करने, फील्ड में नियमित निरीक्षण करने, नागरिकों की शिकायतों का समय पर समाधान करने और प्राधिकरण की डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया। खास तौर पर 30 अक्टूबर तक विकास कार्य पूरे करने, अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई के लिए मशीनरी बढ़ाने, खुले नालों को ढकने और आईजीआरएस शिकायतों में लापरवाही पर जवाबदेही तय करने के निर्देशों को शहर की व्यवस्थाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में अधिकारियों को यह संदेश भी दिया गया कि विकास कार्यों की गुणवत्ता, समयसीमा और जनसुविधाओं से जुड़े मामलों में किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

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