एजेंसी, दिल्ली Published by: प्रशांत कुमार Updated Sun, 28 Nov 2021 04:08 PM IST

सार

केंद्र सरकार ने सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से दक्षिण अफ्रीका, हांगकांग और बोत्सवाना से आने या जाने वाले सभी यात्रियों की कठोर जांच और परीक्षण करने को कहा है। इस संबंध में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव (स्वास्थ्य) को पत्र लिखकर यात्रियों के नमूने प्रयोगशालाओं को तुरंत भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया

एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया - फोटो : ANI

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विस्तार

कोरोना संक्रमण के बदले हुए नए स्वरूप ओमिक्रॉन के तीस से अधिक म्यूटेंट हैं। इसके खिलाफ टीकों की प्रभावकारिता का गंभीर रूप से मूल्यांकन करने की आवश्यकता है। यह जानकारी एम्स प्रमुख डॉ रणदीप गुलेरिया ने दी है। उन्होंने कहा कि भविष्य की कार्रवाई इस बात पर निर्भर करेगी कि इसकी संप्रेषणीयता, विषाणु और प्रतिरक्षण क्षमता पर अधिक डेटा क्या दिखाता है। इस पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। देश में इसकी उपस्थिति का अभी तक पता नहीं चला है। डॉ गुलेरिया ने अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वालों और उस क्षेत्र में जहां मामलों की संख्या में अचानक वृद्धि हुई है, दोनों के लिए बहुत सतर्क और आक्रामक निगरानी रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

कहा कि सभी से कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन करने की अपील की जाती है। साथ ही यह सुनिश्चित करना होगा कि लोगों को टीके की दोनों खुराक मिलें और जिन्होंने अभी तक टीका नहीं लिया है उन्हें इसके लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इस म्यूटेंट को पहली बार 24 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका से विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) को सूचित किया गया था। अभी तक इसे बोत्सवाना, बेल्जियम, हांगकांग और इज़राइल समेत कई अन्य देशों में पाया गया है।



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