नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा प्राधिकरण ने एक बार फिर आम जनता को सतर्क करते हुए सार्वजनिक चेतावनी जारी की है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि ग्राम सलेारपुर खादर, भंगेल बेगमपुर और हाजीपुर के कुछ विशेष खसरा नंबरों पर अवैध कब्जे, अनधिकृत प्लॉटिंग और बिना अनुमति निर्माण गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। ऐसे क्षेत्रों में जमीन, मकान या प्लॉट खरीदने वाले लोगों को भविष्य में आर्थिक नुकसान, कानूनी विवाद और ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। प्राधिकरण का कहना है कि कुछ भू-माफिया और अवैध कॉलोनाइजर लोगों को कम कीमत और बड़े मुनाफे का लालच देकर इन क्षेत्रों में प्लॉट बेच रहे हैं। कई मामलों में अधिसूचित और अर्जित भूमि को भी वैध बताकर बेचने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में नागरिकों को किसी भी प्रकार का निवेश करने से पहले जमीन की वैधता की पूरी जांच कर लेनी चाहिए।

अवैध कॉलोनियों में निवेश बन सकता है बड़ा जोखिम
नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से बढ़ती रियल एस्टेट गतिविधियों के बीच बड़ी संख्या में लोग सस्ते प्लॉट और मकान खरीदने की ओर आकर्षित हो रहे हैं। लेकिन प्राधिकरण ने चेताया है कि यदि कोई भूमि पहले से अधिसूचित, अर्जित या प्राधिकरण के अधीन है, तो उस पर किया गया निवेश पूरी तरह जोखिम में पड़ सकता है।
प्राधिकरण के अनुसार, संबंधित क्षेत्रों में विकसित की जा रही कई कॉलोनियां और प्लॉटिंग योजनाएं किसी भी प्रकार से स्वीकृत नहीं हैं। ऐसे स्थानों पर न तो वैध नक्शा पास है और न ही निर्माण की अनुमति प्रदान की गई है। इसलिए वहां बनाए गए भवनों या विकसित कॉलोनियों को कानूनी मान्यता प्राप्त नहीं होगी।

कभी भी चल सकता है ध्वस्तीकरण अभियान
नोएडा प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माणों और अतिक्रमणों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। कई स्थानों पर पहले भी सीलिंग, ध्वस्तीकरण और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा चुकी है।
अधिकारियों का कहना है कि जिन क्षेत्रों को लेकर चेतावनी जारी की गई है, वहां भी भविष्य में बड़े स्तर पर कार्रवाई की जा सकती है। यदि किसी व्यक्ति ने ऐसे क्षेत्रों में प्लॉट या मकान खरीद रखा है, तो उसे आर्थिक नुकसान के साथ कानूनी प्रक्रिया का भी सामना करना पड़ सकता है।

भू-माफियाओं के झांसे में न आएं खरीदार
प्राधिकरण के मुताबिक कुछ लोग अवैध रूप से भूमि पर कब्जा कर उसे छोटे-छोटे प्लॉट में बांटकर बेचने का काम कर रहे हैं। कई बार खरीदारों को फर्जी दस्तावेज दिखाकर यह विश्वास दिलाया जाता है कि जमीन पूरी तरह वैध है, जबकि वास्तविकता कुछ और होती है।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि ऐसे मामलों में सबसे अधिक नुकसान मध्यमवर्गीय परिवारों को होता है, जो जीवनभर की बचत लगाकर घर या प्लॉट खरीदते हैं और बाद में कानूनी विवादों में फंस जाते हैं।

मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिलेंगी
प्राधिकरण ने साफ किया है कि इन अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को भविष्य में बिजली, पानी, सीवर, सड़क, नाली और अन्य नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोई जिम्मेदारी प्राधिकरण की नहीं होगी।
यानी यदि कोई व्यक्ति यहां संपत्ति खरीदता है तो उसे न केवल कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, बल्कि रोजमर्रा की बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ सकता है।

इन खसरा नंबरों पर विशेष निगरानी
ग्राम सलेारपुर खादर
खसरा संख्या: 700 से 711, 723, 724, 728, 729, 730, 731, 732, 733, 734, 735, 745, 746, 747, 748, 749, 750, 751, 752, 759, 760, 762, 763, 764, 779, 780, 795, 796, 797 और 798।
ग्राम भंगेल बेगमपुर
खसरा संख्या: 176, 178, 217, 221, 223, 225, 226, 247, 250 और 251।
ग्राम हाजीपुर
खसरा संख्या: 412।

निवेश से पहले करें सत्यापन
नोएडा प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भूमि, प्लॉट या भवन को खरीदने से पहले संबंधित दस्तावेजों की जांच अवश्य करें और प्राधिकरण कार्यालय से उसकी स्थिति की पुष्टि कर लें। केवल ब्रोकर, कॉलोनाइजर या निजी व्यक्तियों के दावों के आधार पर निवेश करना भविष्य में भारी नुकसान का कारण बन सकता है।


प्राधिकरण का कहना है कि लोगों की मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखना भी उसकी जिम्मेदारी है, इसलिए समय-समय पर ऐसी सार्वजनिक चेतावनियां जारी की जाती हैं। नागरिकों को चाहिए कि वे जागरूक रहें और किसी भी प्रकार के लालच में आकर अवैध कॉलोनियों में निवेश करने से बचें।


प्राधिकरण की अपील
"पहले जांच, फिर निवेश" — यही सुरक्षित संपत्ति खरीद का सबसे महत्वपूर्ण नियम है। एक छोटी सी सावधानी आपकी जीवनभर की कमाई को सुरक्षित रख सकती है।