जेवर/लखनऊ, रफ़्तार टूडे। उत्तर प्रदेश के विकास की गाथा में एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा के पटल से बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अगले महीने से नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (जेवर) से हवाई संचालन शुरू हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने इसे न सिर्फ प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि यह एयरपोर्ट भारत का सबसे बड़ा हवाई अड्डा होगा और उत्तर प्रदेश के तेज़ी से बदलते विकास मॉडल का प्रतीक बनेगा।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में वर्ष 2017 से पहले और अब के उत्तर प्रदेश की तुलना करते हुए कहा कि पहले प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी बेहद सीमित थी। उस समय यूपी में केवल चार एयरपोर्ट थे, जिनमें से भी दो ही पूरी तरह संचालित थे। लेकिन आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। वर्तमान में प्रदेश में 16 एयरपोर्ट संचालित हो रहे हैं और जेवर एयरपोर्ट इसके मुकुट का सबसे चमकदार रत्न होगा।


एक्सप्रेसवे से लेकर अर्थव्यवस्था तक बदली तस्वीर


मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में केवल डेढ़ एक्सप्रेसवे थे, जबकि आज प्रदेश में 22 एक्सप्रेसवे संचालित या निर्माणाधीन हैं। यह बदलाव केवल सड़कों का नहीं, बल्कि प्रदेश की सोच, नीति और प्राथमिकताओं का भी है।


आर्थिक आंकड़ों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के समय देश की अर्थव्यवस्था में यूपी की हिस्सेदारी करीब 14 प्रतिशत थी, लेकिन पिछली सरकारों की नीतियों के चलते यह घटकर 8 प्रतिशत से भी कम हो गई। बीते साढ़े आठ वर्षों में सरकार के प्रयासों से प्रदेश की जीएसडीपी 12.88 लाख करोड़ से बढ़कर 35-36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। वहीं, प्रति व्यक्ति आय जो पहले लगभग 43 हजार रुपये थी, अब बढ़कर करीब 1.20 लाख रुपये हो चुकी है।


न कर्फ्यू, न दंगा… यूपी में सब चंगा’


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले प्रदेश की पहचान दंगों, कर्फ्यू और अराजकता से होती थी। आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं।
उन्होंने कहा, “आज उत्तर प्रदेश की पहचान सुरक्षा, निवेश और विश्वास से होती है। न कर्फ्यू, न दंगा — यूपी में सब चंगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी समाज के लिए सबसे पहली आवश्यकता सुरक्षा होती है और सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। इसका परिणाम यह है कि आज निवेशक स्वयं उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आगे आ रहे हैं।


निवेश, रोजगार और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का हब बना यूपी


योगी आदित्यनाथ ने बताया कि अब तक प्रदेश को 45 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजनाएं जमीन पर उतर चुकी हैं। इनसे 7 लाख से अधिक युवाओं को सीधे रोजगार मिला है।
जल्द ही 5 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं की ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि आज देश का 55 प्रतिशत मोबाइल निर्माण उत्तर प्रदेश में हो रहा है, जो प्रदेश की औद्योगिक क्षमता को दर्शाता है।


योजनाओं में भेदभाव नहीं, हर गरीब को लाभ


वेलफेयर योजनाओं पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि सरकार ने कभी चेहरा देखकर योजनाओं का लाभ नहीं दिया। आवास योजना, राशन, उज्ज्वला गैस, आयुष्मान भारत, मुख्यमंत्री राहत कोष—सभी योजनाएं बिना भेदभाव लागू की गईं।
उन्होंने कहा कि जो लोग पहले योजनाओं से वंचित थे, उन्हें भी सूची में शामिल किया गया।


पूर्ववर्ती सरकारों पर तीखा प्रहार


मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जेपीएनआईसी और गोमती रिवरफ्रंट परियोजनाओं का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जहां 200 करोड़ की परियोजना 860 करोड़ खर्च के बाद भी अधूरी है, वहीं 150 करोड़ की परियोजना 1500 करोड़ खर्च के बाद भी पूरी नहीं हो पाई। इसके विपरीत, वर्तमान सरकार ने परियोजनाओं को कम लागत और बेहतर गुणवत्ता के साथ पूरा किया है।

जेवर एयरपोर्ट बनेगा विकास की नई पहचान


अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट केवल एक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि नए उत्तर प्रदेश की उड़ान है। यह परियोजना आने वाले वर्षों में लाखों युवाओं के लिए रोजगार, व्यापार और वैश्विक पहचान का माध्यम बनेगी।
उत्तर प्रदेश अब सिर्फ संभावनाओं का प्रदेश नहीं, बल्कि परिणामों का प्रदेश बन चुका है—और जेवर एयरपोर्ट इसकी सबसे ऊंची उड़ान साबित होने जा रहा है।