जेवर, रफ़्तार टुडे। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने एक बार फिर अपने मेडिकल डिवाइसेस पार्क को वैश्विक स्तर पर आकर्षक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसी क्रम में पार्क के ओएसडी/नोडल अधिकारी, वरिष्ठ IAS अधिकारी शैलेंद्र कुमार भाटिया ने भारत की शीर्ष कैंसर केयर और इमेजिंग उपकरण निर्माता कंपनी पैनेसिया मेडिकल टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड की अत्याधुनिक विनिर्माण सुविधा का महत्वपूर्ण दौरा किया।
यह दौरा केवल एक औपचारिक निरीक्षण भर नहीं था, बल्कि एक ऐसे औद्योगिक गठबंधन की दिशा में कदम था जो आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश को हेल्थकेयर मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल हब बना सकता है।

साथ थे उद्योग जगत के दिग्गज—मिलकर बने अवसरों के गवाह

IAS शैलेंद्र भाटिया के साथ इस दौरे में EPCH (चिकित्सा उपकरणों के लिए निर्यात संवर्धन परिषद) के कार्यकारी निदेशक श्री प्रवीण मित्तल और EY (अर्न्स्ट एंड यंग) के अधिकारी भी शामिल थे।
ये प्रतिनिधि भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बनाने की दिशा में सक्रिय हैं, और पैनेसिया जैसी बड़ी कंपनियों के साथ नयी नीतियों पर काम कर रहे हैं।

पैनेसिया—भारत की चिकित्सा तकनीक का उभरता सितारा

पैनेसिया मेडिकल टेक्नोलॉजीज सरकारी उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना का प्रमुख लाभार्थी है और इमेजिंग एवं कैंसर उपचार उपकरणों में भारत का नाम विश्व स्तर पर चमका रही है।
कंपनी के 3.5 एकड़ में फैले हाई-टेक कैंपस में सभी उपकरणों का इन-हाउस उत्पादन होता है—
यह मॉडल न केवल आत्मनिर्भर भारत की सोच का उदाहरण है, बल्कि यह बताता है कि भारत चिकित्सा तकनीक जैसे उच्च-प्रभाव क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

‘मेक इन इंडिया’ का असली उदाहरण—एक ही कैंपस में पूरा उत्पादन

पैनेसिया का 3.5 एकड़ का परिसर एक मिनी इंडस्ट्रियल शहर जैसा है।
यहां मशीन कंपोनेंट्स की मैन्युफैक्चरिंग

असेंबली

टेस्टिंग लैब

क्वालिटी सर्टिफिकेशन

शिपिंग और एक्सपोर्ट तक
सारी प्रक्रियाएं एक ही कैंपस में होती हैं। इससे उत्पादन लागत घटती है, गुणवत्ता बढ़ती है और सबसे बड़ा लाभ—भारत से मेड-इन-इंडिया तकनीक दुनिया के 19 देशों तक पहुंचती है।

450+ भारतीय इंजीनियरों की विशेषज्ञता—कैंसर देखभाल उपकरणों में भरोसे का नाम

कंपनी में 450 से अधिक कुशल इंजीनियर और प्रोफेशनल काम कर रहे हैं। ये लोग न केवल उपकरण बनाते हैं, बल्कि तकनीकी रिसर्च में भी योगदान देते हैं। भारत के लिए यह गर्व की बात है कि आज भारतीय इंजीनियरों द्वारा विकसित तकनीक अफ्रीका, मध्य एशिया, दक्षिण अमेरिका और एशिया के कई देशों में इस्तेमाल की जा रही है।

YEIDA मेडिकल डिवाइसेस पार्क—भविष्य का ‘इंडियन मेडिकल वैली’

350 एकड़ में विकसित हो रहा YEIDA का मेडिकल डिवाइसेस पार्क भारतीय चिकित्सा उद्योग के लिए एक ‘गेम-चेंजर’ साबित होने जा रहा है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर हवाई अड्डे) से सटे होने के कारण यह पार्क—

