ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। भारत के तेजी से उभरते हुए औद्योगिक और तकनीकी हब ग्रेटर नोएडा में गुरुवार, 21 नवंबर 2024, को एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला। ऑस्ट्रिया का 24 सदस्यीय सरकारी प्रतिनिधिमंडल, जिसका नेतृत्व टाइरोल इकोनॉमिक चैंबर के वाइस प्रेसीडेंट मैनफ्रेड प्लेजर कर रहे थे, ने ग्रेटर नोएडा का दौरा किया। इस दौरे का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में टूरिज्म, स्टार्टअप, कौशल विकास, रिसर्च, ड्रोन और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में निवेश और साझेदारी के अवसरों को तलाशना था।


ग्रेटर नोएडा के इंफ्रास्ट्रक्चर पर दी गई प्रस्तुति

प्रतिनिधिमंडल की पहली बैठक ग्रेटर नोएडा के जेपी रिसॉर्ट में आयोजित की गई। इस बैठक में ग्रेटर नोएडा, नोएडा और यमुना प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने अपने प्रस्तुतिकरण में शहर के विशेषताएं और विकास योजनाओं का खाका खींचा। उन्होंने बताया कि ग्रेटर नोएडा में मौजूद दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, डाटा सेंटर, नोलेज हब, और 2041 के मास्टर प्लान की परिकल्पना कैसे विदेशी निवेशकों के लिए अवसर प्रदान कर सकती है।
इस प्रस्तुति में मथुरा, अयोध्या और वाराणसी के पर्यटन स्थलों की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।


राज्यसभा सांसद का संबोधन, निवेश के लिए आदर्श गंतव्य

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद राज्यसभा सांसद मिथिलेश कुमार कठेरिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के विजन की प्रशंसा की।
उन्होंने कहा, "उत्तर प्रदेश सरकार और स्थानीय प्राधिकरण की नीतियों और योजनाओं ने राज्य को विदेशी निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य बना दिया है। ग्रेटर नोएडा का इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास मॉडल वैश्विक मानकों पर खरा उतरता है।"


प्रतिनिधिमंडल की प्रतिक्रिया और निवेश की योजना

ऑस्ट्रियाई प्रतिनिधिमंडल ने ग्रेटर नोएडा के इंफ्रास्ट्रक्चर की तारीफ की और विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी और निवेश की संभावना जताई।


प्रमुख प्रतिक्रियाएं:

प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय संस्कृति और व्यंजनों को खूब सराहा।

उन्होंने ग्रेटर नोएडा को टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का केंद्र मानते हुए यहां ज्वाइंट वेंचर्स शुरू करने में रुचि दिखाई।उन्होंने स्टार्टअप, रिसर्च और ड्रोन टेक्नोलॉजी में साझेदारी के अवसरों पर गहरी दिलचस्पी व्यक्त की।


बैठक के संचालन और समापन का विवरण

कार्यक्रम का संचालन एसीईओ प्रेरणा सिंह ने किया, जबकि समापन एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव द्वारा हुआ। इस दौरान यीडा की एसीईओ श्रुति सिंह, ओएसडी शैलेंद्र भाटिया, और नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ संजय खत्री समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
इन अधिकारियों ने निवेश यूपी की ओर से विस्तृत जानकारी साझा की और विदेशी निवेशकों को उत्तर प्रदेश की नई नीतियों से अवगत कराया।


कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण

  1. स्मार्ट सिटी की ओर कदम:
    ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अपने मास्टर प्लान 2041 के तहत शहर को स्मार्ट सिटी में बदलने की रणनीति साझा की।
  2. पर्यटन को बढ़ावा:
    मथुरा, अयोध्या और काशी के पर्यटन स्थलों को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने की योजनाएं पेश की गईं।
  3. कौशल विकास और रोजगार:
    कौशल विकास केंद्रों और स्टार्टअप के माध्यम से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने की योजनाओं पर चर्चा हुई।

भविष्य की योजनाएं और साझेदारी का रोडमैप

ऑस्ट्रियाई प्रतिनिधिमंडल और यूपी सरकार के बीच दीर्घकालिक साझेदारी का खाका तैयार किया गया।प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि वे जल्द ही कौशल विकास और टेक्नोलॉजी पर कार्यशालाएं आयोजित करेंगे।

ग्रेटर नोएडा में एक इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित करने की योजना पर चर्चा हुई।


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