जेवर, ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की 85वीं बोर्ड बैठक मंगलवार को आयोजित हुई और इस बैठक में एक के बाद एक ऐतिहासिक फैसले लिए गए, जो न सिर्फ जेवर एयरपोर्ट से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा देंगे, बल्कि पूरे यमुना प्राधिकरण क्षेत्र को भविष्य का ‘इंडस्ट्रियल एंड टूरिज्म हब’ बनाने की ओर अग्रसर करेंगे।

बैठक में प्राधिकरण के चेयरमैन व प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास श्री आलोक कुमार और सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह की मौजूदगी में 20 से अधिक प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। आइए जानते हैं इस बैठक में क्या-क्या बड़े फैसले हुए जिनसे बदलेगा पूरा यीडा क्षेत्र का चेहरा।


इलेक्ट्रॉनिक्स क्लस्टर को मिली ग्रीन सिग्नल, हॅवेल्स इंडिया को मिला एंकर रोल

प्राधिकरण के सेक्टर-10 में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC 2.0) को विकसित करने की स्वीकृति दी गई। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर कुल 341 करोड़ रुपये का निवेश होगा, जिसमें से भारत सरकार 144.48 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देगी।

यहां Havells India Ltd. को 50 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। यह कंपनी पूरे क्लस्टर की एंकर यूनिट होगी। इसमें कन्वेंशन सेंटर, रेस्टोरेंट, कौशल विकास केंद्र और कई वाणिज्यिक सुविधाएं स्थापित की जाएंगी।


सेक्टर-18 और सेक्टर-32 में मिलेंगे दो नए फायर स्टेशन, जीवन सुरक्षा को मिली प्राथमिकता

जन सुरक्षा के लिए बोर्ड ने सेक्टर-18 और सेक्टर-32 में 7485 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाले दो फायर स्टेशन बनाने की मंजूरी दी। ये भूखंड अग्निशमन विभाग को प्रतीकात्मक दर यानी मात्र ₹1 प्रति वर्गमीटर में आवंटित होंगे।


NAEC के 82 सदस्यों को मिला भूखंड, फैशन उद्योग को नई उड़ान

नोएडा एपरल एक्सपोर्ट क्लस्टर (NAEC) के 82 उद्यमियों को सेक्टर-29 में प्लॉट आवंटन को हरी झंडी दी गई। अब तक 65 सदस्यों को लीज प्लान, 61 को लीज डीड और 43 को प्लॉट का कब्जा दिया जा चुका है। इससे नोएडा के रेडीमेड गारमेंट उद्योग को बड़ा फायदा मिलेगा।


रुके हुए प्रोजेक्ट्स को दोबारा मिली रफ्तार, 6879 फ्लैट्स की रजिस्ट्री हुई पूरी

सात बड़े ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स ने 25% बकाया राशि (करीब ₹408 करोड़) जमा कर दी है। इससे न सिर्फ वर्षों से अटके प्रोजेक्ट्स को जीवनदान मिला है, बल्कि अब तक 6879 फ्लैट्स की रजिस्ट्री भी हो चुकी है। इस निर्णय से हजारों परिवारों को राहत मिलेगी।


500 इलेक्ट्रिक बसें दौड़ेंगी ग्रेटर नोएडा और यीडा में, पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मिलेगा बूस्ट

बैठक में ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में 500 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को मंजूरी मिली है। ये बसें GCC मॉडल के तहत चलाई जाएंगी जिससे आम जनता को सस्ता, प्रदूषण मुक्त और सुविधाजनक सफर मिलेगा।


सेक्टर 22F और 23B में बनेगा टूरिज्म एंड एंटरटेनमेंट हब

दोनों सेक्टरों को रिक्रिएशन ग्रीन जोन घोषित किया गया है, जहां निम्नलिखित सुविधाएं प्रस्तावित हैं:

  • गोल्फ कोर्स
  • जिमखाना क्लब
  • यमुना हट्स
  • Kingdom of Dreams
  • Imagica Theme Park
  • Oxford Golf Resort
  • Delhi Haat
  • Olympic Village
  • Cubbon Park (बेंगलुरु की तर्ज पर)

ये प्रोजेक्ट्स PPP मॉडल पर विकसित किए जाएंगे और विदेशी निवेश को भी आकर्षित करेंगे।


सेक्टर-10 में बनेगा 132/33 केवी का विद्युत उपकेंद्र

सेक्टर-10 में इलेक्ट्रॉनिक क्लस्टर की ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए नया 132/33 केवी विद्युत उपकेंद्र प्रस्तावित किया गया है। इससे पूरे एयरपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र को 24x7 बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी।


