फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद मार्ग पर यातायात सुगम बनाने की तैयारी, करीब 710 मीटर लंबा होगा अंडरपास; निर्माण पूरा होने में लग सकते हैं डेढ़ साल, सेक्टर-66, 71, 121, 122 और किसान चौक के आसपास के लोगों को मिलेगा फायदा
नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा के पर्थला गोलचक्कर पर लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए अंडरपास निर्माण की योजना आगे बढ़ रही है। फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद (FNG) मार्ग पर पर्थला स्थित केबल सस्पेंशन ब्रिज के नीचे प्रस्तावित अंडरपास का डिजाइन तैयार कर लिया गया है। अब डिजाइन की जांच आईआईटी दिल्ली से कराई जाएगी। इसके बाद परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।
इस परियोजना पर करीब 84 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। प्रस्तावित अंडरपास छह लेन का होगा, जिसमें दोनों दिशाओं में तीन-तीन लेन बनाई जाएंगी। लगभग 710 मीटर लंबा यह अंडरपास पर्थला गोलचक्कर और आसपास के व्यस्त मार्गों पर यातायात का दबाव कम करने में मदद कर सकता है।
आईआईटी दिल्ली करेगी डिजाइन की जांच
प्राधिकरण ने अंडरपास का डिजाइन तैयार कर लिया है। अगले चरण में इसकी तकनीकी जांच आईआईटी दिल्ली से कराई जाएगी। जांच के बाद परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने और अन्य जरूरी कार्यों को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया होगी। तकनीकी परीक्षण के बाद निर्माण से जुड़ी लागत, संरचना और अन्य पहलुओं का आकलन स्पष्ट होगा। इसके बाद परियोजना को निर्माण के अगले चरण में ले जाने की तैयारी की जाएगी।
छह लेन का होगा अंडरपास, 710 मीटर लंबाई
प्रस्तावित अंडरपास की कुल लंबाई करीब 710 मीटर होगी। इसमें दोनों दिशाओं में तीन-तीन लेन बनाई जाएंगी, जिससे वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। निर्माण योजना में करीब 110 मीटर लंबा आरसीसी बॉक्स और लगभग 20 मीटर का खुला हिस्सा शामिल है। इसके दोनों ओर करीब 280-280 मीटर लंबे पहुंच मार्ग बनाए जाने की योजना है। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद परियोजना को पूरा करने में करीब डेढ़ साल लगने का अनुमान है। हालांकि, वास्तविक समयसीमा निर्माण शुरू होने की तारीख, तकनीकी प्रक्रियाओं और कार्य की प्रगति पर निर्भर करेगी।
पर्थला गोलचक्कर पर जाम से मिलेगी राहत
पर्थला गोलचक्कर नोएडा के प्रमुख यातायात मार्गों में से एक है। यहां से गाजियाबाद, एनएच-9, मेरठ एक्सप्रेसवे और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे की ओर जाने वाले वाहन गुजरते हैं। इसके अलावा फरीदाबाद की ओर जाने वाले मार्ग से भी इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण है। वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण यहां व्यस्त समय में जाम की स्थिति बन जाती है। अंडरपास बनने से यातायात के लिए अतिरिक्त मार्ग उपलब्ध होगा और गोलचक्कर के आसपास वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।
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नोएडा प्राधिकरण के GM A K Arora
सेक्टर-66 से किसान चौक तक के लोगों को फायदा
प्रस्तावित अंडरपास से सेक्टर-66, सेक्टर-71, सेक्टर-121, सेक्टर-122, किसान चौक और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इन इलाकों से रोजाना बड़ी संख्या में लोग नौकरी, कारोबार और अन्य कामों के लिए नोएडा तथा आसपास के क्षेत्रों में आते-जाते हैं। अंडरपास तैयार होने के बाद इन क्षेत्रों से गुजरने वाले वाहन चालकों को अधिक सुगम यातायात विकल्प मिल सकता है। इससे व्यस्त समय में यात्रा आसान बनाने और जाम में लगने वाला समय कम करने में मदद मिलने की संभावना है।
बारिश के पानी की निकासी का भी होगा इंतजाम
अंडरपास निर्माण में जलभराव की समस्या से निपटने पर भी ध्यान दिया जाएगा। बारिश के दौरान पानी जमा होने से बचाने के लिए संप पंप और पंपिंग व्यवस्था विकसित करने की योजना है। इससे अंडरपास में जल निकासी सुनिश्चित करने और बारिश के मौसम में यातायात बाधित होने की आशंका कम करने में मदद मिलेगी। परियोजना के निर्माण में तकनीकी जांच, डिजाइन और जल निकासी जैसी व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण होंगी, ताकि अंडरपास का उपयोग सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से किया जा सके।
FNG मार्ग की कनेक्टिविटी होगी मजबूत
पर्थला अंडरपास को नोएडा के यातायात ढांचे को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। FNG मार्ग के जरिए नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद के बीच कनेक्टिविटी को मजबूती मिलती है। ऐसे में इस क्षेत्र में यातायात का दबाव कम करने वाली परियोजना आसपास के आवासीय और व्यावसायिक इलाकों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। फिलहाल डिजाइन की जांच और परियोजना से जुड़ी प्रक्रियाएं आगे बढ़ाई जानी हैं। तकनीकी मंजूरी और निर्माण की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अंडरपास के निर्माण की दिशा में अगला कदम उठाया जाएगा।

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