ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।। शहर को साफ-सुथरा और सुनियोजित बनाए रखने की मुहिम को एक नई दिशा देते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के स्वास्थ्य विभाग ने आवासीय वेलफेयर एसोसिएशनों (RWA) के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। यह बैठक सोमवार को सेक्टर अल्फा-1, अल्फा-2, बीटा-1, बीटा-2, गामा-1 और गामा-2 के आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों तथा ग्राम रामपुर जागीर और नवादा के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में संपन्न हुई।


स्वच्छ शहर की दिशा में सामूहिक प्रयास

बैठक का आयोजन प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस के दिशा-निर्देश पर किया गया था, जिसकी अध्यक्षता स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक चेतराम सिंह ने की। प्रबंधक संध्या सिंह भी बैठक में शामिल रहीं। इसमें शहर को स्वच्छ और हरित बनाने के लिए RWA प्रतिनिधियों से सहयोग की अपील की गई और यूज़र चार्जेस की अवधारणा को लेकर स्पष्टता प्रदान की गई।


यूज़र चार्जेस का विस्तृत ढांचा: जानिए कितनी होगी मासिक फीस

प्राधिकरण ने बैठक में बताया कि ग्रेटर नोएडा में कूड़ा उठाने के लिए केवल न्यूनतम यूज़र चार्जेस वसूले जाएंगे। इसकी विस्तृत श्रेणियां निम्न प्रकार हैं:

  • ? 200 वर्ग मीटर तक के भूखंडों पर – ₹80 प्रति माह
  • ?️ 200 से 300 वर्ग मीटर तक के भूखंडों पर – ₹100 प्रति माह
  • ? 300 से 500 वर्ग मीटर तक के भूखंडों पर – ₹120 प्रति माह
  • ? 500 वर्ग मीटर से अधिक के भूखंडों पर – ₹150 प्रति माह

चेतराम सिंह ने स्पष्ट किया कि ये शुल्क स्वच्छता नियमों के अनुकूल और प्राधिकरण की पिछली बोर्ड बैठक में अनुमोदित हैं। ये चार्जेस नोएडा प्राधिकरण की तर्ज पर तय किए गए हैं, जहां पहले से ही इस प्रकार के यूजर शुल्क लागू हैं।


कौन करेगा कूड़ा संग्रहण?

ब्लू प्लेनेट संस्था को कूड़ा उठाने की ज़िम्मेदारी दी गई है, जो ग्रेटर नोएडा के सेक्टरों और गांवों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण का कार्य कर रही है। प्राधिकरण ने यह भी सुनिश्चित किया है कि नागरिकों को समय पर और प्रभावी सेवा मिले।


? समस्याएं भी उठीं, समाधान का मिला आश्वासन

बैठक के दौरान आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने अपने सेक्टरों से जुड़ी समस्याओं को भी सामने रखा, जिसमें कचरा संग्रहण की समयबद्धता, कर्मचारियों की संख्या और कुछ सेक्टरों में वाहन ना पहुंचने जैसी बातें शामिल थीं। प्राधिकरण ने इन समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।


?️ एसीईओ की नागरिकों से अपील

श्रीलक्ष्मी वीएस, एसीईओ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा, “ग्रेटर नोएडा को स्वच्छ, सुंदर और स्मार्ट बनाने के लिए प्रशासन और नागरिकों के बीच साझेदारी अत्यंत आवश्यक है। हम न्यूनतम शुल्क लेकर अधिकतम स्वच्छता देने की दिशा में काम कर रहे हैं।”


? क्यों जरूरी हैं यूज़र चार्जेस?

  • ✅ सफाई कर्मियों की नियमित नियुक्ति
  • ✅ कचरा संग्रहण के लिए आधुनिक गाड़ियाँ
  • ✅ डंपिंग से निपटने हेतु प्रोसेसिंग प्लांट
  • ✅ शहर की रैंकिंग में सुधार हेतु स्वच्छता मापदंड
  • ✅ 'स्वच्छ भारत मिशन' में योगदान

?️ भविष्य की रूपरेखा

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की योजना है कि आने वाले समय में कचरा प्रबंधन को और अधिक डिजिटल और पारदर्शी बनाया जाए। यूज़र चार्जेस से होने वाली आय को साफ-सफाई, सड़कों की सफाई, नालियों की नियमित सफाई और कचरा रिसाइक्लिंग परियोजनाओं में लगाया जाएगा।


? निष्कर्ष: ये कोई टैक्स नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का प्रतीक

शहर को साफ और सुंदर बनाए रखना केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि हर नागरिक की भी जिम्मेदारी है। यह यूज़र चार्जेस एक सामूहिक उत्तरदायित्व को दर्शाते हैं, जिससे हर घर, हर सेक्टर और हर गली स्वच्छ और स्वस्थ बन सके।


? सुझाव और शिकायतों के लिए

प्राधिकरण ने एक हेल्पलाइन नंबर और पोर्टल जल्द ही लॉन्च करने की भी बात कही है, जहां नागरिक अपनी समस्याएं और सुझाव साझा कर सकेंगे।


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