M/s Mother Food & Vegetable Pvt. Ltd. को 21 भूखंड

इस कंपनी को सेक्टर-18 और 20 में 21 भूखंड दिए गए हैं, जिनका आकार घटाकर 100 वर्गमीटर किया गया है। यह निर्णय छोटे और मध्यम स्तर के उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है।


28,900 नए रेजिडेंशियल प्लॉट, जल्द खुलेगी नई स्कीम

सेक्टर-16, 17, 18, 20 और 22D में 28,900 आवासीय भूखंड विकसित किए गए हैं, जिनकी योजना जल्द लॉन्च होगी। प्लॉट साइज 60 वर्गमीटर से लेकर 4000 वर्गमीटर तक होंगे। इसके अलावा 30 वर्गमीटर के भूखंडों की योजना भी विचाराधीन है।

28,900 नए रेजिडेंशियल प्लॉट, जल्द खुलेगी नई स्कीम

6 जिलों में फैला YEIDA क्षेत्र, अब बनेगा योजनाबद्ध विकास का उदाहरण

अब यमुना प्राधिकरण का दायरा गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस और आगरा तक फैला हुआ है। कुल 1149 गांवों को कवर किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए महायोजना-2031 भी तैयार की जा रही है।


अन्य अहम फैसले:

  • पुलिस थाना: 1000 वर्गमीटर में नया पुलिस थाना बनेगा
  • Greenbay Infra: 117.73 करोड़ रुपये 30 जून 2025 तक जमा करने का निर्देश
  • Supertech: 25% की बजाय 5% भुगतान के प्रस्ताव पर विचार

यमुना एक्सप्रेसवे मुख्य क्षेत्र 6 स्कूटी जिला गौतमबुद्ध नगर, बुलन्दशहर, क्रिएटिविटी, मथुरा मथुरा और आगरा के 1149 राजस्व ग्रामों में स्थित है। जिला गौतमबुद्ध नगर एवं बुलन्दशहर महायोजना 2041 की रिकॉर्डिंग जारी है। जबकि अन्य आसपास के अध्यासूचित क्षेत्र चरण-2 क्षेत्र कहलाते हैं। जिसमें प्रत्येक जिले में एक क्षेत्रीय केंद्र स्थापित किया गया है। शहरी केंद्र के बाहरी कृषि भू-उपयोग व ग्रामीण जनसंख्या क्षेत्र में विभिन्न आवश्यक नौकरियों के विकास के लिए महायोजना-2031 चरण-2 (संपूर्ण क्षेत्र/रिजनल स्तर योजना) की तैयारी जारी है। कृषक महायोजना के अध्याय- 06 में कृषि भू उपयोग एवं ग्रामीण जनसंख्या क्षेत्र में अध्ययन विधियों के विकास विकास कार्य प्राविधान हैं। जिसमें ग्रामीण आबादी के 200 मीटर के त्रिशंकु में आवासीय घर, सार्वजनिक/संस्थागत सुविधाएं, आवश्यक कार्यकर्ता आदि की सलाह का उल्लेख है।   जिला अलीगढ, मथुरा, नागालैंड, और आगरा के अधिसूचित क्षेत्र यानी महोयोजना चरण -02 क्षेत्र में उच्चीकृत आवेदकों के विकास के लिए आवेदन प्राप्त करना, आवेदन का परीक्षण और अनुमान के लिए निम्न प्रक्रिया पर विचार किया जा सकता है। आवेदन-प्राप्ति: महायोजना चरण-02 के लिए सभी मंडलों के निर्माण के लिए, मुख्य पैमाने के अधिकारियों द्वारा अंतिम दस्तावेज और मानचित्र के साथ आवेदन किया जाएगा। आवेदन के साथ-साथ आर्किटेक्ट के स्वामित्व वाले साक्षात्कार भी प्रस्तुत करें। आवेदन के साथ मानचित्र जिसमें आवेदित भूमि/भूखंड की सीमा रेखा और भूखण्ड से लगी हुई संपत्ति और मार्ग का नाम, चौड़ाई और संख्या स्पष्ट रूप से अंकित होगी, उपलब्ध होबियत। मैप में भवन के विकास के लिए कॉर्डिनेट का स्पष्ट विवरण उपलब्ध होगा और मैप में भवन के अन्य आवश्यक बिंदु जैसे-भवन के कुल पाइपलाइन, सेटबैक, ग्रेनाउण्ड सेंचुरी, एफ0ए0आर0 आदि का स्पष्ट विवरण उपलब्ध होगा। ग्राफ़ में संकलित पैमाना उत्तरी बिंदुओं की दिशा, जलाएव आर्किटेक्ट्स, मोटोरेज़, सॉलिड वेस्ट के सूर्य की व्यवस्था और सॉलिड वेस्ट के सूर्य की व्यवस्था का भी उल्लेख किया गया है। मूल्यांकन का परीक्षण सामुहिक समिति द्वारा किया जाता है। इसमें औद्योगिक विकास प्राधिकरण के 05 किमी के बाहरी हिस्से शामिल नहीं होंगे।

यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण क्षेत्र के सैक्टर-10 में भारत सरकार के इलेक्ट्रोनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा इलेक्ट्रोनिक्स प्रोडक्ट्स (ईएमसी 2.0) का बाजार उपलब्ध कराया गया है। इस प्रोजेक्ट पर आने वाले खर्च में करीब 144.48 करोड़ का भुगतान भारत सरकार सेंट्रल द्वारा किया जाएगा  

Meity की ओर से वित्तीय सहायता दी जाएगी, यीडा द्वारा इस परियोजना के एवी संस्था विकास पर करीब 341 करोड अपार्टमेंट का खर्च उठाया जाएगा। विकास पर इस सिद्धांत का अधिकार सैक्टर में 200 नक्षत्र भूमि पर अंकित किया गया है। यीडा द्वारा ईएमसी पार्क में वर्ल्डक्लासि रेस्तरां रेस्तरां, कन्वेंशन सेंटर, कॉमोड, व्यावसायिक केंद्र, कौशल विकास केंद्र की स्थापना के साथ-साथ सेवाएं भी शामिल हैं। यह विवरण मै0 हैवल्स इंडिया लि. 50 एकड लैंड का प्लॉट भी किया गया है जोकी इस ईएमसी 2.0 में एंकर यूनिट के रूप में स्थापित किया जाएगा।

रियल एस्टेट सेक्टर में लीगेसी स्टॉल्ड रियल स्टेट प्रोजेक्ट्स के रिकार्ड्स कुल 07 ग्रुप बिल्डर्स अचदादित हैं जिनमें बिल्डर नेट ड्यूज की 25 कंसीडेंट जमा करवा दिया गया है। 25 प्रतिशत के सापेक्ष जमा करवायी जायदा पिज्जा 407.90 करोड़ की है। अगले 1 साल में इस अधिकार की अवधि 621 करोड़ की होगी। इन कोसेल्स में अभी तक 6879 सब-अवन्तियां राजिस्ट्रियां बनवा चुकी हैं, जिनमें फरवरी 2024 से मार्च 2025 तक 800 राजिस्ट्रियां बनवा चुकी हैं।

यमुना एक्सप्रेसवे पूर्व में एकमुश्त समाधान योजना के लिए 6 बार की योजना बनाई गई थी, कंपनी को 551.55 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई थी। मौजूदा समय में भी करीब 7917 अवंती डिफॉल्टर है और जिसकी कीमत करीब 4948 करोड़ रुपये है। इसमें अधिकतर अतिरिक्त विज्ञापन और प्रीमियम की संभावनाएं शामिल हैं और ओएस की योजना से भी लाभ मिलेगा और अथॉरिटी को डिफॉल्ट ऐसे प्रस्ताव मिलेंगे। मूल रूप से एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) की बहाली में प्राधिकरण द्वारा 01.07.2025 से 31.08.2025 तक की अवधि के लिए आवेदन का निर्णय लिया गया है।

यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण क्षेत्र का सैक्टर-10 आई लैक्ट्रोनिक्स मैन्युफैक्चरिंग तट के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्नत उन्नत उद्योग विभाग द्वारा तैयार की गई इलेक्ट्रिक मशीन के अनुसार पहले चरण में 32MVA विद्युत भार की आवश्यकता तय की गई है। सैक्टर-32 में वर्तमान में संचालित 220/132/33 केवी विद्युत उपकेन्द्र में 220/132 केवी विभव स्तर पर 160X2 एमवीए एवं 132/33 केवी विभव स्तर पर 63X1MVA का विद्युत संयंत्र स्थापित किया गया है। इसी उपकेंद्र से लेकर इंटर नेशनल तक   एयरपोर्ट को भी विद्युत आपूर्ति की जा रही है। सैक्टर-29, 32 एवं 33 में कुल 192 विद्युत विद्युत भार स्थापित किया गया है। इसके अतिरिक्त आभूषणों से निर्मित एक एंड आर कॉलोनी के विद्युत उपकेन्द्र से 20 एमवीए विद्युत भार तथा रबूपुरा स्थित 33/11 केवी विद्युत उपकेन्द्र विकासखंड एमवीए विद्युत भार की आपूर्ति की जा रही है। इलेक्ट्रोनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री मुख्यतः पावर इंटेंसिव इंडस्ट्री की श्रेणी में शामिल है। इस औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित वाली कंपनी की स्ट्रेंथ की भारी मांग है। टैड फ्यूचर में सैक्टर-10 में 132/33 केवी विद्युत उपकेन्द्र की आवश्यकता है। 132/33 केवी विद्युत उपकेंद्र -10 में 132/33 केवी विद्युत उपकेंद्र 20 हेक्टेयर भूमि को बाहरी क्षेत्र की दूरी और भविष्य में आवश्यकता के दृष्टिगत विवरण 132/33 केवी विद्युत उपकेंद्र एवं तत्संबंधी डबल सर्किट पारेषण लाइन का निर्माण एपीपीटी सीएल विभाग से जमा पैड योजना के तहत अंडरटेकिंग कंपनी का कारोबार शुरू हो गया।

यमुना एक्सप्रेसवे विकास औद्योगिक क्षेत्र में जन सामान्य की सुविधा का विवरण प्रथम विश्व समाचार क्षेत्र में अखिल भारतीय परिषद के आयोजन के नियम और उद्यम के आयोजन के लिए बोर्ड योजना के लिए वैज्ञानिक सहमति प्रदान की जाती है और शर्ते बनाने के लिए सलाहकार की पेशकश की जाती है और व्यक्तिगत रूप से प्रस्ताव तैयार करने का निर्णय लिया जाता है।   प्राधिकरण द्वारा सेक्टर- 16, 17, 18, 20 व 22डी में 60 वर्ग मीटर से 4000 वर्ग मीटर तक लगभग 28900 भूखण्डों का निर्माण किया गया है। अस्वीकृत में 30 वर्ग मीटर के भू-खंडों की योजना प्रस्तावित है। सैक्टरवार भूखण्डों का विवरण:

बोर्ड सुपरटेक लि. लेगे स्टैल्डसीड द्वारा प्रस्ताव 25 प्रतिशत की जगह 5 प्रतिशत प्रस्ताव जमा करने के प्रस्ताव पर विचार किया गया।

मै0ग्रीनबे इन्फ्रा पोर्टेबल प्रा. ली. भूखण्ड संख्या टी.एस.-06, सैक्टर-22डी का प्रस्ताव मिला कि पूर्व प्राधिकरण बोर्ड द्वारा 03 माह का अतिरिक्त समय विस्तार रखा गया था, उसकी बाद की भी प्रथम तिथि किस्ट अभी तक जमा नहीं हुई है और दूसरी किस्ट भी तिथि है। प्राधिकरण बोर्ड द्वारा यह निर्णय लिया गया कि मै0 ग्रीनबे इंफ्रा प्रा. ली. दिनांक 30 जून 2025 तक स्ट्रोलैप्स अभियोजक रु 117.73 करोड़ अधिकार पक्ष में जमा ना डिजाइन जाने की स्थिति में भूखाण्ड द्वारा प्रस्ताव दिया गया। महत्वपूर्ण प्रस्तावः-

बोर्ड यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण क्षेत्र में महायोजना 2041 के रिकायेशन सैक्टर्स में रेगुलेटरी फ्रेमवर्क और YEIDA में मनोरंजक ग्रीन्स के लिए अनुमेय उपयोग, प्राधिकरण की सहमति प्रस्तुत की गई। साथ ही फर्स्ट सैक्टर-22एफ 700 ओकरा व 23बी 500 नैकर जोक यमुना एक्सप्रेसवे से लाए लैपटॉप रिकायंस ग्रीन सैक्टर है, इन सैक्टरों में गोल्फ कोर्स, जिमखाना क्लब और यमुना हट जैसे कोर एक्टिविटी की योजना शुरू की गई है। इसके अलावा किंगडम ऑफ ड्रीम्स, ओलिंपिक विलेज, इमेजिका थीम पार्क, एविएशन कैथेड्रल, ऑक्सफोर्ड गोल्फ कोर्स, दिल्ली जिमखाना क्लब, ऑक्सफोर्ड गोल्ड रिजॉर्ट, दिल्ली हाट, कब्बन पार्क जैसी योजनाएं भी प्रस्तावित हैं। बोर्ड द्वारा इस पर सांस्कृतिक सहमति प्रदान की गई और प्रोजेक्ट पीपीपी मॉड बनाने के लिए नियम और शर्ते बनाने का निर्देश दिया गया।  

यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण क्षेत्र के सैक्टर-10 में भारत सरकार के इलेक्ट्रोनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा इलेक्ट्रोनिक्स प्रोडक्ट्स (ईएमसी 2.0) का बाजार उपलब्ध कराया गया है। इस प्रोजेक्ट पर आने वाले खर्च में करीब 144.48 करोड़ का भुगतान भारत सरकार सेंट्रल द्वारा किया जाएगा   Meity की ओर से वित्तीय सहायता दी जाएगी, यीडा द्वारा इस परियोजना के एवी संस्था विकास पर करीब 341 करोड अपार्टमेंट का खर्च उठाया जाएगा। विकास पर इस सिद्धांत का अधिकार सैक्टर में 200 नक्षत्र भूमि पर अंकित किया गया है। यीडा द्वारा ईएमसी पार्क में वर्ल्डक्लासि रेस्तरां रेस्तरां, कन्वेंशन सेंटर, कॉमोड, व्यावसायिक केंद्र, कौशल विकास केंद्र की स्थापना के साथ-साथ सेवाएं भी शामिल हैं। यह विवरण मै0 हैवल्स इंडिया लि. 50 एकड लैंड का प्लॉट भी किया गया है जोकी इस ईएमसी 2.0 में एंकर यूनिट के रूप में स्थापित किया जाएगा।

यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण क्षेत्र के सैक्टर-18 और सैक्टर-32 में 7485 वर्गमीटर के दो भूखण्डों में अग्नि शमन केन्द्र (फायर स्टेशन) की स्थापना का निर्णय लिया गया है। इस योजना में अग्नि शमन विभाग को यह दोनों भूखाण्ड लगभग निःशुल्क अर्थात सांकेतिक प्याज 01 प्रति वर्गमीटर की दर से निर्णय लिया गया है।

बोर्ड सुपरटेक लि. लेगे स्टाल्डसीड द्वारा प्रस्ताव 25 प्रतिशत की जगह 5 प्रतिशत प्रस्ताव जमा करने के प्रस्ताव पर विचार किया गया। , मै0 ग्रीनबे इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रा. ली. भूखण्ड संख्या टी.एस.-06, सैक्टर-22डी का प्रस्ताव मिला कि पूर्व में प्राधिकरण बोर्ड द्वारा 03 माह का अतिरिक्त समय विस्तार रखा गया था, उसकी बाद की भी प्रथम डेट किस्ट अभी तक जमा नहीं हुई है और दूसरी किस्ट भी डेट है। प्राधिकरण बोर्ड द्वारा यह निर्णय लिया गया कि मै0 ग्रीनबे इंफ्रा प्रा. ली. दिनांक 30 जून 2025 तक स्ट्रोलैप्स अभियोजक रु 117.73 करोड़ अधिकार पक्ष में जमा ना डिजाइन जाने की स्थिति में भूखाण्ड द्वारा प्रस्ताव कर दिया गया।


निष्कर्ष: यमुना प्राधिकरण की 85वीं बैठक ने खोले विकास के नए द्वार

इन सभी फैसलों से यह स्पष्ट है कि यमुना प्राधिकरण क्षेत्र केवल एयरपोर्ट या हाईवे का इलाका नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में यह टेक्नोलॉजी, पर्यटन, व्यापार और स्मार्ट रेजिडेंशियल हब के रूप में उभरेगा। यहां निवेशकों को सुरक्षित माहौल, उद्यमियों को अवसर और आम जनता को सुविधाएं मिलेंगी।


? Raftar Today व्हाट्सएप चैनल से जुड़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक को टच करें।
Follow the Raftar Today channel on WhatsApp
Twitter (X): Raftar Today (@raftartoday)


? #YEIDA85thMeeting #YamunaExpresswayDevelopment #ElectronicsCluster #HavellsIndia #ImagicaParkNoida #KingdomOfDreamsYamuna #500ElectricBuses #NAECPlots #GreenZonePlanning #OlympicVillageNoida #TourismHubYamuna #GreaterNoidaGrowth #SmartCityPlanning #UPIndustrialCorridor #ElectricClusterIndia #PPPModelProjects #RaftarToday #JEWARAIRPORTCONNECTIVITY #YamunaAuthorityUpdate #SEZProjectsYamuna