ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा, नोएडा, दादरी, गाजियाबाद और दिल्ली के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। वर्षों से तिलपता गोलचक्कर और कंटेनर डिपो के आसपास लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से परेशान लोगों को अब जल्द ही बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने तिलपता गोलचक्कर से कंटेनर डिपो तक लगभग 4 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा दिया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश सेतु निगम को सर्वेक्षण और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। डीपीआर तैयार होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
यह परियोजना केवल एक सड़क निर्माण योजना नहीं, बल्कि तेजी से विकसित हो रहे ग्रेटर नोएडा की भविष्य की यातायात जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई दीर्घकालिक योजना मानी जा रही है। आने वाले वर्षों में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, औद्योगिक विकास, लॉजिस्टिक्स पार्क और बढ़ती आबादी को देखते हुए इस एलिवेटेड रोड को शहर की ट्रैफिक व्यवस्था की रीढ़ माना जा रहा है।
रोजाना घंटों का जाम बनेगा इतिहास
तिलपता गोलचक्कर, कंटेनर डिपो, दादरी रेलवे ओवरब्रिज और रूपवास बाईपास का इलाका लंबे समय से ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। यहां प्रतिदिन हजारों कंटेनर, ट्रक, मालवाहक वाहन और निजी वाहन गुजरते हैं। भारी वाहनों के दबाव के कारण कई बार लोगों को कुछ किलोमीटर का सफर तय करने में एक से दो घंटे तक का समय लग जाता है। कार्यालय जाने वाले कर्मचारी, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी, उद्योगों में काम करने वाले कर्मचारी, व्यापारी और आम नागरिक वर्षों से इस समस्या से जूझ रहे हैं। एलिवेटेड रोड बनने के बाद इस पूरे क्षेत्र की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।
भारी वाहन ऊपर, स्थानीय ट्रैफिक नीचे
प्रस्तावित योजना के अनुसार एलिवेटेड रोड का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कंटेनर डिपो और औद्योगिक क्षेत्रों की ओर जाने वाले भारी वाहन एलिवेटेड रोड से गुजरेंगे। वहीं नीचे की मौजूदा सड़क स्थानीय वाहनों, दोपहिया, कार और सार्वजनिक परिवहन के लिए उपलब्ध रहेगी। इस व्यवस्था से सड़क पर वाहनों का दबाव काफी कम होगा। ट्रैफिक जाम में कमी आएगी, यात्रा समय घटेगा और दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी। इससे पूरे क्षेत्र में आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम बनेगा।

इन क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ
इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ ग्रेटर नोएडा, नोएडा, दादरी, तिलपता, रूपवास, सूरजपुर, गाजियाबाद और दिल्ली की ओर आने-जाने वाले लोगों को मिलेगा। इसके अलावा कंटेनर डिपो, औद्योगिक इकाइयों और लॉजिस्टिक्स कंपनियों को भी तेज परिवहन सुविधा मिलेगी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद इस मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में यह एलिवेटेड रोड भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण आधारभूत परियोजना साबित हो सकती है।
पुलिस चौकी से कंटेनर डिपो तक बनेगा एलिवेटेड कॉरिडोर
प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार एलिवेटेड रोड की शुरुआत तिलपता गोलचक्कर स्थित पुलिस चौकी के पास से होगी और यह सीधे कंटेनर डिपो तक पहुंचेगा। परियोजना की कुल लंबाई लगभग चार किलोमीटर होगी। फिलहाल उत्तर प्रदेश सेतु निगम द्वारा सर्वेक्षण और डीपीआर तैयार की जाएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि सड़क कितनी लेन की होगी, कितने पिलर बनाए जाएंगे और परियोजना पर कुल कितनी लागत आएगी। प्राधिकरण इस कार्य के लिए प्रारंभिक धनराशि भी जारी कर चुका है।
शहर के भविष्य को ध्यान में रखकर बनाई जा रही योजना
ग्रेटर नोएडा लगातार औद्योगिक, शैक्षणिक और आवासीय केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। नई आईटी कंपनियां, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, वेयरहाउस, लॉजिस्टिक्स पार्क और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसी परियोजनाएं इस क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दे रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते सड़क नेटवर्क का विस्तार नहीं किया गया तो भविष्य में ट्रैफिक की समस्या और गंभीर हो सकती है। ऐसे में एलिवेटेड रोड जैसी परियोजनाएं शहर के सतत विकास के लिए बेहद आवश्यक हैं।
सीईओ रवि कुमार एनजी ने क्या कहा
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रवि कुमार एनजी ने कहा कि शहर में लगातार ट्रैफिक का दबाव बढ़ रहा है। तिलपता गोलचक्कर और कंटेनर डिपो के आसपास प्रतिदिन लंबा जाम लगता है, जिससे लोगों को काफी परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि एलिवेटेड रोड बनने के बाद ट्रैफिक का बेहतर प्रबंधन संभव होगा। इससे यात्रा समय कम होगा, लोगों को जाम से राहत मिलेगी और नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दादरी, गाजियाबाद तथा दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी पहले से कहीं अधिक बेहतर होगी।
क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर सड़क नेटवर्क केवल आवागमन को आसान नहीं बनाता बल्कि निवेश, उद्योग, रोजगार और रियल एस्टेट विकास को भी गति देता है। तिलपता एलिवेटेड रोड के निर्माण से आसपास के क्षेत्रों का आर्थिक विकास तेज होगा और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जुड़ी कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी। यह परियोजना भविष्य में ग्रेटर नोएडा को एक आधुनिक, सुगम और विश्वस्तरीय ट्रांसपोर्ट नेटवर्क वाले शहर के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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