? नोएडा, रफ़्तार टुडे।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को वैश्विक बाजारों से जोड़ने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए एशियाई भारतीय चैंबर ऑफ कॉमर्स (AICC) ने ‘भारत आपूर्तिकर्ता विविधता कार्यक्रम’ (ISDP) का शुभारंभ किया। नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित इस भव्य लॉन्चिंग इवेंट में कई प्रतिष्ठित नीति निर्माता, उद्योग जगत के दिग्गज और वैश्विक व्यापार प्रतिनिधि शामिल हुए।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य:
महिलाओं और वंचित समुदायों के स्वामित्व वाले MSMEs को वैश्विक आपूर्ति शृंखला में स्थान दिलाना।
छोटे और मध्यम उद्यमों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचने के लिए जरूरी संसाधन और प्रमाणन प्रदान करना।
वैश्विक स्तर पर भारतीय MSMEs की भागीदारी बढ़ाकर समावेशी आर्थिक विकास को गति देना।


? MSMEs को मिलेगा इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म, B2B नेटवर्किंग का बड़ा मौका

AICC ने इस पहल के तहत भारतीय MSMEs, बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs), सरकारी खरीद एजेंसियों और वैश्विक व्यापार संगठनों के बीच प्रत्यक्ष जुड़ाव के लिए B2B मैचमेकिंग और व्यापार प्रतिनिधिमंडल को बढ़ावा देने का फैसला किया है।

? इवेंट के मुख्य अतिथि
➡️ कौशल विकास राज्य मंत्री – जयंत चौधरी
➡️ सांसद (कौशल विकास) – राजकुमार सांगवान
➡️ सांसद (उत्तर प्रदेश) – मिथिलेश कुमार

इन नेताओं ने भारतीय MSMEs की अर्थव्यवस्था में भूमिका और वैश्विक व्यापार नेटवर्क में उनके योगदान को लेकर अपनी बात रखी और सरकार द्वारा MSME सेक्टर को दिए जा रहे समर्थन को दोहराया।


? ‘लापता मध्य’ की समस्या को दूर करेगा ISDP, छोटे व्यवसायों को मिलेगा इंटरनेशनल सर्टिफिकेशन

AICC ने अपने इस कार्यक्रम को ‘लापता मध्य’ (Missing Middle) की चुनौती का समाधान बताया।

? ‘लापता मध्य’ क्या है?
भारत में कई MSMEs किसी भी बड़े प्लेटफॉर्म से जुड़ नहीं पाते क्योंकि उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन, बाजार तक पहुंच और वित्तीय सहायता नहीं मिलती। ISDP इस खाई को पाटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

? कैसे करेगा मदद?
MSMEs को वैश्विक अनुपालन मानकों पर तैयार किया जाएगा।
बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ जोड़ने के लिए डिजिटल डेटाबेस में लिस्टिंग होगी।
व्यवसायों को ऑपरेशनल दक्षता बढ़ाने के लिए मेंटरशिप और टेक्नोलॉजी सपोर्ट मिलेगा।
कंपनियों को प्रमाणन दिलाकर उन्हें ग्लोबल सप्लाई चेन में स्थान दिलाने की पहल।


? ग्लोबल दिग्गजों का मिला समर्थन, सनोफी-IBM जैसी कंपनियां होंगी भागीदार

भारत आपूर्तिकर्ता विविधता कार्यक्रम (ISDP) को दुनिया की कई बड़ी कंपनियों का समर्थन मिला है, जिनमें शामिल हैं:

? सनोफी (Sanofi)
? जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson & Johnson)
? माइक्रोन (Micron)
? रीजेनरॉन (Regeneron)
? सिटीबैंक (Citibank)
? रेडियन (Radian)

इन कंपनियों ने MSMEs को सप्लाई चेन में स्थान देने की जरूरत को समझा और उनके लिए वैश्विक स्तर पर नए अवसर देने का समर्थन किया।


? कार्यक्रम के प्रमुख वक्ता – MSME सेक्टर के लिए बड़ी घोषणाएं

? AICC अध्यक्ष कोमल डांगी ने कहा"आपूर्तिकर्ता विविधता विकास के नए रास्ते खोलती है। ISDP भारतीय छोटे व्यवसायों को ग्लोबल सप्लाई चेन तक पहुंच प्रदान करेगा और उनके प्रभाव को बढ़ाने में मदद करेगा।"

? ISDP अध्यक्ष राजीव कृष्ण बोले"एक मजबूत आपूर्तिकर्ता विविधता कार्यक्रम न केवल छोटे व्यवसायों को बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था को लाभ पहुंचाता है।"

? सनोफी की वैश्विक प्रमुख (विविधता और खरीद जोखिम) राखी अग्रवाल ने कहा"यह पहल विविध व्यवसायों के लिए अवसर खोलेगी और उन्हें वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा करने का उचित मौका मिलेगा।"


? MSMEs के लिए इंटरनेशनल सर्टिफिकेशन और सपोर्ट, ऐसे मिलेगी ग्लोबल पहचान

ISDP ने MSMEs को सप्लाई चेन में स्थापित करने के लिए ‘बिलियन डॉलर राउंडटेबल’ (BDR) जैसे इंटरनेशनल फ्रेमवर्क को अपनाने का निर्णय लिया है।

? ISDP की खास विशेषताएं:
प्रमाणित आपूर्तिकर्ता डेटाबेस – MSMEs को एक ग्लोबल डेटाबेस में शामिल किया जाएगा।
इंटरनेशनल मानकों के अनुरूप मेंटरशिप और तकनीकी सहायता।
वैश्विक खरीद मानकों को पूरा करने के लिए प्रशिक्षण।


? निष्कर्ष – MSMEs के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित होगा ISDP

? AICC का यह कार्यक्रम भारतीय MSMEs को इंटरनेशनल लेवल पर पहचान दिलाने में मदद करेगा।
? अब छोटे और मध्यम व्यापारियों को विश्व स्तरीय प्रमाणन, ग्लोबल सप्लाई चेन में स्थान और बड़े कॉर्पोरेट्स के साथ काम करने के मौके मिलेंगे।
? भारत को वैश्विक व्यापार में एक महत्वपूर्ण शक्ति बनाने के लिए ISDP एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता है।

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