460 मीटर लंबे वातानुकूलित स्काईवॉक पर 10 ट्रैवलेटर, 36 सीसीटीवी कैमरे और आधुनिक अग्निशमन व्यवस्था; ₹36.90 करोड़ की लागत से हुआ निर्माण
नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा के सेक्टर-51 और सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशनों को आपस में जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित स्काईवॉक का रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को लोकार्पण कर दिया गया। इस स्काईवॉक का लोकार्पण विधायक पंकज सिंह, गौतमबुद्धनगर के प्रतिनिधि सांसद संजय बाली और पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद डॉ. महेश शर्मा की मौजूदगी में किया गया। कार्यक्रम में नोएडा प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी समेत प्राधिकरण तथा डीएमआरसी-एनएमआरसी के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे। नोएडा प्राधिकरण की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सेक्टर-52 स्थित डीएमआरसी मेट्रो स्टेशन और सेक्टर-51 स्थित एनएमआरसी मेट्रो स्टेशन को जोड़ने वाले इस स्काईवॉक के निर्माण पर करीब ₹36.90 करोड़ की लागत आई है। स्काईवॉक की कुल लंबाई 460 मीटर और चौड़ाई 6.50 मीटर है।
पूरी तरह वातानुकूलित है स्काईवॉक
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्काईवॉक को पूरी तरह वातानुकूलित बनाया गया है। इसमें यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए 10 ट्रैवलेटर लगाए गए हैं। इससे दोनों मेट्रो स्टेशनों के बीच आने-जाने वाले यात्रियों को सड़क पार करने या खुले में लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता नहीं होगी।

सुरक्षा के लिए आधुनिक इंतजाम
स्काईवॉक में यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक अग्निशमन एवं निगरानी व्यवस्था की गई है। इसमें अग्निशमन यंत्र लगाए गए हैं और 5 अग्निशमन दरवाजे बनाए गए हैं। इसके अलावा पूरे स्काईवॉक परिसर में 36 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जा सके। बिजली आपूर्ति के लिए स्काईवॉक में 500 केवीए का डीजी सेट भी स्थापित किया गया है। इससे बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में भी आवश्यक व्यवस्थाओं को संचालित रखने में मदद मिलेगी।
75 से 80 हजार मेट्रो यात्रियों को मिलेगा लाभ
नोएडा प्राधिकरण के अनुसार, इस स्काईवॉक के शुरू होने से प्रतिदिन लगभग 75 हजार से 80 हजार मेट्रो यात्रियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। सेक्टर-51 और सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशनों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने से यात्रियों को विशेष रूप से सुविधा मिलेगी। लोकार्पण कार्यक्रम में नोएडा प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी, महाप्रबंधक एसपी सिंह, वर्क सर्किल-3 के वरिष्ठ प्रबंधक आरके शर्मा, वरिष्ठ प्रबंधक रविंद्र सिंह सहित एनएमआरसी और डीएमआरसी के संबंधित अधिकारी एवं प्रतिनिधि मौजूद रहे।
नोएडा प्राधिकरण का यह स्काईवॉक शहर में मेट्रो यात्रियों के लिए दो प्रमुख मेट्रो नेटवर्क के बीच सुरक्षित, सुविधाजनक और वातानुकूलित पैदल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है।

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