ग्लोबल एक्सपोर्ट

रॉ मटीरियल इम्पोर्ट

मेडिकल कंपनियों के मूवमेंट
सबमें अव्वल साबित होगा।
सरकार का लक्ष्य है कि यह क्षेत्र आने वाले 10 वर्षों में एशिया का सबसे बड़ा मेडिकल डिवाइस हब बने।

101 कंपनियों का निवेश—₹1300 करोड़ का औद्योगिक भविष्य तैयार

अब तक इस पार्क में 101 कंपनियों को भूमि आवंटित की जा चुकी है। कुल निवेश का अनुमान ₹1300 करोड़ से भी अधिक है। यह संख्या बता रही है कि उद्योग जगत को YEIDA पर कितना भरोसा है।
इस पार्क में डायग्नोस्टिक उपकरण

इम्प्लांट्स

सर्जिकल इंस्ट्रूमेंट

मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स

बायो उपकरण
सब बनेंगे—और वैश्विक स्तर पर निर्यात भी होंगे।

पैनेसिया के विस्तार में दिलचस्पी—YEIDA में नई फैक्ट्री बनाने की तैयारी

पैनेसिया मेडिकल टेक्नोलॉजीज ने YEIDA मेडिकल डिवाइसेस पार्क में अपनी नई कैंसर केयर उपकरण यूनिट बनाने में गहरी रुचि दिखाई है।
कंपनी चाहती है कि—

वह भारत में ही R&D बढ़ाए,

उत्पादन को दोगुना करे,

और दुनिया के बाजारों में भारतीय मशीनों का दबदबा कायम करे। इससे हजारों रोजगार पैदा होंगे और कंपनियों के लिए लागत कम होगी।

CSF पर खास चर्चा—उद्योग को नई ताकत देने की तैयारी

इस दौरे में एक प्रमुख विषय था—Common Scientific Facility (CSF) का विकास।
ये सुविधाएं सीमित संसाधनों वाली मेडिकल डिवाइस कंपनियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होंगी। पैनेसिया जैसे अनुभवी निर्माता इन सुविधाओं के उपकरण खरीद, तकनीक और संचालन पर सुझाव देंगे। इसका लक्ष्य है—“उद्योग के लिए उद्योग की ओर से सुविधाएं तैयार करना।”

सभी पक्ष खुश—साझेदारी के अगले चरण पर काम शुरू

दौरा सकारात्मक नोट पर समाप्त हुआ और दोनों पक्षों ने इसे लंबी अवधि के सहयोग की दिशा में पहला कदम बताया।
पैनेसिया टीम आने वाले महीनों में YEIDA मेडिकल पार्क का विस्तृत निरीक्षण करेगी और अपने निवेश पर अंतिम निर्णय लेगी। अगर यह साझेदारी होती है, तो यह जेवर क्षेत्र की औद्योगिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।

पैनेसिया—भारत की चिकित्सा तकनीक का भरोसेमंद चेहरा

पैनेसिया मेडिकल टेक्नोलॉजीज देश की उन चुनिंदा कंपनियों में से एक है जिसने भारत में विकसित चिकित्सा तकनीक को अंतरराष्ट्रीय मान्यता दिलाई है।
कंपनी कैंसर केयर उपकरणों—

रेडियोथैरेपी

डायग्नोस्टिक इमेजिंग

कैंसर ट्रीटमेंट से जुड़ी मशीनों
में विशेषज्ञता रखती है।

YEIDA मेडिकल डिवाइसेस पार्क—भारत की आत्मनिर्भरता का महामंत्र

उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि यह पार्क भारत की मेडिकल डिवाइसेस जरूरत का 60% से अधिक उत्पादन करे। नोएडा एयरपोर्ट से सीधी कनेक्टिविटी इसे लॉजिस्टिक्स का केंद्र बनाएगी। यह क्षेत्र निवेश, रोजगार, एक्सपोर्ट तीनों में रिकॉर्ड तोड़ विकास करने की क्षमता रखता है।