नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा प्राधिकरण ने शहर में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। प्राधिकरण के महाप्रबंधक (सिविल) एस.पी. सिंह ने गुरुवार को वर्क सर्किल-3 के अंतर्गत विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों में प्रयुक्त स्टील की गुणवत्ता को लेकर गंभीरता दिखाते हुए तत्काल सैंपल जांच के निर्देश दिए गए। साथ ही स्पष्ट किया गया कि जांच रिपोर्ट आने तक संबंधित ठेकेदारों के भुगतान पर रोक रहेगी।

निर्माणाधीन परियोजनाओं का किया गया निरीक्षण

प्राधिकरण की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, महाप्रबंधक (सिविल) एस.पी. सिंह ने वर्क सर्किल-3 के वरिष्ठ प्रबंधक आर.के. शर्मा, टेक्निकल ऑडिट सेल के वरिष्ठ प्रबंधक राजकमल सिंह तथा टीक्यूसी (Technical Quality Control) टीम के साथ सेक्टर-51 और सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन के बीच निर्माणाधीन फुटओवर ब्रिज तथा सेक्टर-50-51 के मध्य आरसीसी नाले के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि आरसीसी नाले के निर्माण में Eurotherm (रिब्ड स्टील) तथा फुटओवर ब्रिज के निर्माण में SAIL स्टील का उपयोग किया जा रहा है। गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महाप्रबंधक ने दोनों परियोजनाओं से स्टील के नमूने एकत्रित कर उनकी स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने के निर्देश दिए।

IIT और श्रीराम इंस्टीट्यूट जैसी संस्थाओं से होगी जांच

प्राधिकरण ने टेक्निकल ऑडिट सेल को निर्देश दिए हैं कि निर्माण में प्रयुक्त स्टील के नमूनों की जांच आईआईटी दिल्ली, आईआईटी रुड़की अथवा श्रीराम इंस्टीट्यूट जैसी प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थाओं से कराई जाए। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने तक संबंधित निर्माण कार्यों के ठेकेदारों का कोई भी भुगतान जारी नहीं किया जाएगा। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में स्टील की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक एवं अनुबंधीय कार्रवाई की जाएगी।

लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरण

निरीक्षण के दौरान निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर संभावित लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए संबंधित प्रबंधक को तीन कार्यदिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्राधिकरण ने संकेत दिए हैं कि गुणवत्ता संबंधी मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सभी वर्क सर्किलों के लिए जारी हुए सख्त निर्देश

महाप्रबंधक (सिविल) एस.पी. सिंह ने वर्क सर्किल-1 से लेकर वर्क सर्किल-5 तक के सभी वरिष्ठ प्रबंधकों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाली स्टील, सीमेंट, बिटुमिन तथा अन्य निर्माण सामग्री केवल निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप ही इस्तेमाल की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि निर्माण सामग्री की नियमित जांच आईआईटी, श्रीराम इंस्टीट्यूट अथवा अन्य अधिकृत तकनीकी संस्थानों से कराई जाए और संतोषजनक रिपोर्ट मिलने के बाद ही संबंधित कार्यों का भुगतान किया जाए।

गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा

नोएडा प्राधिकरण ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शहर में विकास कार्यों की गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि भविष्य में किसी भी निर्माण परियोजना में निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग या गुणवत्ता परीक्षण में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित वरिष्ठ प्रबंधक, प्रबंधक, सहायक प्रबंधक तथा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण का कहना है कि नागरिकों को सुरक्षित और टिकाऊ आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और प्रत्येक परियोजना को निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप पूरा कराया जाएगा।